सहकारिता मंत्रालय
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कर्नाटक में सहकारी समितियों को केंद्रीय सहायता

प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2026 4:44PM by PIB Delhi

सरकार ने कार्यशील प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्‍स) के कंप्‍यूटरीकरण की केंद्रीय प्रायोजित परियोजना को दिनांक 29.06.2022 को अनुमोदित किया जिसका उद्देश्‍य सभी कार्यशील पैक्‍स को एक कॉमन ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्‍लानिंगद्व-आधारित राष्‍ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाना और उनकी प्रचालनात्‍मक दक्षता, पारदर्शिता और सेवा प्रदाय को सशक्‍त करना है । यह परियोजना को आरंभ में 63,000 पैक्‍स के लिए स्‍वीकृत किया गया था और ₹2,925.39 करोड़ के संशोधित कुल वित्तीय परिव्‍यय के साथ तदुपरांत 79,630 पैक्‍स के लिए विस्‍तारित किया गया है । इस परियोजना के अधीन कर्नाटक में कुल 5,894  पैक्‍स स्‍वीकृत हैं । विगत 3 वर्षों (2023-24 से 2025-26) में कर्नाटक राज्‍य को 27.58 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की गई है ।

मंत्रालय की केंद्रीय योजनाएं, जिनके अधीन कर्नाटक के सहकारी संस्थानों को पिछले तीन वर्षों के दौरान सहायता प्राप्त हुई है, का ब्‍योरा निम्‍नानुसार है: -

  1. पैक्‍स कंप्‍यूटरीकरण की परियोजना:- इस परियोजना के अधीन मंत्रालय ने कर्नाटक को लीगेसी डेटा के डिजिटलीकरण के लिए हार्डवेयर और सिस्टम इंटीग्रेटर हेतु केंद्रीय सहायता प्रदान की है । परियोजना की शुरुआत के बाद से, मंत्रालय ने परियोजना के अधीन कर्नाटक राज्य को 27.58 करोड़ रुपये जारी किए हैं ।
  2. सहकारी समितियों के पंजीयक कार्यालय का कंप्‍यूटरीकरण:- इस परियोजना के अधीन मंत्रालय ने कर्नाटक को हार्डवेयर, क्लाउड और सॉफ्टवेयर विकास के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की है । वित्तीय वर्ष 2023-24 से अब तक पिछले तीन वर्षों के दौरान कर्नाटक राज्य को 1.30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं ।  
  3. कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (एआरडीबी) का कंप्‍यूटरीकरण:- इस परियोजना के अधीन, मंत्रालय ने कर्नाटक को लीगेसी डेटा के डिजिटलीकरण के लिए हार्डवेयर और सिस्टम इंटीग्रेटर हेतु केंद्रीय सहायता प्रदान की है । वित्तीय वर्ष 2023-24 से अब तक, पिछले तीन वर्षों के दौरान कर्नाटक राज्य को 1.28 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं ।
  4. सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अन्‍न भंडारण कार्यक्रम:- विकेन्द्रीकृत अन्‍न भंडारण कार्यक्रम को कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई), कृषि यांत्रिकीकरण उप-मिशन (एसएमएएम) और प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना (पीएमएफएमई) सहित भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से पैक्‍स स्तर पर कृषि अवसंरचना का निर्माण करने के लिए एक पायलट पहल के रूप में शुरू किया गया है । नाबार्ड पात्र पैक्स को 3% की ब्याज दर पर पुनर्वित्त सहायता प्रदान करता है ।

कर्नाटक में पैक्स, एकम्बा (बीदर जिला) को कार्यक्रम के अधीन पायलट पैक्स के रूप में चयनित किया गया है । इस परियोजना को बीदर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (बीडीसीसीबी) द्वारा ₹150.15 लाख की वित्तीय सहायता के साथ निम्नलिखित घटकों के लिए मंजूरी दी गई थी::

  • गोदाम (1,000 MT)
  • प्राथमिक प्रसंस्‍करण इकाई
  • नीलामी कक्ष
  • तेल निष्कर्षण इकाई

