खान मंत्रालय
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छत्तीसगढ़ ने भारत के क्रिटिकल मिनरल इकोसिस्टम में अपनी भूमिका को मजबूत किया, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मिनरल डेवलपमेंट के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया



केंद्रीय राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने उद्योग जगत से अधिक भागीदारी का आह्वान किया


क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल ब्लॉक्स के आठवें चरण में में छत्तीसगढ़ के पांच मिनरल ब्लॉक्स शामिल किए गए 

प्रविष्टि तिथि: 31 AUG 2026 9:29PM by PIB Delhi

खान मंत्रालय ने आज रायपुर, छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी के आठवें चरण के लिए एक रोड शो का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे शामिल हुए। आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह भी वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के साथ उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के समृद्ध खनिज संसाधनों और भारत के खनन तथा औद्योगिक विकास में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने अधिक निवेश, खनिज संसाधनों के तेजी से विकास और केंद्र तथा राज्य के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से राज्य की खनिज क्षमताओं का पूरा उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने हितधारकों को निवेश को सुगम बनाने और सतत मिनरल डेवलपमेंट के लिए अनुकूल माहौल बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने भारत की आर्थिक वृद्धि, औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने उद्योग और निवेशकों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ ही इन संसाधनों के एक्सप्लोरेशन और विकास में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मिनरल वैल्यू चेन में मजबूत घरेलू क्षमताएं भारत की मिनरल सुरक्षा को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ के मजबूत खनन व औद्योगिक आधार तथा नई मिनरल वैल्यू चेन विकसित करने की इसकी क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश से नए औद्योगिक विकास केंद्रों को बढ़ावा मिल सकता है, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिल सकती है और स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल कार्यबल और संस्थागत सहयोग दीर्घकालिक निवेश के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ की विशाल खनिज संभावनाओं का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया और तेजी से संचालन, पारदर्शी  माइनिंग प्रक्रियाओं और तकनीक-आधारित खनिज निगरानी पर राज्य के ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने जनजातीय टिन संग्राहकों को पारदर्शी लाभ वितरण के लिए टिन पोर्टल और कोलंबाइट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन जैसी पहलों पर भी प्रकाश डाला।

खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने कहा कि नीतिगत सुधारों, पारदर्शी नीलामी और तेजी से संचालन ने भारत के क्रिटिकल मिनरल इकोसिस्टम को मजबूत किया है, जिसके तहत अब तक पेश किए गए 88 क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल ब्लॉक्स में से 56 की सफल नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आठवें चरण में नौ राज्यों के 20 ब्लॉक्स शामिल हैं—जिनमें 17 कंपोजिट लाइसेंस और 3 माइनिंग लीज हैं। ये ब्लॉक्स ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लौकोनाइट से संबंधित हैं, जिनमें से पांच छत्तीसगढ़ में स्थित हैं।

खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री संदीप कदम ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक उद्योगों के लिए क्रिटिकल मिनरल्स के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने नीलाम किए गए ब्लॉक्स के त्वरित संचालन के साथ-साथ खनन से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग और वैल्यू एडिशन की दिशा में बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एक मजबूत घरेलू सप्लाई चेन और एक आत्मनिर्भर क्रिटिकल मिनरल इकोसिस्टम के निर्माण के लिए केंद्र, राज्यों और उद्योग के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया।

तकनीकी सत्र की शुरुआत एनएमईडीटी के महानिदेशक श्री पंकज गर्ग के प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति हेतु एनएमईडीटी योजना की जानकारी दी गई। इसके बाद संभावित बोलीदाताओं को 8वें चरण के तहत प्रस्तावित मिनरल ब्लॉक्स और नीलामी ढांचे के बारे में विस्तृत विवरण दिया गया। इसमें एमईसीएल के विभागाध्यक्ष (एक्सप्लोरेशन) श्री श्रीकांत शर्मा ने ब्लॉक्स और उनकी संभावनाओं पर; एसबीआईकैप्स के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्री प्रतिन शर्मा ने खनिज नीलामी प्रक्रिया और निविदा दस्तावेज पर तथा एमएसटीसी के सहायक प्रबंधक श्री पुष्कर हजेला ने ई-नीलामी प्रक्रिया पर जानकारी प्रस्तुत की। सत्र का समापन संभावित बोलीदाताओं के साथ संवाद के साथ हुआ, जिसमें उनके प्रश्नों के उत्तर दिए गए और नीलामी प्रक्रिया व संबंधित पहलुओं पर स्पष्टीकरण प्रदान किया गया।

यह रोडशो खनिज एक्सप्लोरेशन में तेजी लाने, निवेश व निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने और एक आत्मनिर्भर तथा खनिज-सुरक्षित भारत के दृष्टिकोण की दिशा में भारत की क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रोडशो के बाद, आवंटित ब्लॉक्स को शीघ्र ऑपरेशनलाइज करने में तेजी लाने के लिए खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र की अध्यक्षत में मिनरल ब्लॉक आवंटियों और प्रेफर्ड बिडर्स के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के खान मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों ने ब्लॉक्स की प्रगति की समीक्षा की, प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की और उनके समयबद्ध समाधान के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। इस बैठक ने आवंटियों को कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों को उठाने और उपयुक्त सहायता प्राप्त करने के लिए एक मंच भी प्रदान किया, जिसने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, घरेलू खनिज उत्पादन में वृद्धि और भारत की मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।

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