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रेल्वे मंत्रालय
संसदेतले प्रश्न: महाराष्ट्रभरातील विविध रेल्वे प्रकल्पांसाठी निधी वाटप आणि सद्यस्थिती
Posted On:
22 JUL 2026 3:00PM by PIB Mumbai
मुंबई, 22 जुलै 2026
गेल्या 12 वर्षांत भारतीय रेल्वेने रेल्वे जाळ्याच्या क्षमता वाढीचे काम मोठ्या प्रमाणावर हाती घेतले आहे. भारतीय रेल्वेमध्ये नवीन मार्ग सुरू करण्याचे किंवा टाकावयाचे तपशील खालीलप्रमाणे आहेत:
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कालावधी
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नवीन सुरू झालेला रेल्वे मार्ग
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नवीन रेल्वे मार्ग सुरू करण्याची सरासरी
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2009-14
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7,599 किमी
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4.2 किमी/दिवस
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2014-26
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36,429 किमी
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8.32 किमी/दिवस (जवळपास 2 पट)
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मंजूर झालेले प्रकल्प:
01.04.2026 पर्यंत संपूर्ण भारतीय रेल्वेमध्ये एकूण 40,000 किमी लांबीच्या आणि अंदाजे 8.31 लाख कोटी रुपये खर्चाच्या 514 रेल्वे पायाभूत सुविधा प्रकल्पांना (169 नवीन मार्ग, 29 रुंदमापन आणि 316 दुहेरीकरण) मंजुरी देण्यात आली आहे.
सर्व रेल्वे प्रकल्पांचे विभागनिहाय आणि वर्षनिहाय तपशील भारतीय रेल्वेच्या संकेतस्थळावर सार्वजनिक स्वरूपात उपलब्ध करून देण्यात आले आहेत.
गेल्या तीन वर्षांत म्हणजेच आर्थिक वर्ष 2023-24, 2024-25 आणि 2025-26 तसेच चालू आर्थिक वर्ष 2026-27 दरम्यान संपूर्ण भारतीय रेल्वेमध्ये एकूण 14,500 किमी लांबीच्या 261 प्रकल्पांना (53 नवीन मार्ग, 05 रुंदमापन आणि 203 दुहेरीकरण) मंजुरी देण्यात आली आहे.
रेल्वे अर्थसंकल्प:
गेल्या पाच वर्षांत अर्थसंकल्पीय तरतुदीत लक्षणीय वाढ झाली आहे. महाराष्ट्रात पूर्णपणे किंवा अंशतः येणाऱ्या पायाभूत सुविधा प्रकल्प आणि सुरक्षाविषयक कामांसाठीची अर्थसंकल्पीय तरतूद खालीलप्रमाणे:
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कालावधी
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तरतूद
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2009-14
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₹1,171 कोटी /वर्ष
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2026-27
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₹23,926 कोटी (20 पटींहून अधिक)
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रेल्वेमार्ग बांधणी
महाराष्ट्रात 2009-14 आणि 2014-26 या कालावधीत पूर्णपणे किंवा अंशतः राज्यात येणाऱ्या नव्या रेल्वे मार्गांच्या बांधकामाचा तपशील खालीलप्रमाणे :
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कालावधी
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कार्यान्वित झालेला नवीन मार्ग
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नवीन मार्गांचे सरासरी कार्यान्वयन
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2009-14
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292 किमी
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58.4 किमी /वर्ष
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2014-26
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2,585किमी
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215.4 किमी /वर्ष (जवळपास 4 पट)
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मंजूर प्रकल्प:
महाराष्ट्रात 01.04.2026 नुसार, राज्यात पूर्णपणे किंवा अंशतः येणाऱ्या 1,42,635 कोटी रुपये खर्चाच्या, एकूण 5,956 किमी लांबीच्या, 52 प्रकल्पांना (13 नवीन मार्ग, 02 गेज रूपांतर आणि 37 दुपदरीकरण) मंजुरी देण्यात आली आहे. त्याचा सारांश पुढीलप्रमाणे:-
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प्रकार
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मंजूर प्रकल्पांची संख्या
|
एकूण
लांबी
(किमी मध्ये)
|
कार्यन्वित लांबी
मार्च '26 पर्यंत (किमी)
|
खर्च
मार्च '26 पर्यंत
(₹ कोटींमध्ये)
|
|
नवीन मार्ग
|
13
|
1,399
|
266
|
13,065
|
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गेज रूपांतर
|
02
|
609
|
334
|
5,013
|
|
दुहेरीकरण/बहुमार्ग
|
37
|
3,948
|
998
|
16,704
|
|
एकूण
|
52
|
5,956
|
1,598
|
34,782
|
अलीकडे पूर्ण झालेले प्रकल्प:
महाराष्ट्रात पूर्णपणे किंवा अंशतः समाविष्ट असलेल्या अलीकडे पूर्ण झालेल्या काही प्रकल्पांचा तपशील पुढीलप्रमाणे :
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क्र.
