पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की पुनर्गठित हिंदी सलाहकार समिति की प्रथम बैठक आयोजित
केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, राजभाषा हिंदी सरकार की नीतियों एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम
प्रविष्टि तिथि:
29 JUL 2026 5:25PM by PIB Delhi
नई दिल्ली | 29 जुलाई, 2026: पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की पुनर्गठित हिंदी सलाहकार समिति की प्रथम बैठक आज नई दिल्ली में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में लोकसभा सांसद श्री भर्तृहरि महताब, राज्यसभा सांसद श्री मदन राठौड़, हिंदी सलाहकार समिति के अन्य माननीय सदस्य, राजभाषा विशेषज्ञ, मंत्रालय एवं इसके अधीनस्थ संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य मंत्रालय तथा उसके अधीनस्थ संगठनों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना तथा इसके प्रगतिशील उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक के प्रारंभ में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया तथा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
बैठक के दौरान माननीय सदस्यों ने मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों, आधिकारिक पत्राचार, जनसंचार तथा विभिन्न कार्यक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने हेतु अनेक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सुझाव दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "हिंदी सलाहकार समिति केवल एक औपचारिक समिति नहीं है, बल्कि यह राजभाषा नीति के प्रशासनिक कार्यों में भाषायी सरलता तथा जनसामान्य तक शासन की पहुँच को प्रभावी बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस समिति के सुझाव मंत्रालय की नीतियों और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जनोन्मुख एवं सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
उन्होंने कहा, "माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज 'विकसित भारत–2047' के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है। इस संकल्प की प्राप्ति में आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक्स, समुद्री अर्थव्यवस्था तथा जलमार्गों का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा मंत्रालय पत्तनों के आधुनिकीकरण, समुद्री अवसंरचना के विकास, हरित एवं सतत् नौवहन तथा जलमार्गों के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030' और 'मैरीटाइम अमृतकाल विज़न 2047' के माध्यम से भारत के समुद्री क्षेत्र को विश्व में अग्रणी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुझे आपके साथ साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि शिप रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में पहला स्थान प्राप्त किया है।"
राजभाषा हिंदी के महत्व पर बल देते हुए श्री सोनोवाल ने कहा, "इन सभी उपलब्धियों और योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब इनकी जानकारी देश के प्रत्येक नागरिक, उद्यमी, नाविक, किसान, उद्योगपति, विद्यार्थी और हितधारक तक उनकी समझ की भाषा में पहुँचे। यहीं राजभाषा हिंदी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। मुझे विश्वास है कि आज की बैठक में प्राप्त सुझाव न केवल मंत्रालय के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे, बल्कि राजभाषा नीति के प्रभावी होने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मंत्रालय आपके सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगा।"
इस अवसर पर मंत्रालय के अधीन 12 संगठनों को राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री ने भी समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने सभी सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों एवं सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि समिति के सुझाव मंत्रालय में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा मंत्रालय की जनोन्मुखी कार्यप्रणाली को नई दिशा प्रदान करेंगे।




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MI/Indu
(रिलीज़ आईडी: 2291199)
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