परियोजना के अधीन कर्नाटक राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड को अब तक 112.57 लाख रुपये की पुनर्वित्त सहायता जारी की गई है । यह परियोजना एआईएफ के तहत 3% ब्याज अनुदान और एएमआई के तहत 25.00 लाख रुपये की सब्सिडी के लिए भी पात्र है, जिसमें से 12.50 लाख रुपये पहले ही अग्रिम सब्सिडी के रूप में जारी किए जा चुके हैं ।

  1. जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के सशक्‍तीकरण के लिए किए गए उपाए
  1. कोर बैंकिंग सॉल्‍यूशन (CBS) को अपनाना:  नाबार्ड ने वर्ष 2013 में कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) प्लेटफॉर्म पर सभी डीसीसीबी को शामिल करने की शुरुआत की और टीसीएस (CEdge) सीबीएस सॉल्‍यूशन के कार्यान्वयन के लिए मूल्य निर्धारण पर बातचीत की । आज की तारीख में, 13 डीसीसीबी टीसीएस (C-Edge) प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं, जबकि शेष 8 डीसीसीबी ने अन्य सीबीएस सॉल्यूशंस को अपनाया है ।
  2. सहकारी विकास फंड (सीडीएफ) के अधीन सहायता- सीडीएफस्‍कीम ऑफ फाइनेंशियल असिस्‍टेंस फॉर ट्रेनिंग ऑफ कोऑपरेटिव बैंक्‍स पर्सनेल (SOFTCOB): SOFTCOB घटक के तहत नाबार्ड, सहकारी संस्थानों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बोर्ड के सदस्यों के क्षमता निर्माण के लिए कर्नाटक में तीन सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों (CTIs), अर्थात्  राष्ट्रीय ग्रामीण बैंकिंग संस्थान (NIRB), कृषि सहकारी  कर्मचारी प्रशिक्षण संस्थान (ACSTI), और सहकार ग्रामीण विकास अकादमी (SAHARDA) को सहायता अनुदान प्रदान करता है। सहायता में प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के साथ-साथ ऑडियो सिस्टम्‍स, इंटरऐक्टिव पैनल्स, पोडियम, फोटोकॉपियर, एयर कंडीशनर, लैपटॉप और प्रशिक्षण संबंधी अन्य उपकरणों जैसी अवसंरचना सहायता शामिल है । वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 112 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए तीन सीटीआई को 244.19 लाख रुपये की राशि की प्रतिपूर्ति की गई थी ।  
  1. कर्नाटक में प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्‍स) को सशक्‍त करने के लिए किए गए उपाए:
  • एमपैक्‍स कार्यक्रम के कार्यान्वयन के तहत, 15 फरवरी 2023 से 28.07.2026 तक 267 नए एमपैक्‍स स्‍थापित किए गए हैं ।
  • पैक्स कंप्‍यूटरीकरण परियोजना का कार्यान्‍वयन  
  • बहु-सेवा केंद्र (एमएससी) के रूप में पैक्स पहल के अंतर्गत सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी अपनाने, दस्‍तावेजीकरण और कार्यशालाओं के लिए पुनर्वित्त और सहायता अनुदान सहायता प्रावधान
  • सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों (CTIs) के माध्यम से पैक्‍स पदाधिकारियों और बोर्ड के सदस्यों का क्षमता निर्माण ।
  1. राष्‍ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) :- एनसीडीसी, जो सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक सांविधिक निगम है, किसान समूहों को सशक्‍त करके, उत्पादकता बढ़ाकर तथा फसल पूर्व और फसलोत्तर अवसंरचना के निर्माण का समर्थन करके सहकारी संस्थानों के माध्यम से देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है ।
  1. निगम सहकारी समितियों से प्राप्त पात्र परियोजना प्रस्तावों के आधार पर कृषि, बागवानी, प्रसंस्करण, भंडारण, शीत श्रृंखला, विपणन, डेयरी, मात्स्यिकी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित कार्यकलापों के लिए अपनी निगम प्रायोजित योजनाओं के अधीन कर्नाटक सहित देश भर में पात्र सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है । वित्तीय सहायता के अतिरिक्‍त, एनसीडीसी सहकारी समितियों के लिए क्षमता निर्माण, व्यवसाय विकास सहायता और बाजार लिंकेज की सुविधा प्रदान करता है ।
  2. सहायता प्राप्त कार्यकलापों और कार्यान्वित योजनाओं का ब्‍योरा संलग्‍नक- में दिया गया है ।
  3. दिनांक 30.06.2026 तक एनसीडीसी ने देश भर में सहकारी संस्थानों के विकास के लिए संचयी रूप से 5,74,090.48 करोड़ रुपये संवितरित किए हैं । इसमें से 3,96,763 करोड़ रुपए पिछले पांच वर्षों के दौरान सहकारिता विकास के लिए सं‍वितरित किए गए हैं ।

