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एससी/एसटी उद्यमियों को विस्तार की राह दिखाएगा आई.आई.एम. रायपुर का बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम

14 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित; राष्ट्रीय एससी/एसटी हब के सहयोग से 5 अक्टूबर से शुरू होगा दूसरा बैच

72 घंटे की संरचित प्रबंधन शिक्षा के साथ 80 घंटे का व्यक्तिगत मार्गदर्शन; उद्यमों के लिए 90 से 180 दिनों का विकास रोडमैप तैयार होगा

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 6:08PM by PIB Raipur

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आई.आई.एम.) रायपुर ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई. मंत्रालय) के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हब (नेशनल एससी/एसटी हब) के सहयोग से बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के दूसरे बैच के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। कार्यक्रम मौजूदा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) उद्यमियों तथा उद्यमिता की आकांक्षा रखने वाले एससी/एसटी उद्यमियों के आश्रितों के लिए तैयार किया गया है। कार्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026 है और इसका आयोजन 5 से 10 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य एससी/एसटी उद्यमियों को रोजमर्रा के संचालन और व्यवसाय के अस्तित्व से जुड़ी चुनौतियों से आगे बढ़ाकर योजनाबद्ध, टिकाऊ और विस्तार योग्य विकास के लिए आवश्यक प्रबंधकीय क्षमताएं उपलब्ध कराना है। आई.आई.एम. रायपुर के अनुसार, कई उद्यम स्थिर संचालन के स्तर तक पहुंचने के बाद मूल्य निर्धारण, नकदी प्रवाह प्रबंधन, बाजार विस्तार, औपचारिक खरीद प्रक्रियाओं, प्रौद्योगिकी अपनाने और अनुपालन जैसी चुनौतियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में केवल पूंजी तक पहुंच पर्याप्त नहीं होती, बल्कि मजबूत प्रबंधकीय क्षमता, बाजार की समझ, अनुशासित वित्तीय योजना और बड़े संस्थागत खरीदारों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी जरूरी होती है।

बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम इन्हीं व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। छह दिनों की कैंपस-आधारित शिक्षा और लाइव ऑनलाइन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को कुल 72 घंटे की संरचित प्रबंधन शिक्षा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 80 घंटे का एक-से-एक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रतिभागी अपने उद्यम की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप मूल्य निर्धारण, नकदी प्रवाह, बाजार विस्तार और अन्य व्यावसायिक निर्णयों पर काम कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक प्रतिभागी के उद्यम के लिए 90 से 180 दिनों का विशिष्ट कार्यान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा।

कार्यक्रम का निर्देशन आई.आई.एम. रायपुर के निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर, डीन-एक्सटर्नल रिलेशंस प्रो. सत्यशिबा दास और प्रो. जे. डैनियल इनबराज द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रबंधकीय शिक्षा को व्यावहारिक अनुप्रयोग से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। प्रतिभागियों को रणनीतिक निर्णय लेने, वित्तीय अनुशासन, बाजार विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा संस्थागत बाजारों तक पहुंच से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा।

आई.आई.एम. रायपुर के निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि एससी/एसटी नेतृत्व वाले उद्यमों में उद्यमशीलता की क्षमता प्रचुर है, लेकिन बड़े स्तर पर विस्तार के लिए आवश्यक प्रबंधकीय कौशल और संरचित मार्गदर्शन तक पहुंच का अभाव कई बार चुनौती बन जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एससी/एसटी हब, एम.एस.एम.ई. मंत्रालय के साथ आयोजित बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम का दूसरा बैच इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में शैक्षणिक कठोरता, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुप्रयोग को एक साथ लाकर रणनीतिक निर्णय लेने, वित्तीय अनुशासन, बाजार की समझ, प्रौद्योगिकी अपनाने और पेशेवर नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

डीन-एक्सटर्नल रिलेशंस प्रो. सत्यशिबा दास ने कहा कि कार्यक्रम की विशिष्टता इसके कार्यान्वयन-केंद्रित दृष्टिकोण में है। प्रतिभागियों को ऐसी सीख को व्यावसायिक निर्णयों में बदलने के लिए तैयार किया जाता है, जिस पर वे तत्काल अमल कर सकें। आई.आई.एम. रायपुर के संकाय सदस्यों, उद्योग विशेषज्ञों, सहकर्मियों और पारिस्थितिकी तंत्र के साझेदारों के साथ संवाद के माध्यम से प्रतिभागी मूल्य निर्धारण, नकदी प्रवाह, बाजार विस्तार, खरीद, रणनीतिक साझेदारी और प्रौद्योगिकी अपनाने जैसे विषयों पर अपने वास्तविक व्यावसायिक प्रश्नों के समाधान पर काम करेंगे। प्रत्येक प्रतिभागी अपने उद्यम की जरूरतों के अनुरूप कार्यान्वयन रोडमैप के साथ कार्यक्रम से आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य उद्यमियों के ज्ञान और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के बीच की दूरी को कम करना है। आई.आई.एम. रायपुर के अनुसार, पिछले प्रतिभागियों ने अधिक स्पष्ट रणनीतिक समझ, बेहतर बाजार विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल उपकरणों के उपयोग में बढ़ता आत्मविश्वास तथा सरकारी योजनाओं और वित्तपोषण माध्यमों तक बेहतर पहुंच जैसे लाभों की जानकारी दी है। यह कार्यक्रम समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ एससी/एसटी उद्यमों को अधिक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और विस्तार योग्य बनाने की दिशा में केंद्रित है।

अधिक जानकारी के लिए, https://iimraipur.ac.in/business-accelerator-program/ पर जाएँ।

 

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आरडीजे/बीकेटी


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