सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
वित्तीय कठिनाइयों से सफाई सेवाओं से जुड़े उद्यम तक: नमस्ते-एसयूवाई के तहत चेतन कुमार कौशिक की आत्मनिर्भरता की यात्रा
प्रविष्टि तिथि:
01 SEP 2026 6:43PM by PIB Delhi
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद के निवासी 32 वर्षीय चेतन कुमार कौशिक ने वर्षों की वित्तीय कठिनाइयों को आत्मनिर्भरता एवं सम्मान की यात्रा में बदल दिया है। 12वीं कक्षा तक शिक्षित चेतन, नगर निगम गाजियाबाद के मोहन नगर जोन के अंतर्गत मोहन नगर तथा साहिबाबाद इलाकों में सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई (सक्शन) संबंधी सेवाएं प्रदान करते हैं।
वर्षों से, सफाई-संबंधी काम ही चेतन की आजीविका का मुख्य स्रोत रहा। लगातार काम करने के बावजूद, उनकी सीमित कमाई का अधिकांश हिस्सा घर के खर्चों और परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वहन में ही खर्च हो जाता था। इससे बचत, कारोबार बढ़ाने या दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत कम गुंजाइश बचती थी।
उनका संकट तब और बढ़ गया जब उनकी मां गंभीर रूप से बीमार पड़ गईं और उन्हें लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ी। परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य के तौर पर, चेतन पर अपनी गृहिणी पत्नी का खर्च उठाने और मां के इलाज की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने सफाई के काम से बचाए गए पैसों का उपयोग करके अच्छे अस्पतालों में अपनी मां का इलाज करवाया। उनके सभी प्रयासों के बावजूद, 2022 में उनकी मां का निधन हो गया। यह अनुभव भावनात्मक रूप से बेहद दुखद और वित्तीय रूप से भारी पड़ने वाला था, लेकिन चेतन ने दृढ़ संकल्प के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाना जारी रखा।
नमस्ते स्कीम के ‘स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई)’ नाम के घटक के जरिए एक निर्णायक बदलाव आया। चेतन को सफाई सेवाओं से जुड़े अपने कारोबार को सुदृढ़ करने और आगे बढ़ाने हेतु वित्तीय सहायता मिली, जिसमें शुरुआती पूंजीगत सब्सिडी भी शामिल थी।
कुल 8.90 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए 5,42,500 रुपये का ऋण और 3,47,500 रुपये की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की गई। इस सहायता से उन्हें अपनी सक्शन-मशीन के कामकाज को बेहतर बनाने और मोहन नगर जोन के विभिन्न इलाकों में बेहतर सफाई संबंधी सेवाएं प्रदान करने में मदद मिली।

बेहतर उपकरणों और आजीविका के बढ़े हुए साधनों के साथ, चेतन की मासिक आय बढ़कर लगभग 40,000 से 50,000 रुपये तक हो गई। इस पहल से उनके घर की आर्थिक स्थिति में काफी स्थिरता आई, परिवार की जिम्मेदारियां निभाने की उनकी क्षमता बढ़ी और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली।
चेतन अभी हर महीने ऋण की 12,100 रुपये की किस्त चुकाते हैं। सिर्फ लगभग 67,000 रुपये की रकम बकाया है और उन्हें उम्मीद है कि वे अक्टूबर 2026 तक पूरा ऋण चुका देंगे।
आज, चेतन सफाई सेवाओं से जुड़े अपने कारोबार को सफलतापूर्वक चला रहे हैं। इस योजना ने न केवल उनकी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ किया है।
उनकी यह यात्रा इस बात को दर्शाती है कि कैसे समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता एवं आजीविका हेतु सहयोग, सफाई कर्मचारियों को आर्थिक बाधाओं से उबरने और टिकाऊ कारोबार खड़ा करने में मदद कर सकता है। दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत एवं नमस्ते-एसयूवाई के तहत मिले सहयोग से, चेतन सफाई कार्यों से जुड़े कारोबार और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं।
दिनांक 14 सितंबर 2021 को जारी की गई सहायता राशि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, आजीविका के अवसर को बेहतर बनाने और सुरक्षित व टिकाऊ उद्यमशीलता के जरिए सफाई कर्मियों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पीके/केसी/आर
(रिलीज़ आईडी: 2305717)
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