कर्नाटक राज्य में एनसीडीसी द्वारा पिछले पांच वर्षों के दौरान संवितरण का कार्यकलाप-वार ब्‍योरा संलग्‍नक- पर दिया गया है ।  

कर्नाटक और नाबार्ड द्वारा दी गई सूचना के अनुसार सहकारिता मंत्रालय में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है।

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संलग्नक - I

एनसीडीसी द्वारा सहायता प्राप्त योजनाएं/कार्यकलाप

1)        निगम प्रायोजित योजनाएं:

सहायता प्राप्त कार्यकलाप:

एनसीडीसी सहकारी समितियों को उनके विकास के लिए ऋण (सावधि ऋण और निवेश ऋण दोनों) और सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करता है ऋण घटक एनसीडीसी की अपनी स्वयं की निधियों से प्रदान किया जाता है, जबकि पात्र सब्सिडी केंद्रीय क्षेत्र की अन्य योजनाओं के साथ डवटेलिंग के बाद प्रदान की जाती है। एनसीडीसी द्वारा सहायता प्राप्त कार्यकलापों की सूची इस प्रकार है:-

  1. विपणन:
  2. प्रसंस्करण:
  3. भंडारण:
  4. शीत श्रृंखला:
  5. औद्योगिक:
  6. सहकारी समितियों के माध्यम से आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं का वितरण:
  7. ऋण और सेवा सहकारी समितियां/अधिसूचित सेवाएं:
  8. सहकारी बैंकिंग इकाई:
  9. कृषि सेवाएं:
  10. जिला योजनागत योजनाएं:
  11. दुर्बल वर्ग सहकारी समितियां:
  12. सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के लिए सहायता:
  13. संवर्धनात्मक एवं विकासात्मक कार्यक्रम

)   एनसीडीसी के केंद्रित उत्पाद:

  1.      युवा सहकार - सहकारी उद्यम सहायता और नवाचार योजना: इस योजना का उद्देश्य नए और/या नवोन्मेषी विचारों वाली नवस्थापित सहकारी समितियों को प्रोत्साहित करना है।
  2.      नंदिनी सहकार: इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है और महिला सहकारी समितियों के माध्यम से महिलाओं की उद्यमशीलता की गतिशीलता को सहायता प्रदान करना यह योजना महिलाओं के उद्यम, व्यवसाय योजना प्रतिपादन, क्षमता विकास, ऋण और सब्सिडी, और/या अन्य योजनाओं के ब्याज अनुदान के महत्वपूर्ण इनपुट को अभिसरित करती है।
  3.      स्वयं शक्ति सहकार योजना: - महिला स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) को ऋण/अग्रिम प्रदान करने के लिए कृषि ऋण सहकारी समितियों को एनसीडीसी की वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना।
  4.      दीर्घावधि कृषक पूंजी सहकार योजना: एनसीडीसी के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कार्यकलापों/वस्तुओं/सेवाओं के लिए दीर्घकालिक ऋण/अग्रिम के आगे संवितरण हेतु कृषि ऋण सहकारी समितियों को एनसीडीसी की दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना।
  5.      एनसीडीसी नकद क्रेडिट ऋण: सहकारी समितियों के लिए कार्यशील पूंजी योजना, जिसके तहत वाणिज्यिक बैंकों की कैश क्रेडिट सीमा की तर्ज पर ₹20 करोड़ तक का ऋण प्रदान किया जाता है जिसमें आसान निकासी, शून्य प्रसंस्करण शुल्क और वार्षिक नवीनीकरण का विकल्प शामिल है।
  6.      सहकार नवाचार योजना: यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में पात्र सहकारी समितियों को ₹25 लाख तक की अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी, ताकि नवाचार, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने, नवीन उत्पादों, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के विकास, बाजार लिंकेज और संधारणीयता-उन्मुख पहलों को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे सहकारी क्षेत्र को सशक्त किया जा सके और नवोन्‍मेषी तथा मापनीय विचारों वाली उभरती सहकारी समितियों को सहायता प्रदान की जा सके।

