अणु ऊर्जा विभाग
संसद में प्रश्न:एनपीसीआईएल के परमाणु बिजली घरों का कार्य प्रदर्शन
प्रविष्टि तिथि:
29 JUL 2026 4:14PM by PIB Delhi
परमाणु बिजली घरों द्वारा पिछले पांच साल में उत्पादित बिजली एवं उनके पीएलएफ —तारापुर परमाणु बिजली घर सहित— का विवरण संलग्नक में वर्णित है।
एनपीसीआईएल की निर्माणाधीन परियोजनाओं विवरण निमनलिखित रूप में सारणीबद्ध है:—
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इकाई
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परियोजना एवं स्थान
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क्षमता
(मेगावाट)
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उत्पादन शुरू होने की अनुमानित तिथि
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संशोधित लागत
(रू.-करोड़ )
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आरएपीपी 7 एवं 8 15.04. 2026 को
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रावतभाटा, राजस्थान
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2 x 700
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व्यावसायिक उत्पादन 15.04.2026 को शुरू
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22,924#
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आरंभ होने की अग्रिम अवस्था में
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जीएचएवीपी — 1 एवं 2
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गोरखपुर हरियाणा
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2 x 700
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निर्माण पूरा हो चुका एवं कंक्रीट की पहली धार डाले जाने के लगभग छह वर्श के भीतर उत्पादन आरंभ होने का अनुमान
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20,594*
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कैगा— 5 एवं 6
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कैगा, कर्नाटक
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2 x 700
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जून 2031/जून 2032
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21,000*
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केकेएनपीपी 3 एवं 4
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कुडनकुलम, तमिलनाडु
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2 x 1000
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जून 2027/जून 2028
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68,893
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केकेएनपीपी— 5 एवं 6
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2 x 1000
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जून —2029/जून—2030
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69,437
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*पुनर्आकलन के अंतर्गत
# एनपीपी की लागत जुड़वां इकाइयों के आधार पर उपलब्ध हैं।
बीएचएवीआईएनआई —भाविनी- द्वारा कलपक्कम, तमिलनाडु में 500 मेगावाट क्षमता का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर स्थापित किया जा रहा है। पीएफबीआर को पूरा करने की अनुमानित लागत 8181 करोड़ रूपए है और परियोजना के मार्च 2027 तक पूर्णत: स्थापित हो जाने का अनुमान है। पिछले तीन साल में एनपीसीआईएल ने परमाणु बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए निम्नलिखित समझौते किए हैं:—
1.
क. महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी —महाजेनको
ख. महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेेशन —मित्रा— एवं
ग. एनएलसी इंडिया लिमिटेड —पूर्व् में नेवेली लिग्नाइट कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड.
परमाणु बिजली घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भरपूर उपाय किए गए हैं। इनका निर्धारित अवधि में अंकेक्षण एवं समीक्षा करके उन्हें उन्नत किया जाता है। अत्यंत असंभावित घटना से निपटने के लिए तारापुर परमाणु बिजली घर सहित सभी परमाणु बिजली घर स्थलों के लिए उनमें उत्पादन आरंभ होने से पूर्व ही नियामक प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित योजनाओं के अनुरूप उपाय किए गए हैं। निर्णय करने की क्षमताओं, सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने, प्रतिक्रिया की अवधि, प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता आदि की पुष्टि के लिए सावधिक सुरक्षा अभ्यास किया जाता है। संयंत्रों के सभी कर्मचारियों को सुरक्षा, आपात स्थिति एवं सुरक्षात्मक उपायों के समुचित रूप में प्रशिक्षित किया गया है। समय—समय पर विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों से संबंधित पूर्वाभ्यास सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा किया जाता है और उनकी रिपोर्ट की संबंधित अधिकारी समीक्षा भी करते हैं।
यह सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय से संबंद्ध एवं कार्मिक, जनशिकायत एवं पेंशन, परमाणु उर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में आज लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/आईएम
(रिलीज़ आईडी: 2291653)
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