ग्रामीण विकास मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीएमएवाई-जी के अंतर्गत आवासों के निर्माण के संशोधित लक्ष्य

प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 5:56PM by PIB Delhi

पीएमएवाई-जी के तहत पिछले पाँच वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26) के दौरान, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को कुल 2.13 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसके सापेक्ष 1.95 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए हैं और 1.21 करोड़ आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। आवंटित लक्ष्यों, स्वीकृत किए गए आवासों, निर्मित आवासों और निर्माणाधीन आवासों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।

पिछले पाँच वित्तीय वर्षों के दौरान, मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को कुल 1,31,100.02 करोड़ रुपये का केंद्रीय अंश जारी किया गया है, जबकि इस योजना के तहत 2,17,896.40 करोड़ रुपये (केंद्रीय अंश और राज्य अंश दोनों को मिलाकर) व्यय किए गए हैं। मंत्रालय द्वारा जारी किए गए केंद्रीय अंश और पिछले पाँच वित्तीय वर्षों के दौरान उसके उपयोग का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुबंध-II में दिया गया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी के लिए आवास" के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के आवासों के निर्माण हेतु पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) को लागू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य 31.03.2029 तक 4.95 करोड़ आवासों के निर्माण के लिए सहायता प्रदान करना है। वर्तमान में, राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को 4.18 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, और राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार संख्या अनुबंध-III में दी गई है।

पीएमएवाई-जी की निधियों के जारी करने को, कुछ मामलों में रोक दिया गया था/विलंबित किया गया था, जहाँ कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताओं की सूचना मिली थी और संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई स्थापित नहीं की गई थी।

ओडिशा के मामले में, पीएमएवाई-जी के कार्यान्वयन में अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली शिकायतों का सत्यापन राज्य सरकार और मंत्रालय द्वारा नियुक्त केंद्रीय टीमों द्वारा की गई जांच के माध्यम से किया गया था। जांच से लाभार्थी चयन, निर्माण गुणवत्ता, निरीक्षण, पीएमएवाई-जी आवासों की ब्रांडिंग और योजना के दिशानिर्देशों के अनुपालन से संबंधित कमियों का पता चला। तदनुसार, राज्य सरकार को सुधारात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और एक कृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। चूंकि राज्य द्वारा शुरू में प्रस्तुत की गई एटीआर संतोषजनक नहीं पाई गई थी, इसलिए संतोषजनक अनुपालन होने तक केंद्रीय सहायता की अगली किस्तों के जारी करने को रोक दिया गया था। राज्य सरकार ने तब से आवश्यक सुधारात्मक और अनुशासनात्मक उपाय किए हैं और एक संतोषजनक एटीआर प्रस्तुत की है। तदनुसार, राज्य को पीएमएवाई-जी की निधियों को जारी करना पुनः शुरू कर दिया गया है।

पश्चिम बंगाल के मामले में, नवंबर 2022 में अंतिम रूप से तैयार की गई आवास+ 2018 सर्वेक्षण सूचियों से लक्ष्यों के आवंटन के बाद, पीएमएवाई-जी के कार्यान्वयन में अनियमितताओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों का सत्यापन राष्ट्रीय स्तर की निगरानी (एनएलएम) टीमों और वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों के माध्यम से किया गया था, जिसके बाद वित्त वर्ष 2022-23 से केंद्रीय अंश की निधियों को जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। राज्य द्वारा प्रस्तुत की गई एटीआर की वर्तमान में जांच की जा रही है।

 

अनुबंध-I

पीएमएवाई-जी के तहत पिछले पाँच वित्तीय वर्षों के दौरान आवंटित लक्ष्यों, स्वीकृत किए गए आवासों, निर्मित आवासों और निर्माणाधीन आवासों का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण (संख्या में):