|
प्रकल्प
|
खर्च
(₹ कोटींमध्ये )
|
|
1
|
पुणे-मिरज-लोंढा दुहेरीकरण (467 किमी)
|
6,463
|
|
2
|
होटगी-कुडगी-गदग दुहेरीकरण (284 किमी)
|
2,459
|
|
3
|
मनमाड-जळगाव 3 री मार्गिका (160 किमी)
|
1,677
|
|
4
|
जबलपूर-गोंदिया गेज रूपांतर (300 किमी)
|
2,005
|
|
5
|
छिंदवाडा-नागपूर गेज रूपांतर (150 किमी)
|
1,512
|
|
6
|
पनवेल-पेण दुहेरीकरण (35 किमी)
|
263
|
|
7
|
पेण-रोहा दुहेरीकरण (40 किमी)
|
330
|
|
8
|
उधना-जळगाव दुहेरीकरण (307 किमी)
|
2,448
|
|
9
|
मुदखेड-परभणी दुहेरीकरण (81 किमी)
|
673
|
|
10
|
भुसावळ-जळगाव 3री मार्गिका (24 किमी)
|
325
|
|
11
|
जळगाव-भुसावळ 4 थी मार्गिका (24 किमी)
|
261
|
|
12
|
दौंड-गुलबर्गा दुहेरीकरण (225 किमी)
|
3,182
|
|
13
|
दौंड-मनमाड दुहेरीकरण (236 किमी)
|
3,426
|
सध्या सुरू असलेले प्रकल्प:
महाराष्ट्रातल्या रेल्वे पायाभूत सुविधांमध्ये आणखी सुधारणा करण्यासाठी पुढील कामे हाती घेण्यात आली आहेत:-
|
क्र.
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प्रकल्पाचे नाव
|
खर्च
(₹ कोटींमध्ये )
|
|
1
|
अहिल्यानगर-परळी वैजनाथ नवा मार्ग (261किमी )
|
5,800
|
|
2
|
बारामती लोणंद नवा मार्ग (64 किमी )
|
1,844
|
|
3
|
वर्धा-नांदेड नवा मार्ग (284 किमी )
|
5,248
|
|
4
|
इंदौर-मनमाड नवा मार्ग(360 किमी )
|
18,529
|
|
5
|
वडसा-गडचिरोली नवा मार्ग (52 किमी )
|
1,886
|
|
6
|
जालना-जळगाव नवा मार्ग (174 किमी )
|
5,804
|
|
7
|
वर्धा-नागपूर 3 री मार्गिका (76 किमी )
|
917
|
|
8
|
वर्धा-बल्हारशाह 3 री मार्गिका (132 किमी )
|
1,755
|
|
9
|
इटारसी-नागपूर 3 री मार्गिका (280 किमी )
|
2,607
|
|
10
|
राजनंदगाव-नागपूर 3 री मार्गिका (228 किमी )
|
3,545
|
|
11
|
वर्धा-नागपूर 4 थी मार्गिका (79 किमी )
|
1,215
|
|
12
|
जळगाव-मनमाड 4 थी मार्गिका (160 किमी )
|
2,574
|
|
13
|
भुसावळ-खांडवा 3 री आणि 4 थी मार्गिका (131 किमी )
|
3,285
|
|
14
|
सोलापूर-तुळजापूर-उस्मानाबाद नवा मार्ग (84 किमी )
|
3,296
|
|
15
|
पनवेल-चौक दुहेरीकरण (17 किमी )
|
491
|
|
16
|
वर्धा-बल्हारशाह 4 थी मार्गिका (135 किमी )
|
2,226
|
|
17
|
इटारसी -नागपूर 4 थी मार्गिका (297 किमी )
|
5,010
|
|
18
|
वर्धा-भुसावळ 3 री आणि 4 थी मार्गिका (314 किमी )
|
9,197
|
|
19
|
गोंदिया-डोंगरगड 4 थी मार्गिका (84 किमी )
|
2,223
|
|
20
|
गोंदिया-बल्हारशाह दुहेरीकरण (240 किमी )
|
4,819
|
|
21
|
कल्याण-कसारा 3 री मार्गिका (68 किमी )
|