2)        अन्य केंद्रीय योजनाएं:

  • राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) योजना को सहायता अनुदान- सहकारिता मंत्रालय
  • कृषि विपणन अवसंरचना (एएमआई) भंडारण और भंडारण अवसरंचना के अलावा अन्य केंद्रीय क्षेत्रक एकीकृत कृषि विपणन योजना (सीएसआईएसएएम) की उप-योजना - कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
  • बागवानी के एकीकृत विकास के लिए मिशन (एमआईडीएच) - एकीकृत कटाई बाद प्रबंधन - कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय।
  • कृषि अवसंरचना  निधि योजना के अंतर्गत वित्तपोषण सुविधा के माध्यम से ब्याज अनुदान एवं ऋण गारंटी - कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय I
  • कृषि विस्तार एवं प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय मिशन (एनएमएईटी) के बीज एवं रोपण सामग्री उप-मिशन (एसएमएसपी) के अंतर्गत बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सहायता घटक।
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) – मत्स्य पालन विभाग; मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय I

(i)   मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (एफएफपीओ) की स्थापना और संवर्धन ।

(ii) प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) – मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित पीएमएमएसवाई (PMMSY) के तहत एक उप-योजना

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई)- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय I
  • 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की स्थापना और संवर्धन की योजना– कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय I
  • (i) प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) – खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन योजना - खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय I

(ii) प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन अवसंरचना योजना - खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय I

(iii) प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर (एपीसी) के लिए अवसंरचना का सृजन- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय I

  • नेशनल शेडयूल्ड ट्राइब्स फाइनांस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसटीएफडीसी) - जनजातीय कार्य मंत्रालय
  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम)- पशुपालन और डेयरी विभाग; मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय।
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) पशुपालन और डेयरी विभाग; मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय।
  • पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ),  मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
  • सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई)- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई)
  • राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन (एनबीएचएम)कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एमओए एंड एफडब्ल्यू)
  • कृषि यांत्रिकीकरण उप मिशन (एसएमएएम) - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एमओए एंड एफडब्ल्यू)

संलग्‍नक-‘

एनसीडीसी द्वारा कर्नाटक राज्‍य को विगत पांच वर्षों में कार्यकलाप-वार संवितरित निधि

(करोड़ रुपये)

क्रम सं.

कार्यकलाप

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27
(30.06.2026)

1

सेवा सहकारी समिति

   15.15

   17.48

 253.07

 431.99

   205.99

         41.75

2

चीनी

 141.42

 

 

 

 

           0.47

3

डेयरी और पशुधन

 

87.50

 

 

 

 

4

विपणन

     2.98

     3.11

     2.32

     1.83

       2.78

           1.00

5

भंडारण

     1.30

     1.62

     1.26

     2.22

       2.91

 

6

एफपीओ

     0.36

     0.91

     1.23

     2.51

       2.59

           1.26

7

निविष्टियां

 

     1.59

     2.00

     2.00

 

           2.00

8

मत्‍स्‍य पालन (एफएफपीओ)

 

     0.06

     0.16

     3.75

       2.43

           0.49

9

रोपण फसल

     2.14

 

     1.31

 

 

         50.00

10

वस्‍त्र

     0.99

 

 

 

 

 

11

एम.आई.एस.

 

 

 

     0.48

       0.29

 

12

मात्स्यिकी

     0.15

     0.07

     0.01

 

 

 

13

खाद्यान्‍न

 

     0.20

 

 

 

 

 

कुल

 164.49

 112.54

 261.36

 444.78

  216.99

         96.97

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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