आयुष
आयुष प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग
प्रविष्टि तिथि:
24 JUL 2026 3:24PM by PIB Delhi
सरकार ने आयुष प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने के लिए डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) को अपनाया है।
आयुष ग्रिड परियोजना आयुष क्षेत्र की डिजिटल बैकबोन में कार्य करती है, यह स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा, जन-जागरूकता, नागरिक सेवाओं आदि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करके डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देती है। इस पहल के अंतर्गत कई डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए गए हैं, जिनमें आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली(एएचएमआईएस) स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए, आयुष रिसर्च पोर्टल(एआरपी) साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए, तथा नमस्ते (NAMASTE) पोर्टल आयुष की मानकीकृत शब्दावली और रोग वर्गीकरण (मॉर्बिडिटी कोडिंग) के लिए विकसित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, आयुष मंत्रालय ने आयुष ग्रिड पहल के अंतर्गत एमएआईएसपी पोर्टल, योग पोर्टल, ईएलएमएस पोर्टल, आयुष रिसर्च पोर्टल, ई-चरक तथा आयुष निवेश सारथी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट और वर्चुअल सहायक तैनात किए हैं, ताकि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को सुदृढ़ बनाया जा सके तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार किया जा सके। (विस्तृत जानकारी यहां उपलब्ध है: https://maisp.ayush.gov.in/index)
ये एआई आधारित समाधान ज्ञान के प्रसार, अनुसंधान तक पहुंच, बाजार संबंधी जानकारी, शिक्षा, निवेश सुविधा तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने में सहायक हैं। इसके परिणामस्वरूप आयुष इकोसिस्टम में पहुंच, कार्यकुशलता और सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता में सुधार होता है।
इसके अतिरिक्त, आयुष मंत्रालय ने आयुर्स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आईआईटी जोधपुर में एकीकृत सटीक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए आयुर-टेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। यह अग्रणी परियोजना कार्यात्मक जीनोमिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल स्वास्थ्य तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का समन्वय करके आयुष क्षेत्र के लिए साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करती है। इसके अलावा, आयुष मंत्रालय के आयुर्ग्यान (AYURGYAN) योजना के अंतर्गत आयुर्वेद बायोलॉजी इंटीग्रेटेड हेल्थ रिसर्च (एबीआईएचआर) घटक के तहत शोध के एक प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों में से एक है, जिसमें आधुनिक विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अन्य कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके व्यक्तिगत दृष्टिकोण से शारीरिक क्रियाओं और रोगों के कारणों को समझना तथा रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए प्रभावी उपाय विकसित करना शामिल है।
11 जुलाई 2025 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने "पारंपरिक चिकित्सा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग का मानचित्रण" शीर्षक से एक तकनीकी विवरण जारी किया है। इसमें पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में एआई के नवाचार और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए भारत की उपलब्धियों और पहलों को मान्यता दी गई है।
(विस्तृत जानकारी यहां उपलब्ध है:https://iris.who.int/server/api/core/bitstreams/6779075c-c354-4a76-accc-4ae635dee436/content)
यह जानकारी आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/पीकेपी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2292836)
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