सहकारिता मंत्रालय
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पीएसीएस में डिजिटल ऑटोमेशन ढांचा

प्रविष्टि तिथि: 29 JUL 2026 4:41PM by PIB Delhi

सरकार ने कार्यशील प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) की परिचालन दक्षता, पारदर्शिता और सेवा प्रदाय में सुधार करने के उद्देश्य से, इन सभी समितियों को एक कॉमन ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर के अंतर्गत लाने के लिए पैक्स के कंप्यूटरीकरण की केंद्रीय प्रायोजित परियोजना को अनुमोदित किया है I यह परियोजना सभी राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित की गई है । ईआरपी आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किए गए पैक्स की राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार संख्या संलग्नक-‘क' पर दी गई है ।

सरकार ने दिनांक 31.05.2023 को सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के अंतर्गत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) स्तर पर विभिन्न कृषि अवसंरचनाओं का सृजन किया जाना है, जिनमें गोदाम, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्रसंस्करण इकाइयाँ, उचित मूल्य की दुकानें आदि शामिल हैं। यह कार्य भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से किया जा रहा है, जैसे कि कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI), कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (SMAM), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME) आदि। सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत देशभर में 1,015 पैक्स की पहचान गोदाम निर्माण हेतु की गई है तथा 313 पैक्स में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन (LMT) की भंडारण क्षमता सृजित हुई है।

एनसीईएल की स्थापना सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात के लिए एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में की गई थी, जिनके अधिकांश सदस्य छोटे और सीमांत किसान हैं । अपनी स्थापना के बाद से, एनसीईएल ने 38 देशों को ₹5,866.10 करोड़ रुपये मूल्य के 50 कृषि उत्पादों का 14,89,102 मीट्रिक टन से अधिक निर्यात किया है ।

ग्रामीण क्रेडिट लाइनों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत ईआरपी-आधारित कॉमन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर, प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के लिए लेखांकन, सांविधिक संपरीक्षा और प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) हेतु मानकीकृत मॉड्यूल प्रदान करता है । यह सॉफ्टवेयर डिजिटल रिकॉर्ड के रखरखाव, ऑडिट ट्रेल के सृजन और मानकीकृत वित्तीय रिपोर्टिंग को सक्षम बनाता है, जिससे पैक्स के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता में वृद्धि होती है । ईआरपी प्रणाली संपरीक्षा प्रक्रिया के लिए आवश्यक डिजिटल रिकॉर्ड और संपरीक्षा -संबंधित जानकारी प्रदान करके पैक्स की सांविधिक संपरीक्षा को भी सुगम बनाती है ।

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संलग्नक-‘

 

क्रम सं.

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम

अनुमोदित पैक्स

वितरित किया गया हार्डवेयर

ईआरपी पर ऑनबोर्ड किए गए

1

अंडमान और निकोबार

46

46

46

2

आंध्र प्रदेश

2037

2021

2021

3

अरुणाचल प्रदेश

139

14

14

4

असम

850

709

581

5

बिहार

4495

4477

4482

6

छत्तीसगढ़

2028

2028

2028

7

दमन और दीव

9

4

4

8

गोवा

86

58

55

9

गुजरात

6216

5754

5760

10

हरियाणा

710

710

710

11

हिमाचल प्रदेश

1885

1789

1598

12

जम्मू और कश्मीर

708

537

537

13

झारखंड

2797

1500

1491

14

कर्नाटक

5894

5491

4590

15

लद्दाख

10

10

10

16

मध्य प्रदेश

5455

4536

4536

17

महाराष्ट्र

12178

12000

12033

18

मणिपुर

308

196

214

19

मेघालय

330

108

103

20

मिजोरम

99

49

45

21

नागालैंड

231

231

142

22

ओडिशा*

4240

0

0

23

पांडिचेरी

45

45

44

24

पंजाब

3482

3456

3454

25

राजस्थान

8525

6781

6933

26

सिक्किम

131

107

107

27

तमिलनाडु

4561

4532

4481

28

त्रिपुरा

475

268

268

29

उत्तर प्रदेश

6257

3581

3219

30

उत्तराखंड

1216

670

668

31

पश्चिम बंगाल

4187

4167

3512

 

कुल

79630

65875

63686

* ओडिशा हाल में इस परियोजना से जुड़ा है ।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


(रिलीज़ आईडी: 2291127) आगंतुक पटल : 159
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