कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण है: डॉ. जितेंद्र सिंह
कॉर्पोरेट क्षेत्र के पेशेवरों की जिम्मेदार शासन व्यवस्था, नैतिक कार्यप्रणाली और संस्थागत जवाबदेही को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका है: डॉ. जितेंद्र सिंह
‘इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया’ (आईसीएसआई) के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की
प्रविष्टि तिथि:
28 AUG 2026 5:14PM by PIB Delhi
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अच्छा कॉर्पोरेट गवर्नेंस भारत के विकास के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने यह बात ‘इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया’ (आईसीएसआई) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान कही। प्रतिनिधिमंडल उन्हें 2027 में आयोजित होने वाले ‘कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए 26वें आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण देने आया था।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पेशेवर उत्कृष्टता के महत्व पर जोर देते हुए भारत की शासन व्यवस्था में कंपनी सचिवों की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार शासन व्यवस्था, नैतिक कार्यप्रणाली और संस्थागत जवाबदेही को बढ़ावा देने में कॉर्पोरेट क्षेत्र के पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
केंद्रीय मंत्री ने भारत की विकास यात्रा में कंपनी सचिवों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया और कहा कि कॉर्पोरेट तथा आर्थिक व्यवस्था में सुशासन की प्रक्रियाओं को मजबूत करने में उनकी पेशेवर विशेषज्ञता महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के सफर में पेशेवर उत्कृष्टता और अच्छे कॉर्पोरेट गवर्नेंस को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने नैतिक उद्यमिता और सुशासन की मजबूत संस्कृति विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईसीएसआई जैसे पेशेवर संस्थानों की भूमिका शासन के मानकों को बढ़ावा देने और ऐसी कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण है, जो संस्थागत उत्कृष्टता में योगदान देती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने मानकों और कार्यप्रणालियों को लगातार बेहतर बनाने में पेशेवर संस्थानों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं और पेशेवरों को पहचान देने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनी सेक्रेटरी अपनी पारंपरिक पेशेवर जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर, खासकर गवर्नेंस सिस्टम को मजबूत करने और अपनी विशेषज्ञता के जरिए संस्थानों को सहयोग देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पेशा पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सुशासन की संस्कृति को बढ़ावा देकर भारत के विकास में व्यापक योगदान दे सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने पंचायतों और स्थानीय निकायों के कामकाज से जुड़ी आईसीएसआई की पहलों पर भी ध्यान दिया। उन्होंने कई भाषाओं में मैनुअल और प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने के संस्थान के प्रयासों की सराहना की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने संस्थान की प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में आईसीएसआई के प्रयासों की भी प्रशंसा की, जिसमें चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक मतदान और प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली को अपनाना शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेंद्र सिंह को आईसीएसआई और उसकी विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के 80,000 से अधिक सदस्य और लगभग 2,50,000 छात्र हैं।
इस संवाद में आईसीएसआई की उन पहलों पर भी चर्चा हुई, जो पेशेवर मानकों, सचिवीय मानकों, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ‘कॉर्पोरेट गवर्नेंस में उत्कृष्ट कार्य को साकार करने’ के लिए दिए जाने वाले लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से जुड़ी हैं।



*********
पीके/केसी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2304430)
आगंतुक पटल : 49