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आर्थिक बाधाओं को पार करना: PM-YASASVI योजना ने दिव्या दराडे को एमबीए का सपना साकार करने में कैसे सहायता की

महाराष्ट्र | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

प्रविष्टि तिथि: 07 AUG 2026 7:32PM by PIB Delhi

उच्च शिक्षा में जीवन बदलने की ताकत होती है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए, आर्थिक तंगी प्रायः उनके सपनों को साकार करने में सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण महाराष्ट्र की 25 वर्षीय छात्रा सुश्री दिव्या दराडे का है, जो ओबीसी (NT-D) समुदाय की हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओबीसी’, ईबीसी और डीएनटी विद्यार्थियों के लिए टॉप क्लास शिक्षा हेतु PM-YASASVI योजना' ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उनके संकल्प को और मजबूत किया।

बचपन से ही दिव्या ने पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया और सफल प्रोफेशनल करियर बनाने के प्रति प्रतिबद्ध रहीं। उनकी इच्छा प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए करने और अपने अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने की थी। यद्यपि, कम सालाना आय वाले परिवार से होने के कारण, अच्छी क्वालिटी वाली मैनेजमेंट शिक्षा की भारी लागत बड़ी चुनौती थी। भारी ट्यूशन फीस और शिक्षा से जुड़े अन्य खर्चों के कारण उनके परिवार के लिए उनकी उच्च शिक्षा का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया था।

उनकी शैक्षणिक क्षमता को देखते हुए, उन्हें PM-YASASVI योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता दी गई, जिससे वे बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रख सकीं। इस योजना के अंतर्गत, दिव्या को मार्च 2025 में ₹7,85,000 और जनवरी 2026 में ₹7,66,000 की स्कॉलरशिप सहायता मिली, जिससे 2024-2026 की अवधि के दौरान कुल आर्थिक सहायता ₹15,51,000 हो गई। स्कॉलरशिप में शिक्षा से जुड़े मुख्य खर्च शामिल थे, जिससे उन्हें पूरे फोकस और आत्मविश्वास के साथ अच्छी क्वालिटी वाली शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिली।

टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप

इस आर्थिक सहायता ने दिव्या को बिना किसी आर्थिक अनिश्चितता के बोझ के एक प्रतिष्ठित संस्थान से अपना 'मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए)' पूरा करने में सक्षम बनाया। स्कॉलरशिप ने अच्छी क्वालिटी वाली शिक्षा तक बिना किसी रुकावट के पहुँच सुनिश्चित की, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकीं और अपनी लंबे समय से चली रही शैक्षणिक इच्छाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर सकीं।

 

 

अपनी यात्रा के बारे में, सुश्री दिव्या दराडे ने कहा:

"इस स्कॉलरशिप की वजह से मैं बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाई। स्कॉलरशिप के सहयोग से, मैं एक प्रतिष्ठित संस्थान से अपना एमबीए पूरा कर सकी और लंबे समय से चली रही अपनी शैक्षिक इच्छाओं को पूरा कर पाई।"

दिव्या की यात्रा यह दिखाती है कि कैसे सही शैक्षिक सहयोग, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी पृष्ठभूमि वाले योग्य विद्यार्थियों को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में सक्षम बना सकता है।

PM-YASASVI योजना यह सुनिश्चित करती रहती है कि आर्थिक सीमाएं उच्च शिक्षा में बाधा बनें। यह योजना ओबीसी, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ईबीसी) और विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (डीएनटी) के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा पाने, पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन करने और ज्ञान, कौशल पेशेवर सफलता के माध्यम से देश के विकास में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाती है।

 

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