विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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न्यायाधीशों की नियुक्ति में विलंब

प्रविष्टि तिथि: 23 JUL 2026 6:43PM by PIB Delhi

उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 और 224 के अंतर्गत तथा 1998 में तैयार की गई मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। यह एमओपी 6 अक्टूबर 1993 के उच्चतम न्यायालय के निर्णय (द्वितीय न्यायाधीश मामला) तथा 28 अक्टूबर 1998 की उसकी परामर्शात्मक राय (तृतीय न्यायाधीश मामला) के अनुपालन में तैयार किया गया था।

उच्च न्यायपालिका में रिक्तियों को भरना कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच एक निरंतर, समन्वित और सहयोगात्मक प्रक्रिया है। एमओपी के अनुसार, उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव प्रारंभ करने की जिम्मेदारी भारत के मुख्य न्यायाधीश की होती है, जबकि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव प्रारंभ करने की जिम्मेदारी संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की होती है, जो उच्च न्यायालय के दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों से परामर्श करके यह प्रक्रिया शुरू करते हैं।

एमओपी के अनुसार, उच्च न्यायालयों को किसी रिक्ति के उत्पन्न होने से कम से कम छह महीने पहले अपनी सिफारिशें भेजनी होती हैं। हालांकि, इस समय-सीमा का पालन विरले ही किया जाता है। उच्च न्यायालयों में नियुक्तियों के लिए एमओपी के अनुसार संबंधित राज्य सरकार के विचार प्राप्त किए जाते हैं। जिन नामों पर विचार किया जा रहा होता है, उनके संबंध में सरकार को उपलब्ध अन्य रिपोर्टों के आलोक में भी सिफारिशों पर विचार किया जाता है।

इसके बाद उच्च न्यायालय कॉलेजियम, राज्य सरकारों और भारत सरकार की सिफारिशों को सलाह के लिए उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम (एससीसी) को भेजा जाता है। उच्च न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच एक निरंतर, समन्वित और सहयोगात्मक प्रक्रिया है। इसके लिए राज्य और केंद्र स्तर पर विभिन्न संवैधानिक प्राधिकरणों से परामर्श और अनुमोदन आवश्यक होता है। केवल उन्हीं व्यक्तियों को उच्च न्यायालयों का न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है, जिनके नामों की सिफारिश एससीसी द्वारा की गई हो। वर्तमान स्थिति संलग्नक में दी गई है।

संलग्नक

01.07.2026 की स्थिति के अनुसार उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या, कार्यरत संख्या और रिक्तियां

 

क्रम संख्या

उच्च न्यायालय

 

स्वीकृत संख्या

 

कार्यरत संख्या

 

 

रिक्तियां

 

1

इलाहाबाद

160

108

52

2

आंध्र प्रदेश

37

29

8

3

बंबई

94

75

19

4

कलकत्ता

72

41

31

5

छत्तीसगढ़

22

13

9

6

दिल्ली

60

44

16

7

गुवाहाटी

30

24

6

8

गुजरात

52

34

18

9

हिमाचल प्रदेश

17

12

5

10

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख

25

12

13

11

झारखंड

25

13

12

12

कर्नाटक

62

48

14

13

केरल

47

36

11

14

मध्य प्रदेश

53

37

16

15

मद्रास

75

51

24

16

मणिपुर

5

3

2

17

मेघालय

4

4

0

18

ओडिशा

33

18

15

19

पटना

53

44

9

20

पंजाब और हरियाणा

85

55

30

21

राजस्थान

50

39

11

22

सिक्किम

3

2

1

23

तेलंगाना

42

27

15

24

त्रिपुरा

5

4

1

25

उत्तराखंड

11

8

3

 

कुल

1,222

867

355

                 

यह जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री, श्री अर्जुन राम मेघवाल जी द्वारा राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

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पीके/केसी/एके/एसएस


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