रक्षा मंत्रालय
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने आईसीजीएस अजीत को भारतीय तटरक्षक बल को सौंपा
प्रविष्टि तिथि:
25 AUG 2026 6:20PM by PIB Delhi
रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) ने आज भारतीय तटरक्षक बल को अत्याधुनिक तेज गश्ती पोत (एफपीवी) आईसीजीएस अजीत (यार्ड 1277)—औपचारिक रूप से सौंपकर स्वदेशी जहाज निर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
इस महत्वपूर्ण समारोह से पहले ‘प्रथम वाचन समारोह’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री ब्रजेश कुमार उपाध्याय, निदेशक (संचालन) रियर एडमिरल नेल्सन डिसूजा (एनएम, भारतीय नौसेना—सेवानिवृत्त), निदेशक (वित्त) श्री जहांगीर आलम अंसारी, निदेशक (सीपीपी और बीडी) श्री नागेश दास पाई, डीआईजी वी. के. परमार (टीएम, पीडी—मैट) और आईसीजीएस अजीत के कमांडिंग ऑफिसर कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) मनीष टलन सहित भारतीय तटरक्षक बल तथा गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित आईसीजीएस अजीत भारत के घरेलू रक्षा पोत-निर्माण उद्योग की बढ़ती क्षमताओं और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
51.43 मीटर लंबे और 8 मीटर चौड़े इस पोत का भार विस्थापन 330 टन है और इसका ड्राफ्ट 2.5 मीटर है। यह दो समुद्री डीजल इंजनों से संचालित होता है, जो नियंत्रित पिच प्रोपेलर (सीपीपी) को घुमाते हैं। तेज गश्ती पोतों की इस श्रेणी में यह अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिससे पोत की प्रणोदन क्षमता और परिचालन प्रदर्शन बेहतर होता है।
27 नॉट से अधिक की अधिकतम गति और 1,500 समुद्री मील की परिचालन सीमा वाले इस पोत में उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जो इसकी परिचालन तैयारी, क्षमता और टिकाऊपन को बेहतर बनाती है।
आईसीजीएस अजीत का संचालन 6 अधिकारियों और 35 नाविकों की टीम करेगी। इस पोत को कई महत्वपूर्ण समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा, विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की निगरानी, तटीय गश्त, तस्करी और समुद्री डकैती रोकने के अभियान तथा खोज और बचाव अभियान शामिल हैं।
आईसीजीएस अजीत के शामिल होने से भारत के तटीय और अपतटीय क्षेत्रों की सुरक्षा में भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताएं मजबूत होंगी और देश के समुद्री सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ करने में योगदान मिलेगा।
इस पोत का हस्तांतरण भारत की रक्षा सेनाओं के लिए उन्नत एवं उच्च-प्रदर्शन वाले प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के प्रति गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा देने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत को वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की भूमिका को भी सुदृढ़ करता है।
प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्वदेशीकरण पर लगातार ध्यान देते हुए, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करने और देश की नीली अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पीके/केसी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2303417)
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