विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
संसद प्रश्न: स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान
प्रविष्टि तिथि:
30 JUL 2026 4:29PM by PIB Delhi
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) विभिन्न पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है, जिनमें उद्योग एवं शिक्षा जगत के साथ अनुसंधान और विकास सहयोग, उद्योग को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और लाइसेंसिंग, औद्योगिक भागीदारों के लिए परामर्श सेवाएं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई तथा शैक्षणिक संस्थानों के लिए परीक्षण एवं विश्लेषणात्मक सेवाएं, उद्योग एवं शिक्षा जगत के लिए कौशल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम, अनुसंधान तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए इन विट्रो और इन विवो परख सहित जैविक स्क्रीनिंग, नेक्स्ट-जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनएसजी) के लिए उन्नत सीक्वेंसिंग सुविधाएं और अनुसंधान बुनियादी ढांचा, 'गार्डियन' (GUaRDIAN) कंसोर्टियम (दुर्लभ रोगों की समझ के लिए जीनोमिक्स: इंडिया एलायंस नेटवर्क) और 'गोमेड' (GOMED) कार्यक्रम (चिकित्सा संबंधी निर्णयों को सक्षम बनाने के लिए जीनोमिक्स और अन्य ओमिक्स प्रौद्योगिकियां) के माध्यम से दुर्लभ बीमारियों व क्लिनिकल जीनोमिक्स के लिए नैदानिक एवं उपचारात्मक अनुसंधान, 'इंडिजेन' (IndiGen) और 'जीनोमइंडिया' (GenomeIndia) कार्यक्रमों के तहत जनसंख्या जीनोमिक्स पहलें, तथा मॉलिक्यूलर मेडिसिन व जीनोमिक्स में चिकित्सकों एवं चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सीएसआईआर अपनी समर्पित 'हेल्थकेयर थीम' के माध्यम से मौलिक अनुसंधान, ट्रांसलेशनल रिसर्च और मिशन-मोड परियोजनाओं का वित्तपोषण करके अपनी घटक प्रयोगशालाओं को निरंतर सहायता प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी विकास तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना है।
सीएसआईआर द्वारा प्रमुख बीमारियों के लिए महत्वपूर्ण किफायती फार्मास्युटिकल प्रौद्योगिकियों और उपचार के विकास में की गई प्रगति का संक्षिप्त विवरण अनुलग्नक-I में है।
सीएसआईआर एक व्यापक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कमर्शियलाइज़ेशन इकोसिस्टम के माध्यम से अनुसंधान परिणामों को सामाजिक और औद्योगिक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। इसकी घटक प्रयोगशालाएं उद्योग-अकादमिया वार्तालाप, टेक्नोलॉजी शोकेस, परामर्श व तकनीकी सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं के बारे में जानकारी के प्रसार, तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में भागीदारी के माध्यम से उद्योग, शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और अन्य हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं।
सीएसआईआर पेटेंट और ज्ञान-कौशल संरक्षण के माध्यम से मजबूत बौद्धिक संपदा प्रबंधन द्वारा समर्थित, पारस्परिक रूप से सहमत नियमों और शर्तों पर प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग तथा सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास को सुगम बनाता है। सीएसआईआर ने जन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई प्रौद्योगिकियों को सफलतापूर्वक हस्तांतरित किया है। सीएसआईआर निर्बाध व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी विकास के शुरुआती चरणों से ही औद्योगिक सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता है, तथा स्टार्टअप्स, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों द्वारा प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन हेतु अंतर-मूल्य निर्धारण तंत्र को अपनाता है। इसके अतिरिक्त, सीएसआईआर अपनी प्रौद्योगिकियों की दृश्यता बढ़ाने और औद्योगिक सहभागिता का विस्तार करने के लिए 'सीएसआईआर टेक अनुसंधान पोर्टल', संस्थागत वेबसाइटों, सोशल मीडिया, पॉडकास्ट और आउटरीच कार्यक्रमों जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों का उपयोग करता है।
सीएसआईआर द्वारा शुरू की गई पहलों से प्रयोगशाला अनुसंधान को किफायती और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक स्वास्थ्य देखभाल उत्पादों व प्रौद्योगिकियों में तेजी से परिवर्तित करके भारत के स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, औद्योगिक भागीदारी और अकादमिया-उद्योग सहयोग के माध्यम से, सीएसआईआर फार्मास्यूटिकल्स, डायग्नोस्टिक्स, बायोलॉजिक्स और मेडिकल तकनीकों के स्वदेशी विकास व निर्माण को बढ़ावा देता है; जिससे आयातों पर निर्भरता कम होती है और 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों को बल मिलता है। इन पहलों से अच्छी गुणवत्ता वाली हेल्थकेयर की किफायती और सुलभ उपलब्धता में सुधार होने, रोग निगरानी, जीनोमिक्स व प्रिसिजन मेडिसिन में राष्ट्रीय क्षमताओं को सुदृढ़ होने तथा स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यवसायीकरण को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सामूहिक रूप से, ये प्रयास स्वास्थ्य सेवा लचीलेपन को बढ़ाते हैं, नवाचार-संचालित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देते हैं और पूरे देश में किफायती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार करते हैं।
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यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2292193)
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