शिक्षा मंत्रालय
संसदीय प्रश्न: प्रधानमंत्री अनुसंधान चेयर (पीएमआरसी) योजना, 2026
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 6:37PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने शिक्षा के परिदृश्य को बहुविषयक, समावेशी एवं शिक्षार्थी-केंद्रित व्यवस्था में रूपांतरित करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 तैयार कर इसे अनुमोदित किया है। इस नीति का उद्देश्य शिक्षा में सभी के लिए समानता, गुणवत्ता एवं पहुंच को बढ़ाना है तथा उच्च शिक्षा के प्रमुख घटकों के रूप में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना है।
एनईपी 2020 के विज़न के अनुरूप, शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री अनुसंधान चेयर (पीएमआरसी) योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान अनुभव वाले प्रतिष्ठित भारतीय मूल के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और पेशेवरों को आकर्षित करना और उनसे जुड़ना है, जिससे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषयगत क्षेत्रों में अनुसंधान, मार्गदर्शन एवं संस्थागत क्षमता विकास के माध्यम से भारत की उच्च शिक्षा और अनुसंधान व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। इस योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों, अर्थात् अनुसंधान चेयर, वरिष्ठ फेलो और युवा अनुसंधान फेलो के तहत फेलोशिप का प्रावधान है
इस योजना के अंतर्गत सात संस्थानों को अग्रणी संस्थानों के रूप में चिन्हित किया गया है। आज की तिथि तक फेलोशिप के लिए 3,600 से अधिक आवेदन तथा मेजबान संस्थानों की ओर से 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए पीएमआरसी योजना हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना का उद्देश्य भारतीय मूल के शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों की सुव्यवस्थित भागीदारी का लाभ उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई), राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं तथा अनुसंधान केंद्रों तक पहुंचाकर भारत को अनुसंधान, नवाचार एवं ज्ञान सृजन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। योजना का विवरण तथा फेलो और मेजबान संस्थानों के लिए पात्रता मानदंड https://pmrc.education.gov.in/ पर उपलब्ध हैं।
यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2298572)
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