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ग्रामीण विकास मंत्रालय
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) की प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
31 JUL 2026 5:25PM by PIB Delhi
पीएमएवाई-जी के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जून 2026 तक कुल 33.54 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 35.54 लाख आवास (विगत वर्षों में जारी स्वीकृतियों सहित) पूर्ण कर लिए गए हैं। झारखंड राज्य में, इस अवधि के दौरान पीएमएवाई-जी के तहत 1.48 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और 0.68 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
आज की तारीख के अनुसार, पीएमएवाई-जी के तहत राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को कुल 4.18 करोड़ आवासों का संचयी लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसके सापेक्ष 3.92 करोड़ आवास स्वीकृत किए गए हैं, 3.11 करोड़ आवास पूर्ण किए जा चुके हैं तथा आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष 1.06 करोड़ आवास पूरे किए जाने शेष हैं। झारखंड राज्य सहित, लक्ष्यों के सापेक्ष शेष पूर्णता का राज्य-वार/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।
राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन ज़मीनी स्तर पर प्राथमिक कार्यान्वयन प्राधिकारी हैं। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, पूर्ण होने में विलंब के प्रमुख कारणों में लाभार्थियों द्वारा अनिच्छा जताने के मामले, स्थायी प्रवास, मृतक लाभार्थियों का विवादित उत्तराधिकार, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा भूमिहीन लाभार्थियों को भूमि आवंटन में विलंब, राज्य आईएफएमआईएस से क्रेडिट पुष्टिकरण के अद्यतनीकरण में विलंब और समय-समय पर आम/विधानसभा/पंचायत चुनाव तथा भवन निर्माण सामग्री की अनुपलब्धता शामिल हैं।
मंत्रालय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा दी गई प्रगति रिपोर्ट की नियमित रूप से समीक्षा करता है और समयबद्ध समाधान हेतु उनके साथ ऐसे कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों को उठाता है।
पीएमएवाई-जी के तहत, लाभार्थियों को मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और पूर्वोत्तर राज्य, 2 पहाड़ी राज्यों (हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड) तथा जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख संघ राज्य क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत प्रदान की जाने वाली इकाई सहायता के अतिरिक्त, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) के साथ अभिसरण के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। इसके अलावा, मनरेगा योजना/ वीबी जी-राम जी के साथ अभिसरण के माध्यम से प्रत्येक पीएमएवाई-जी लाभार्थी को उनके आवास के निर्माण के लिए प्रचलित मजदूरी दरों पर, स्वीकृत योजना मापदंडों के भीतर निर्धारित श्रम-दिवस का अकुशल मजदूरी रोजगार प्रदान करने का प्रावधान है।
पीएमएवाई-जी परिवारों को जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जल जीवन मिशन (जेजेएम) और हर घर नल से जल (एचजीएनएसजे) या अन्य समान योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से नल से पेयजल भी प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को विद्युत मंत्रालय, राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा कार्यान्वित प्रासंगिक योजनाओं के माध्यम से बिजली कनेक्शन सहायता दी जाती है, तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) या अन्य प्रासंगिक योजनाओं के तहत तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन प्रदान किए जाते हैं। पीएमएवाई-जी के तहत अभिसरण में लाभार्थी परिवारों की महिला सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में शामिल करना भी शामिल है, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है।
राष्ट्रीय स्तर पर, आज की तारीख के अनुसार, कुल 3.10 करोड़ आवासों को शौचालय, 2.45 करोड़ आवासों को जल कनेक्शन, 3.08 करोड़ आवासों को बिजली कनेक्शन, 2.91 करोड़ आवासों को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं तथा 1.35 करोड़ लाभार्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ा गया है।
अतिरिक्त 2 करोड़ आवासों को पूर्ण करने के लिए पीएमएवाई-जी के चरण-2 की स्वीकृत अवधि मार्च 2029 तक है। इस संबंध में, पीएमएवाई-जी के तहत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लंबित 1.06 करोड़ आवासों का निर्माण कार्य पूरा करने हेतु सरकार द्वारा झारखंड सहित सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में आवासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें लक्ष्यों का समयबद्ध आवंटन और राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को पर्याप्त निधि जारी करना, प्रगति की नियमित समीक्षा, डैशबोर्ड पर योजना की निगरानी एवं देखरेख, मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के साथ नियमित कार्यशालाएं, ग्रामीण मिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि शामिल हैं।
अनुबंध-I
योजना की शुरुआत से पीएमएवाई-जी के अंतर्गत प्रगति तथा लक्ष्यों के सापेक्ष लंबित आवासों का राज्य-वार/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण:
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#क्र.सं.
