प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2026 4:08PM by PIB Jaipur
केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में, 17 जोड़ी रेलगाड़ियां (12981/82 असारवा-खातीपुरा एक्सप्रेस सहित) जयपुर खातीपुरा-असारवा खंड के यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं। रेलगाड़ियों की
सूची निम्नानुसार है:
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क्र.सं
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गाड़ी सं और नाम
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1
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12957/12958 साबरमती-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस
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2
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12215/12216 दिल्ली सराय रोहिल्ला- बांद्रा (टी) गरीब रथ एक्सप्रेस
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3
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12547/12548 आगरा कैंट- साबरमती एक्सप्रेस
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4
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12915/12916 साबरमती-दिल्ली एक्सप्रेस
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5
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12981/12982 खातीपुरा - असारवा एक्सप्रेस
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6
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14311/14312 बरेली-भुज एक्सप्रेस
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7
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14701/14702 श्री गंगानगर- बांद्रा (टी) एक्सप्रेस
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8
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15269/15270 मुजफ्फरपुर-साबरमती एक्सप्रेस
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9
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19031/19032 साबरमती-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस
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10
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19269/19270 पोरबंदर-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस
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11
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19401/19402 साबरमती-लखनऊ एक्सप्रेस
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12
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19409/19410 साबरमती-गोरखपुर एक्सप्रेस
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13
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19415/19416 साबरमती-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस
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14
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20937/20938 पोरबंदर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस
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15
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20939/20940 साबरमती-सुल्तानपुर एक्सप्रेस
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16
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20963/20964 साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस
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17
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22547/22548 ग्वालियर-साबरमती एक्सप्रेस
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वर्तमान में 12981/12982 खातीपुरा - असारवा एक्सप्रेस 04 (चार) साधारण श्रेणी के सवारी डिब्बों और 05 (पांच) शयनयान श्रेणी के सवारी डिब्बों के साथ परिचालित की जा रही है। वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 (जून, 26 तक) के दौरान 12981/82 असारवा - खातीपुरा (जयपुर) एक्सप्रेस की अधिभोगिता 100% से अधिक थी, जो 103% से 111% के बीच थी।
भारतीय रेल में, रेलगाड़ियों की प्रतीक्षा सूची की स्थिति की नियमित आधार पर निगरानी की जाती है और अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेल परिचलनिक व्यवहार्यता के अध्यधीन, अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने हेतु विशेष रेलगाड़ी सेवाओं का परिचालन करता है और रेलगाड़ियों के भार को संवर्धित करता है। इसके अलावा, रेलगाड़ियों का अधिभोग पैटर्न सम्पूर्ण वर्ष एक समान नहीं रहता है और यह कम और व्यस्तम अवधि में भिन्न होता है। व्यस्तम अवधि के दौरान, रेलगाड़ियों की अधिभोगिता विशेष रूप से लोकप्रिय मार्गों पर पूर्ण रहती है अर्थात कम व्यस्तम अवधि और कम लोकप्रिय मार्गों पर, उप-इष्टतम उपयोग होता है।
साधारण सवारी डिब्बे:
भारतीय रेल ने अनारक्षित सवारी डिब्बों में यात्रा करने वाले यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए सुविधाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। केवल वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ही, कम से कम 4 साधारण श्रेणी के सवारी डिब्बे वाली लंबी दूरी की विभिन्न गाड़ियों में 1250 साधारण सवारी डिब्बों का उपयोग किया गया। इसी प्रकार, वर्ष 2025-26 के दौरान 160 साधारण श्रेणी सवारी डिब्बों सहित लगभग 870 सवारी डिब्बों का उपयोग स्थायी संवर्धन के लिए किया गया है।
भारतीय रेल ने अगले 5 वर्षों में, निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले परिवारों की यात्रा संबंधी मांग को पूरा करने के लिए 17,000 अवातानुकूलित सवारी डिब्बों (साधारण/शयनयान) के विनिर्माण करने का कार्य शुरू कर दिया है।
जैसा कि नीचे दर्शाया गया है भारतीय रेल पर, अवातानुकूलित सवारी डिब्बों का प्रतिशत लगभग 70% है:
तालिका 1: सवारी डिब्बों का वितरण
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अवातानुकूलित सवारी डिब्बे (साधारण और शयनयान)
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~62,000
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~70%
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वातानुकूलित सवारी डिब्बे
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~27,000
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~30%
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कुल सवारी डिब्बे
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~89,000
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100%
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तालिका 2 : सीटों का वितरण
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सीटों के प्रकार
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सीटों की संख्या
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प्रतिशत
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अवातानुकूलित सीटें
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~ 54 लाख
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~78 %
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वातानुकूलित सीटें
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~ 15 लाख
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~22 %
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कुल सीटें
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~ 69 लाख
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100%
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इसके अलावा, किसी भी मार्ग/खंड पर रेलगाड़ी सेवाओं की शुरुआत और रेलगाड़ी सेवाओं का संवर्धन एक सतत प्रक्रिया है, जो विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है:
- उस खंड की क्षमता
- पथ की उपलब्धता
- आवश्यक चल स्टॉक की उपलब्धता
- चल स्टॉक के लिए समान अवसंरचना की उपलब्धता
- रेलपथ और अन्य परिसंपत्तियों की अनुरक्षण आवश्यकता
- खंड का अधिभोग और यातायात संबंधी आवश्यकता
रेल मदद पोर्टल भारतीय रेल का शिकायत निवारण तंत्र है, जो यात्रियों को शिकायत, सहायता और पूछताछ के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। रेल मदद में यात्री हेल्पलाइन नंबर-139, रेल मदद वेब, ऐप और एसएमएस जैसे अनेक माध्यमों के जरिए संपर्क कर सकते हैं। रेल मदद यात्रियों को अपनी शिकायतों के समाधान पर प्रतिक्रिया साझा करने की भी अनुमति प्रदान करता है।