1,433
|
|
22
|
नायगाव-जुचंद्र डबल कॉर्ड लाइन(5 किमी )
|
176
|
|
23
|
निळजे-कोपर डबल कॉर्ड लाइन (5 किमी )
|
338
|
|
24
|
बदलापूर-कर्जत 3 री आणि 4 थी मार्गिका (32 किमी )
|
1,324
|
|
25
|
आसनगाव-कसारा 4 थी मार्गिका (35 किमी )
|
794
|
|
26
|
कसारा-मनमाड 3 री आणि 4 थी मार्गिका (131 किमी )
|
10,154
|
|
27
|
गोंदिया-जबलपूर दुहेरीकरण (231 किमी )
|
5,236
|
|
28
|
चाळीसगाव रेल्वे ओव्हर रेल फ्लायओव्हर (11किमी)
|
264
|
|
29
|
चिखली आणि सोमाटणे दरम्यान कॉर्ड लाईन (4 किमी)
|
172
|
मुंबई उपनगरीय क्षेत्रासाठी क्षमता वाढीची कामे
सध्या मुंबई परिसरात दरदिवशी सुमारे 120 मेल/एक्सप्रेस गाड्या आणि 3200 उपनगरीय गाड्यांचे परिचालन केले जाते. मुंबई परिसरातील विविध स्थानकांची गाड्या हाताळण्याची क्षमता वाढवण्यासाठी, विविध स्थानकांवर पुढील कामे पूर्ण करण्यात आली आहेत, हाती घेण्यात आली आहेत किंवा नियोजित आहेत:
|
अनुक्रमांक
|
ठिकाण
|
तपशील
|
|
1
|
वांद्रे टर्मिनस
|
3 पिट लाइन्सचे काम पूर्ण झाले आहे.
|
|
2
|
मुंबई सेंट्रल
|
24 एलएचबी डब्यांसाठी प्लॅटफॉर्मचा विस्तार
|
|
3
|
जोगेश्वरी
|
5अतिरिक्त प्लॅटफॉर्म्स, 2 पिट लाईन्स
|
|
4
|
दादर
|
1 अतिरिक्त प्लॅटफॉर्म
|
|
5
|
पनवेल-कळंबोली
|
5 प्लॅटफॉर्म्स, , 4 पिट लाईन्स आणि 2 सिक लाईन्स
|
|
6
|
कल्याण
|
6 प्लॅटफॉर्म्स आणि 4 पिट लाईन्स
|
|
7
|
एलटीटी
|
4 प्लॅटफॉर्म्स आणि 2 पिट लाईन्स
|
|
8
|
परळ
|
6 प्लॅटफॉर्म्स , 5 पिट लाईन्स, 6 स्टेब्लिंग लाईन्स
|
|
9
|
वसई-विरार परिसर
|
वसई रोड: 6 प्लॅटफॉर्म्स, 3 पिट लाईन्स आणि 5 स्टेब्लिंग लाईन्स
नायगांव- 30 स्टेब्लिंग लाईन्स
विरार- 2 स्टेब्लिंग लाईन्स
|
|
10
|
डहाणू परिसर
|
डहाणू: 5 स्टेब्लिंग लाईन्स
न्यू वनगाव: 30 स्टेब्लिंग लाईन्स
|
याव्यतिरिक्त, 15-डब्यांच्या ईएमयू गाड्या सामावून घेण्यासाठी 34 स्थानकांवर प्लॅटफॉर्मच्या विस्ताराचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
क्षमता वाढवण्यासाठीचे नवीन प्रकल्प:
मुंबई उपनगरीय क्षेत्रातील रेल्वे जाळ्याची कनेक्टिव्हिटी आणि क्षमता वाढविण्यासाठी, 4,502 कोटी रुपये खर्चाच्या 'मुंबई शहरी वाहतूक प्रकल्प' (एमयूटीपी)-I, 8,087 कोटी रुपये खर्चाच्या एमयूटीपी-II, 10,947 कोटी रुपये खर्चाच्या एमयूटीपी-III आणि 33,690 कोटी रुपये खर्चाच्या एमयूटीपी-IIIA या प्रकल्पांना मंजुरी देण्यात आली आहे. या प्रकल्पांमध्ये मुंबई उपनगरीय क्षेत्रातील खालील कामांचा समावेश आहे:
|
अनुक्र.