क्र.सं.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम

मंत्रालय द्वारा आवंटित लक्ष्य

स्वीकृत आवास

निर्मित आवास

निर्माणाधीन आवास

कुल

2,13,48,133

1,95,51,954

1,20,92,885

74,59,069

1

अरुणाचल प्रदेश

5,519

5,497

5,497

-

2

असम

22,14,448

21,60,530

15,77,624

5,82,906

3

बिहार

23,13,218

22,10,782

15,35,021

6,75,761

4

छत्तीसगढ

15,45,080

13,55,436

9,81,442

3,73,994

5

गोवा

-

-

-

-

6

गुजरात

4,27,390

4,18,799

3,18,271

1,00,528

7

हरियाणा

84,805

54,825

19,808

35,017

8

हिमाचल प्रदेश

96,439

85,270

57,738

27,532

9

जम्मू और कश्मीर

2,05,814

1,98,913

1,92,983

5,930

10

झारखंड

8,15,210

7,41,113

4,61,279

2,79,834

11

केरल

91,343

64,502

20,190

44,312

12

मध्य प्रदेश

31,24,124

27,68,948

17,72,923

9,96,025

13

महाराष्ट्र

33,72,896

31,40,198

11,08,084

20,32,114

14

मणिपुर

79,518

72,780

25,234

47,546

15

मेघालय

1,25,943

1,22,386

1,01,439

20,947

16

मिजोरम

16,435

16,427

12,023

4,404

17

नागालैंड

30,797

30,700

22,266

8,434

18

ओडिशा

9,90,914

9,74,121

7,94,628

1,79,493

19

पंजाब

89,925

52,392

31,920

20,472

20

राजस्थान

11,69,987

11,09,648

7,30,290

3,79,358

21

सिक्किम

68

67

67

-

22

तमिलनाडु

4,64,231

2,57,745

2,35,333

22,412

23

त्रिपुरा

3,28,240

3,27,527

3,25,429

2,098

24

उत्तर प्रदेश

14,80,091

14,77,682

14,69,581

8,101

25

उत्तराखंड

43,994

42,812

42,652

160

26

पश्चिम बंगाल

12,61,003

12,60,941

1,52,014

11,08,927

27

अंडमान और निकोबार

2,092

1,288

279

1,009

28

दादरा और नगर हवेली

5,797

6,147

2,164

3,983

29

दमन और दीव

144

144

56

88

30

लक्षद्वीप

-

-

-

-

31

पुदुचेरी

-

-

-

-

32

आंध्र प्रदेश

1,79,594

1,79,410

41,781

1,37,629

33

कर्नाटक

7,81,949

4,13,799

53,744

3,60,055

34

तेलंगाना

-

-

-

-

35

लद्दाख

1,125

1,125

1,125

-

कुल

2,13,48,133

1,95,51,954

1,20,92,885

74,59,069

स्वीकृत किए गए आवासों के संबंध में

 

अनुबंध- II

पिछले पाँच वित्तीय वर्षों के दौरान मंत्रालय द्वारा जारी किए गए केंद्रीय अंश और उसके उपयोग का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण:

(रु करोड़ में)

क्र. सं.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम

जारी केंद्रीय अंश

उपयोग

1

अरुणाचल प्रदेश

376.04

422.60

2

असम

24,232.39

27,571.67

3

बिहार

15,446.89

28,259.34

4

छत्तीसगढ

9,269.61

16,046.93

5

गोवा

-

3.58

6

गुजरात

3,458.49

5,911.55

7

हरियाणा

211.34

378.34

8

हिमाचल प्रदेश

1,096.25

1,094.35

9

जम्मू और कश्मीर

2,679.59

3,212.04

10

झारखंड

3,699.24

9,287.36

11

केरल

222.07

449.90

12

मध्य प्रदेश

17,935.52

32,234.31

13

महाराष्ट्र

14,611.70

25,754.08

14

मणिपुर

612.59

680.90

15

मेघालय

1,788.82

1,931.22

16

मिजोरम

242.36

275.07

17

नागालैंड

472.11

545.38

18

ओडिशा

7,697.94

12,747.91

19

पंजाब

442.88

562.56

20

राजस्थान

6,119.99

10,873.43

21

सिक्किम

3.12

4.48

22

तमिलनाडु

3,073.99

4,512.87

23

त्रिपुरा

3,819.60

4,284.16

24

उत्तर प्रदेश

11,255.99

21,075.41

25

उत्तराखंड

659.34

739.09

26

पश्चिम बंगाल

687.84

6,659.62

27

अंडमान और निकोबार

5.45

9.44

28

दादरा और नगर हवेली

23.62

108.11

29

दमन और दीव

-

0.58

30

लक्षद्वीप

-

-

31

पुदुचेरी

-

-

32

आंध्र प्रदेश

271.66

713.21

33

कर्नाटक

661.72

1,525.84

34

तेलंगाना

-

-

35

लद्दाख

21.99

21.08

कुल

1,31,100.02

2,17,896.40

 केंद्रीय और राज्य दोनों के अंश सहित

अनुबंध-III

मंत्रालय द्वारा राज्य-वार आवंटित लक्ष्य (संख्या में):

क्र.सं.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम

मंत्रालय द्वारा आवंटित लक्ष्य

1

अरुणाचल प्रदेश

35,937

2

असम

29,62,945

3

बिहार

50,12,752

4

छत्तीसगढ

26,42,224

5

गोवा

257

6

गुजरात

8,39,116

7

हरियाणा

1,06,460

8

हिमाचल प्रदेश

1,08,389

9

जम्मू और कश्मीर

3,41,644

10

झारखंड

20,12,107

11

केरल

1,13,404

12

मध्य प्रदेश

57,74,572

13

महाराष्ट्र

43,80,522

14

मणिपुर

1,13,550

15

मेघालय

1,88,034

16

मिजोरम

29,967

17

नागालैंड

48,830

18

ओडिशा

28,28,739

19

पंजाब

1,13,911

20

राजस्थान

24,93,546

21

सिक्किम

1,399

22

तमिलनाडु

9,57,825

23

त्रिपुरा

3,76,913

24

उत्तर प्रदेश

42,77,493

25

उत्तराखंड

69,755

26

पश्चिम बंगाल

46,69,423

27

अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह

3,424

28

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

11,364

29

लक्षद्वीप

45

30

आंध्र प्रदेश

3,21,326

31

कर्नाटक

9,44,140

32

तेलंगाना

0

33

लद्दाख

3,004

कुल (सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए)

4,17,83,017

(4.18 करोड़)


यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

***

आर सी/ पीयू


(रिलीज़ आईडी: 2297774) आगंतुक पटल : 95
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu