आयुष
azadi ka amrit mahotsav

आयुर्वेद में अनुसंधान क्षमता निर्माण

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 5:23PM by PIB Delhi

आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में बताया कि प्रयत्न आयुर्वेद स्नातकोत्तर/पीएच.डी. छात्रों के बीच वैज्ञानिक लेखन कौशल को बढ़ावा देने की आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) की प्रमुख पहल है। इस योजना का उद्देश्‍य आयुर्वेद क्षेत्र में प्रकाशनों की गुणवत्ता में सुधार करना है, ताकि प्रभावी प्रसार और उच्च प्रभाव वाले प्रकाशन हों।

 

योजना के तहत, कॉलेज/संस्थान रुचि पत्र (ईओआई) के माध्यम से आवेदन करते हैं, जिसके बाद वैज्ञानिक लेखन की मूल बातों पर केंद्रित दो ऑनलाइन अभिविन्यास सत्र - ओरिएंटेशन आयोजित किए जाते हैं। इसके उपरांत शोधार्थियों को व्यक्तिगत पांडुलिपि सहायता प्रदान की जाती है। समीक्षा के बाद, शोधार्थियों को व्यावहारिक सहायता प्रदान करने और प्रकाशन हेतु तैयार पांडुलिपि तैयार करने में संस्थानों में 3 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाती है।

आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद-सीसीआरएएस द्वारा सीसीआरएएस डिजिटल इनिशिएटिव्स डैशबोर्ड विकसित किया गया है। यह परिषद के वेब-आधारित और डिजिटल संसाधन प्रदर्शित करने, उनकी सुलभता और अनुसंधान परिणामों तथा संस्थागत संसाधन के प्रसार को वेब-आधारित प्लेटफॉर्म पर सुगम बनाने का एकीकृत मंच है। यह डैशबोर्ड dashboard.ccras.org.in पर उपलब्ध है।

डैशबोर्ड में ऑफिस सूट (कंप्यूटर और मोबाइल पर काम आने वाले सॉफ़्टवेयर प्रोग्रामों का समूह), सीसीआरएएस संस्थान की वेबसाइटें, सीसीआरएएस के आंतरिक अनुप्रयोग, वेब पोर्टल - सूचना विज्ञान और प्वाइंट ऑफ केयर अनुप्रयोग (वे डिजिटल मोबाइल ऐप या साफ्टवेयर जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मरीज के बिस्तर या पास ही त्वरित चिकित्सा डेटा, दवा प्रबंधन और नैदानिक परीक्षण की सुविधा देते हैं), वेब पोर्टल - ज्ञान और साहित्य, वेब पोर्टल - योजनाएं, वेब पोर्टल - अन्य, मोबाइल अनुप्रयोग, परियोजना विशिष्ट अनुप्रयोग, परीक्षण के अधीन अनुप्रयोग, सीसीआरएएस पत्रिकाएं, सोशल मीडिया पेज और वेब पोर्टल तथा पुराने संस्करणों की खोज की सुविधा से युक्‍त है।

अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड और परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के तहत सीसीआरएएस संस्थानों के प्रत्यायन का विवरण अनुलग्नक I में संलग्न है।

आयुर्वेद प्रबोधिनी श्रृंखला के अंतर्गत विकसित शोध पद्धति की पाठ्यपुस्तक का विवरण अनुलग्नक -II में दिया गया है।

*****

अनुलग्नक -I

आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड' मान्यता प्राप्त संस्थान

क्रम संख्या

संस्थान का नाम

मान्यता संख्या

मान्य तिथि से

अधिकतम अवधि तक मान्य

नवीनीकृत वैधता

 

1.

 

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली

 

एएच-2022-0169

07.10.2022

06.10.2028

नवीनीकरण के लिए मूल्यांकन किया गया

2.

 

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर

 

एएच-2023-0188

13.03.2023

12.03.2026

नवीनीकरण के लिए एनएबीएच सचिवालय को भेजा गया

3.

 

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, जयपुर

 

एएच-2023-0189

13.03.2023

12.03.2026

 

12.03.2029

4.