|
प्रकल्पाचे नाव
|
खर्च
(कोटी रु. मध्ये)
|
|
1
|
मुंबई सेंट्रल-बोरिवली 6वी लाईन(30 किमी)
|
919
|
|
2
|
गोरेगाव-बोरिवली हार्बर लाईनचे विस्तारीकरण (7किमी)
|
826
|
|
3
|
विरार-डहाणू रोड 3री आणि 4थी लाईन (64 किमी)
|
3,587
|
|
4
|
सीएसटीएम-कुर्ला 5वी आणि 6वी लाईन (18 किमी)
|
891
|
|
5
|
पनवेल-कर्जत उपनगरी मार्गिका (30 किमी)
|
2782
|
|
6
|
ऐरोली-कळवा (उन्नत) उपनगरी मार्गिका लिंक (3 किमी)
|
476
|
|
7
|
बोरिवली-विरार 5वी आणि 6वी लाईन (26किमी)
|
2,184
|
|
8
|
कल्याण-आसनगाव दरम्यानची 4थी लाईन (32किमी)
|
1,759
|
|
9
|
कल्याण-बदलापूर दरम्यानची 3री आणि 4थी लाईन (14.05 किमी)
|
1,510
|
|
10
|
कल्याण यार्ड - मुख्य मार्ग आणि उपनगरीय मार्ग यांचे विलगीकरण
|
866
|
|
11
|
नायगाव आणि जुचंद्र दरम्यानचा वसई बायपास मार्ग (दुहेरी मार्ग)
(5.73किमी)
|
176
|
|
12
|
बदलापूर आणि कर्जत दरम्यानची 3 री आणि 4थीलाईन (32.46 किमी)
|
1,324
|
|
13
|
आसनगाव आणि कसारा दरम्यानची 4थीhलाईन (34.97 किमी
|
794
|
|
14
|
अनाधिकृत प्रवेश नियंत्रण (34 ठिकाणे)
|
551
|
नवीन प्रकारच्या गाड्या:
प्रवाशांची ने-आण करण्याची क्षमता वाढवण्यासाठी, MUTP-III आणि IIIA अंतर्गत 19,293 कोटी रुपये खर्चाने प्रत्येकी 12 डबे (दरवाजांसह) असलेल्या 238 रेकना मंजुरी देण्यात आली आहे. या रेकच्या खरेदीची प्रक्रिया सुरू करण्यात आली आहे.
बुलेट ट्रेन प्रकल्प:
सध्या, मुंबई-अहमदाबाद उच्चगती रेल्वे प्रकल्प (508 किमी) प्रगतीपथावर आहे . हा मार्ग गुजरात, महाराष्ट्र ही राज्ये आणि दादरा व नगर हवेली या केंद्रशासित प्रदेशातून जातो. यामध्ये मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलीमोरा, सुरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद आणि साबरमती इथे 12 स्थानके नियोजित आहेत.
या प्रकल्पासाठी संपूर्ण जमीन (1389.5 हेक्टर) अधिग्रहित करण्यात आली आहे. सर्व वैधानिक मंजुऱ्या प्राप्त झाल्या आहेत. सर्व 1651 उपयुक्तता हलविण्यात आल्या आहेत. महाराष्ट्रातल्या भूसंपादनातल्या विलंबामुळे 2021 पर्यंत प्रकल्पावर परिणाम झाला. महाराष्ट्रात 2022 मध्ये भूसंपादनाला गती आली.
विविध प्रमुख बाबींची आतापर्यंतची प्रगती खालीलप्रमाणे आहे:
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बाब
|
प्रगती
|
|
पियर्स (Piers)
|
452 किमी.
|
|
गर्डर (Girder)
|
356 किमी.
|
|
ट्रॅक बेड (Track Bed)
|
209 किमी.
|
|
ओएचइ मास्ट (OHE Masts)
|
190 किमी.
|
स्थानकांची प्रगती खालीलप्रमाणे आहे:-
|
अ.क्र.
|
स्थानक
|
सद्यस्थिती
|
|
1
|
साबरमती
|
पायाभूत कामे पूर्ण, फलाटाची स्लॅब, छताची संरचनात्मक कामे आणि अंतिम टप्प्यातली कामे सुरू आहेत.
|
|
2
|
अहमदाबाद
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
3
|
आणंद/नडियाद
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातील कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
4
|
वडोदरा
|
पायाभूत कामे पूर्ण, संरचनात्मक कामे आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
5
|
भरूच
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
6
|
सुरत
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
7
|
बिलीमोरा
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
8
|
वापी
|
संरचनात्मक कामे पूर्ण आणि अंतिम टप्प्यातली कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
9
|
बोईसर
|
पायाभूत कामे हाती घेतली असून, ती प्रगत टप्प्यात आहेत. संरचनात्मक कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
10
|
विरार
|
पायाभूत कामे हाती घेतली असून ती प्रगत टप्प्यात आहेत. संरचनात्मक कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
11
|
ठाणे
|
पायाभूत कामे हाती घेतली असून ती प्रगत टप्प्यात आहेत. संरचनात्मक कामे हाती घेतली आहेत.
|
|
12
|
बीकेसी (मुंबई)
|
हे भूमिगत स्थानक आहे. पायाभूत कामे जवळपास पूर्ण झाली असून बेस स्लॅबचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
|
नदीवरील पुलांची प्रगती खालीलप्रमाणे आहे:-
|
अ.क्र.
|
नदीचे नाव
|
सद्यस्थिती
|
|
1
|
साबरमती नदी (480 मी)
|
सब-स्ट्रक्चरचे काम पूर्ण, सुपरस्ट्रक्चरचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
|
|
2
|
मेश्वा नदी (120 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
3
|
वात्रक नदी (280 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
4
|
मोहर (शेढी) नदी (160 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
5
|
मही नदी (720 मी)
|
12 पैकी 11 विहिरी पूर्ण; 5 स्पॅन लाँच केले.
|
|
6
|
विश्वामित्री नदी (80 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
7
|
ढाढर नदी (120 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
8
|
नर्मदा नदी (1366 मी)
|
25 पैकी 21 विहिरी पूर्ण; 4 स्पॅन लाँच केले.
|
|
9
|
कीम नदी (120 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
10
|
तापी नदी (720 मी)
|
पायाभूत कामे हाती घेतली आहेत, 12 पैकी 10 विहिरी पूर्ण.
|
|
11
|
मिंढोळा नदी (240 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
12
|
पूर्णा नदी (360 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
13
|
अंबिका नदी (200 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
14
|
वेंगणिया नदी (200 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
15
|
कावेरी नदी (120 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
16
|
खारेरा नदी (120 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
17
|
औरंगा नदी (320 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
18
|
पार नदी (320 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
19
|
कोलक नदी (160 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
20
|
दमण गंगा नदी (360 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
21
|
दरोठा नदी (80 मी)
|
पुलाचे बांधकाम पूर्ण.
|
|
22
|
जगानी नदी (360 मी)
|
पायाभूत कामे पूर्ण झाली आहेत.
|
|
23
|
वैतरणा नदी (2320 मी)
|
12 पाईल कॅप (Pile Cap) आणि 11 पियर (Pier) (58 पैकी) पूर्ण.
|
|
24
|
उल्हास नदी शाखा (120 मी)
|
पायाभूत कामे सुरू करण्यासाठी तात्पुरता प्रवेश पूल (TAB) पूर्ण.
|
|
25
|
देसाई खाडी नदीवरील पूल (400 मी)
|
भू-तांत्रिक तपासणी (GTI) पूर्ण झाली असून डिझाइनचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
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समुद्राखालून जाणाऱ्या बोगद्याचे (अंदाजे 21 किमी) काम सुरू झाले आहे, त्यापैकी महाराष्ट्रातील घणसोली आणि शिळफाटा दरम्यानच्या 4.8 किमी बोगद्याचे काम पूर्ण झाले आहे.
पुलाच्या उभारणीसह, सुरत-वापी या 97 किमीच्या टप्प्यातील सर्व बांधकामे पूर्ण झाली आहेत आणि रूळांचा पाया घालण्याचे काम 87% पूर्ण झाले आहे.
मात्र, बुलेट ट्रेन प्रकल्प हा खूप गुंतागुंतीचा आणि तंत्रज्ञानाचे प्राबल्य असलेला प्रकल्प आहे. सर्व स्थापत्य संरचना, रूळ, वीज पुरवठा, सिग्नल यंत्रणा आणि दूरसंचार यांच्याशी संबंधित कामे पूर्ण झाल्यानंतर तसेच गाड्यांच्या डब्यांच्या संचाविषयी निश्चित माहिती समजल्यानंतर संपूर्ण प्रकल्पाच्या पूर्ततेची निश्चित कालमर्यादा ठरवता येऊ शकेल.
