कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

आईसीएआर की पहल, बेल्टुकरी के किसानों को वैज्ञानिक भंडारण के लिए वितरित किए 100 स्टोरेज बिन, फसल उपरांत नुकसान कम करने पर जोर

किसानों को धान की वैज्ञानिक खेती, कीट प्रबंधन और संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग की दी जानकारी

प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 7:08PM by PIB Raipur

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर-एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के अंतर्गत ग्राम बेल्टुकरी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों एवं किसान महिलाओं को 100 स्टोरेज बिन वितरित किए गए। पहल का उद्देश्य कृषि उपज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक भंडारण को बढ़ावा देना तथा भंडारण के दौरान होने वाले फसल उपरांत नुकसान को कम करना है।

किसानों को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ उपज का उचित एवं वैज्ञानिक भंडारण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक भंडारण पद्धतियों को अपनाने से कृषि उपज को नमी, कीट प्रकोप और भंडारण के दौरान होने वाले अन्य नुकसान से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। इससे उपज की गुणवत्ता और मात्रा को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।

डॉ. राय ने कहा कि कृषि उपज का वैज्ञानिक भंडारण फसल उपरांत नुकसान को कम करने के साथ किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त करने में भी सहायक है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक तकनीकों और उपयोगी कृषि ज्ञान को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. पंकज शर्मा, संयुक्त निदेशक एवं अनुसूचित जाति उपयोजना समन्वयक, ने किसानों से संवाद करते हुए धान की फसल में रोपाई के बाद अपनाई जाने वाली प्रमुख सस्य क्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने समय पर खरपतवार प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग, उचित जल प्रबंधन और फसल की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया।

डॉ. शर्मा ने किसानों को धान की फसल में आगामी समय में संभावित प्रमुख कीटों की पहचान एवं उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी भी दी। उन्होंने किसानों से फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीट प्रकोप की प्रारंभिक अवस्था में ही वैज्ञानिक सलाह के आधार पर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के माध्यम से किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए वैज्ञानिक जानकारी, कृषि उपकरण एवं यंत्र, प्रशिक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने तथा कृषि आय में वृद्धि के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करना है।

लाभार्थी किसानों एवं किसान महिलाओं ने स्टोरेज बिन उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिक कृषि संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन भंडारण सुविधाओं से कृषि उपज को सुरक्षित रखने और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलेगी। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. के.सी. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, द्वारा किया गया।

**
एसके/बीकेटी


(रिलीज़ आईडी: 2296604) आगंतुक पटल : 22
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English