 

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, ग्वालियर

एएच-2023-0187

 

13.03.2023

 

12.03.2026

 

12.03.2029

5.

 

 

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, कोलकाता

 

एएच-2023-0198

12.05.2023

11.05.2026

नवीनीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।

6.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, नागपुर

 

एएच-2023-0197

12.05.2023

11.05.2026

नवीनीकरण हो गया है। प्रमाणपत्र प्रतीक्षित है।

7.

 

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, जम्मू

 

एएच-2023-0196

12.05.2023

11.05.2026

 

11.05.2029

8.

 

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, विजयवाड़ा

 

एएच-2023-0201

12.05.2023

11.05.2026

नवीनीकरण हो गया है। प्रमाणपत्र प्रतीक्षित है।

9.

 

पंचकर्म के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, चेरुथुरुथी

 

एएच-2023-0208

05.07.2023

04.07.2026

नवीनीकरण के लिए एनएबीएच सचिवालय को भेजा गया

10.

 

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, गुवाहाटी

 

एएच-2023-0220

26.10.2023

25.10.2026

-

11।

 

आरआरएपी केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, मुंबई

 

एएच-2024-0239

03.04.2024

02.04.2027

-

12.

 

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ

एएच-2025-0426

23.12.2025

22.12.2028

-

 

बी. एनएबीएच से मान्यता प्राप्त सीसीआरएएस संस्थान (प्रवेश स्तर प्रमाणन)

 

क्रम संख्या

संस्थान का नाम

मान्यता संख्या

मान्य तिथि से

तक मान्य

नवीनीकरण / अन्य कार्रवाई

1.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु

ईएसी-2023-0006

05.01.2023

04.01.2025

प्रवेश स्तर से पूर्ण मान्यता के लिए आवेदन किया गया

2.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, रानीखेत

ईएसी-2023-0005

09.12.2025

08.12.2027

-

3.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अहमदाबाद

ईएसी-2023-0007

13.03.2023

12.03.2027

-

4.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, गंगटोक

ईएसी-2023-0012

12.05.2023

11.05.2027

-

5.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, मंडी

ईएसी-2024-0025

29.02.2024

28.02.2026

नवीनीकरण के लिए मूल्यांकन किया गया

6.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, खनिज एवं समुद्री चिकित्सा संसाधन, गोवा

ईएसी-2025-0048

08.04.2025

07.04.2027

-

7.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, ईटानगर

आवेदन संख्या: ईएसी/25/एन00788

ईएसी-2025-00650

09.12.2025

08.12.2028

-

 

सी. सीसीआरएएस (चिकित्सा प्रयोगशालाओं) की राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं

क्रमांक

संस्थान का नाम

मान्यता संख्या

मान्यता तिथि

तक मान्य

टिप्पणी

  1.  

राष्ट्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान पंचकर्म, चेरुथुरुथी

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-00231

14.04.2022

13.04.2025

नवीनीकरण के लिए मूल्यांकन किया गया

 

2.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, कोलकाता

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-03118

31.07.2025

30.07.2028

 

-

3.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु

एमसी-10023 - आईएसओ 15189:2022

02.04.2026

01.04.2030

 

-

4.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-00488

13.03.2023

12.03.2026

नवीनीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।

5.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, नागपुर

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-00591

30-05-2023

29.05.2026

नवीनीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।

6.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, गुवाहाटी

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-00594

30-05-2023

29.05.2026

नवीनीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।

7.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, ग्वालियर

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-00693

06.09.2023

05.09.2026

-

8.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटियाला

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02331

16.11.2023

15.11.2026

-

9.

एमएस क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, जयपुर

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02338

16.11.2023

15.11.2026

-

10.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02378

16.11.2023

15.11.2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

क्र. सं.

संस्थान का नाम

मान्यता संख्या

मान्यता तिथि

तक मान्य

टिप्पणी

11

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, जम्मू

एनएबीएल एम(ईएल)टी-02437

08.12.2023

07.12.2026

-

12.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, विजयवाड़ा

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02547

06.03.2024

05.03.2027

-

13.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, अहमदाबाद

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02565

19.03.2024

18.03.2027

-

14.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02647

02.08.2024

01.08.2027

-

15.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, लखनऊ

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02906

17.02.2025

16.02.2028

-

16.

आरआरएपी-केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, मुंबई

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-02941

18.03.2025

17.03.2028

-

17.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, मंडी

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-03354

21.01.2026

20.01.2029

-

18.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, भुवनेश्वर

एनएबीएल-एम(ईएल)टी-03468

18.06.2026

17.06.2029

-

 

डी. परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं के लिए सीसीआरएएस संस्थानों का एनएबीएल प्रत्यायन

( आईएसओ/आईईसी 17025:2017 )

 

क्रम संख्या

संस्थान का नाम

मान्यता संख्या

जारी करने की तिथि

तक मान्य

टिप्पणी

1.

सीएसएम केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, चेन्नई

टीसी-05423

(2017 से मान्यता प्राप्त) 12.02.2023

11.02.2029

-

2.

केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, झांसी

टीसी-15379

29.01.2025

28.01.2029

-

3.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, ग्वालियर

टीसी-15768

28.03.2025

27.03.2029

-

4.

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पुणे

टीसी-11420

06.03.2023

05.03.2029

-

5.

पंचकर्म के लिए राष्ट्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, चेरुथुरुथी

टीसी-17520

05.02.2026

04.02.2030

-

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अनुलग्नक - II

 

सीसीआरएएस द्वारा प्रकाशित 'अनुसंधान पद्धति पाठ्यपुस्तक' का विवरण

केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) आयुष मंत्रालय की सर्वोच्च संस्था है जो आयुर्वेद में वैज्ञानिक आधार पर अनुसंधान, समन्वय, विकास और संवर्धन में लगी है। इस वर्ष, उसने अपनी 'आयुर्वेद प्रबोधिनी ग्रंथमाला श्रृंखला' के अंतर्गत अनुसंधान पद्धति पर एक विस्तृत पाठ्यपुस्तक प्रकाशित की है, जो विशेष रूप से भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा कार्यान्वित एमडी/एमएस आयुर्वेद कर रहे स्नातकोत्तर छात्रों के लिए परिणाम-आधारित गतिशील पाठ्यक्रम के अनुरूप है।

स्नातकोत्तर छात्रों में आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांतों की गहन समझ और अनुप्रयोग विकसित करने की महत्‍वपूर्ण आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान पद्धति का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को संबंधित साहित्य की खोज, शोध प्रश्न निर्माण, परिकल्पना निर्धारण, शोध डिजाइन, डेटा विश्लेषण, नैतिक विचार और वैज्ञानिक लेखन की व्यापक जानकारी प्रदान करने के लिए सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध रूप में तैयार किया गया है।

पुस्तक में इक्कीस अध्याय हैं, जिन्हें संबंधित छह मॉड्यूल की विभिन्न इकाइयों की आवश्यकता अनुसार तैयार किया गया है। यह पुस्तक आयुष और आधुनिक विज्ञान दोनों धाराओं के वरिष्ठ प्रोफेसरों, विषय विशेषज्ञों और अनुसंधान पेशेवरों सहित 34 वैज्ञानिकों और 16 संकाय सदस्यों के संयुक्त प्रयास से तैयार की गई है। प्रत्येक अध्याय संरचित मसौदा तैयार करने, सहकर्मी समीक्षा और चरणबद्ध संपादकीय परिष्करण के तीन चरणों से गुजरा।

इस विषय पर प्रकाशन का यह पहला विशेष प्रयास है, जिसका उद्देश्य स्नातकोत्तर छात्रों के ज्ञान प्रज्वलित करना और उन्हें अनुसंधान संबंधी जानकारी और संबंधित कौशल से युक्‍त बनाना है जिससे वे भविष्य में अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर पेशेवर जीवन बना सकें।

***

पीके/केसी/एकेवी/एमपी


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