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राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम
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मंत्रालय द्वारा आवंटित लक्ष्य
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राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा स्वीकृत आवास
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निर्मित आवास
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लक्ष्यों के सापेक्ष पूर्ण होने के लिए शेष
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|
1
|
अरुणाचल प्रदेश
|
35,937
|
35,591
|
35,591
|
346
|
|
2
|
असम
|
29,62,945
|
29,09,060
|
22,94,143
|
6,68,802
|
|
3
|
बिहार
|
50,12,752
|
49,09,826
|
41,94,392
|
8,18,360
|
|
4
|
छत्तीसगढ
|
26,42,224
|
24,51,591
|
20,28,201
|
6,14,023
|
|
5
|
गोवा
|
257
|
254
|
243
|
14
|
|
6
|
गुजरात
|
8,39,116
|
8,29,442
|
7,19,165
|
1,19,951
|
|
7
|
हरियाणा
|
1,06,460
|
76,472
|
41,269
|
65,191
|
|
8
|
हिमाचल प्रदेश
|
1,08,389
|
1,03,082
|
69,358
|
39,031
|
|
9
|
जम्मू और कश्मीर
|
3,41,644
|
3,35,360
|
3,26,710
|
14,934
|
|
10
|
झारखंड
|
20,12,107
|
19,37,948
|
16,41,493
|
3,70,614
|
|
11
|
केरल
|
1,13,404
|
86,014
|
40,789
|
72,615
|
|
12
|
मध्य प्रदेश
|
57,74,572
|
54,16,056
|
43,57,001
|
14,17,571
|
|
13
|
महाराष्ट्र
|
43,80,522
|
41,39,196
|
20,32,712
|
23,47,810
|
|
14
|
मणिपुर
|
1,13,550
|
1,06,812
|
56,932
|
56,618
|
|
15
|
मेघालय
|
1,88,034
|
1,84,295
|
1,59,753
|
28,281
|
|
16
|
मिजोरम
|
29,967
|
29,959
|
25,441
|
4,526
|
|
17
|
नागालैंड
|
48,830
|
48,727
|
38,140
|
10,690
|
|
18
|
ओडिशा
|
28,28,739
|
28,06,697
|
25,48,674
|
2,80,065
|
|
19
|
पंजाब
|
1,13,911
|
1,04,723
|
55,563
|
58,348
|
|
20
|
राजस्थान
|
24,93,546
|
24,32,017
|
20,31,138
|
4,62,408
|
|
21
|
सिक्किम
|
1,399
|
1,397
|
1,393
|
6
|
|
22
|
तमिलनाडु
|
9,57,825
|
7,34,017
|
6,72,338
|
2,85,487
|
|
23
|
त्रिपुरा
|
3,76,913
|
3,76,174
|
3,73,940
|
2,973
|
|
24
|
उत्तर प्रदेश
|
42,77,493
|
36,55,817
|
36,42,983
|
6,34,510
|
|
25
|
उत्तराखंड
|
69,755
|
68,936
|
68,242
|
1,513
|
|
26
|
पश्चिम बंगाल
|
46,69,423
|
45,69,031
|
34,20,433
|
12,48,990
|
|
27
|
अंडमान और निकोबार
|
3,424
|
2,591
|
1,512
|
1,912
|
|
28
|
दादरा और नगर हवेली
|
11,364
|
10,282
|
6,875
|
4,489
|
|
29
|
दमन और दीव
|
158
|
158
|
54
|
104
|
|
30
|
लक्षद्वीप
|
45
|
45
|
45
|
-
|
|
31
|
पुदुचेरी
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
32
|
आंध्र प्रदेश
|
3,21,326
|
2,46,929
|
87,741
|
2,33,585
|
|
33
|
कर्नाटक
|
9,44,140
|
5,69,765
|
1,72,585
|
7,71,555
|
|
34
|
तेलंगाना
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
35
|
लद्दाख
|
3,004
|
3,004
|
3,004
|
-
|
|
|
कुल (सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए)
|
4,17,83,175
|
3,91,81,268
|
3,11,47,853
|
1,06,35,322
|
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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आर सी/ पीयू
(रिलीज़ आईडी: 2292544)
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