कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
म.प्र. में ग्रीष्म मूंग खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, 5.33 लाख टन से अधिक खरीदी; केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की समीक्षा
PM-AASHA के तहत म.प्र. के किसानों को बड़ा लाभ, मूंग खरीद स्वीकृत सीमा के भीतर पूरी- श्री शिवराज सिंह चौहान
मूंग की खरीद के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन की स्वीकृति दी थी, किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 84,492 मीट्रिक टन मात्रा भी स्वीकृत की- श्री शिवराज सिंह
केंद्र से ग्रीष्म 2026 में म.प्र. की मूंग खरीद 5.39 लाख टन स्वीकृत, 5.33 लाख टन खरीदी
सभी इच्छुक पंजीकृत किसानों से मूंग की खरीद, MSP पर मिला उचित मूल्य- श्री शिवराज सिंह
केंद्र–म.प्र. बैठक में मूंग खरीद और फसल बीमा मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
NAFED और NCCF के जरिए हुई मूंग खरीद, लाखों किसानों को मिला सीधा लाभ; श्री शिवराज सिंह ने की सराहना
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीद, भुगतान और बीमा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे- श्री शिवराज सिंह
प्रविष्टि तिथि:
27 AUG 2026 5:56PM by PIB Delhi
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में मध्य प्रदेश के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस समीक्षा बैठक में म.प्र. में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद, किसानों को MSP का लाभ तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि म.प्र. सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन के दौरान मूंग की खरीद के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन की मात्रा स्वीकृत की गई थी। इसके बाद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 84,492 मीट्रिक टन मात्रा भी स्वीकृत की गई। इससे राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आया। इस प्रकार, ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में मध्य प्रदेश के लिए मूंग की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा 5,39,072 मीट्रिक टन रही। मूंग खरीद अवधि अब समाप्त हो चुकी है और राज्य में कुल 5.33 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद की गई है। यह खरीद स्वीकृत सीमा के भीतर रही और सभी इच्छुक तथा पंजीकृत किसानों से उनकी उपलब्ध मूंग की खरीद की गई। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य MSP पर प्राप्त हुआ और उन्हें सीधे लाभ मिला।
मूंग खरीद कार्य मुख्यतः NAFED और NCCF के माध्यम से किया गया। खरीद व्यवस्था के तहत किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली। पिछले वर्ष की तुलना में भी इस वर्ष मूंग खरीद में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। ग्रीष्म 2025 में जहां 4,19,692 मीट्रिक टन की स्वीकृत मात्रा के विरुद्ध 3,93,123.79 मीट्रिक टन की खरीद हुई थी, वहीं ग्रीष्म 2026 में स्वीकृति और वास्तविक खरीद दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह किसानों के लिए अधिक समर्थन और बाजार में अधिक भरोसे का संकेत है।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत म.प्र. में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इसके लिए टर्म-शीट फाइनल करने का अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में आवश्यक पहल करते हुए टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध करा दी है और शीघ्र क्रियान्वयन का आग्रह किया है। WINDS प्रणाली के क्रियान्वयन को लेकर भी बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय विभाग ने समय-समय पर राज्य सरकार को इस प्रणाली को लागू करने के लिए पत्राचार किया है, लेकिन राज्य में इसका क्रियान्वयन अभी लंबित है। अधिकारियों ने कहा कि WINDS के बिना RWBCIS को प्रभावी ढंग से लागू करना कठिन होगा, इसलिए इसे जल्द लागू किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत तकनीकी आधारित उपज आकलन पर भी विचार किया गया। वर्तमान में म.प्र. प्रमुख फसलों के लिए तकनीकी आधारित उपज आकलन अपना रहा है। केंद्र सरकार ने सुझाव दिया कि Crop Cutting Experiments (CCEs) को पुनः लागू किया जाए, ताकि तकनीकी मॉडल का ground-truthing और recalibration किया जा सके। साथ ही, तकनीकी और फील्ड-आधारित आंकड़ों के बेहतर समन्वय के लिए Blended Approach अपनाने की सलाह दी गई।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीद, भुगतान और बीमा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि समय पर खरीद, उचित MSP और प्रभावी फसल बीमा व्यवस्था किसानों की आय और भरोसे को मजबूत करती है।
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RC/MS
(रिलीज़ आईडी: 2303844)
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