तसेच, राष्ट्रीय वाहतूकविषयक पायाभूत सुविधा बळकट करणे, प्रादेशिक संपर्क जोडणी, आर्थिक विकास, पर्यटन, गुंतवणूक आणि रोजगार निर्मिती यांना चालना देणे तसेच रस्ते आणि हवाई वाहतुकीकडून रेल्वे वाहतुकीकडे पद्धतशीर स्थलांतराला प्रोत्साहन देणे या उद्देशाने सरकारने केंद्रीय अर्थसंकल्प 2026-27 मध्ये खालील सात उच्च-वेगवान रेल्वे (एचएसआर) मार्गिकांच्या विकासाची घोषणा केली आहे:-
- मुंबई-पुणे
- पुणे-हैदराबाद
- हैदराबाद-बंगळूरु
- हैदराबाद-चेन्नई
- चेन्नई-बंगळूरू
- दिल्ली-वाराणसी
- वाराणसी-सिलीगुडी
कोणताही एचएसआर मार्गिका/प्रकल्प मंजूर करण्याचा निर्णय अत्यंत भांडवलसंवेदी असल्यामुळे तो डीपीआरचे परिणाम, तांत्रिक-आर्थिक व्यवहार्यताविषयक अभ्यास तसेच वित्तपुरवठ्याच्या पर्यायांसारख्या संसाधनांची उपलब्धता यांसारख्या अनेक घटकांवर अवलंबून असतो.
समर्पित मालवाहतूक मार्गिका:
रेल्वे मंत्रालयाने लुधियाना ते सोननगर ही 1337 किमीची पूर्व समर्पित मालवाहतूक मार्गिका (ईडीएफसी) तसेच जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (जेएनपीटी) ते दादरी ही 1506 किमी ची पश्चिम समर्पित मालवाहतूक मार्गिका (डब्ल्यूडीएफसी) या दोन समर्पित मालवाहतूक मार्गिकांचे बांधकाम हाती घेतले आहे.
ईडीएफसी तसेच डब्ल्यूडीएफसी यांचे काम पूर्ण झाले असून या मार्गांवर परिचालन सुरु झाले आहे. या डीएफसीजवर दर दिवशी सरासरी 443 पेक्षा अधिक गाड्या धावतात. पूर्व आणि पश्चिम समर्पित मालवाहतूक मार्गिकांवरील (ईडीएफसी आणि डब्ल्यूडीएफसी) संपूर्णपणे कार्यान्वित झालेल्या विभागांनी परिचालनविषयक सशक्त कामगिरीचे दर्शन घडवले आहे. मालवाहतुकीचे प्रमाण निश्चित वेगाने वाढत आहे आणि अधिक सरासरी वेग, जलद फेऱ्या आणि सुधारित खात्रीशीरपणा उपलब्ध होत आहे. या मार्गिका कंटेनर, कोळसा आणि मोठ्या प्रमाणातील कार्गो वाहतुकीत सातत्याने वाढ दर्शवत असून मालवाहतूकीची क्षमता वाढवण्यात लक्षणीयरित्या योगदान देत आहेत.
ईडीएफसी आणि डब्ल्यूडीएफसीकडे मालवाहतूक वळवून डीएफसीने पारंपरिक नेटवर्कमध्ये अतिरिक्त मार्गांची निर्मिती करण्यात योगदान दिले आहे. त्यामुळे रेल्वेला स्वतःच्या नेटवर्क मध्ये अतिरिक्त वस्तू आणि प्रवासी वाहतूक सेवा देणे शक्य झाले आहे. डीएफसीजमुळे अधिक जलद प्रवास काळ, उच्च थ्रूपुट तसेच दुहेरी-थरांच्या कंटेनर्सचे (विशेषतः पश्चिम डीएफसीवर) परिचालन शक्य झाले आहे. या सुधारणांनी एकंदर लॉजिस्टिक्स खर्च कमी करण्यात, पुरवठा साखळीची कार्यक्षमता सुधारण्यात आणि भारतीय उद्योगांची स्पर्धात्मकता वाढवण्यात मोठे योगदान दिले आहे.
पूर्वेकडील दानकुनीला पश्चिमेकडील सुरत शहराशी जोडणाऱ्या नव्या समर्पित मालवाहतूक मार्गिकेची देखील घोषणा केंद्रीय अर्थसंकल्प 2026 मध्ये करण्यात आली आहे. या मार्गिकेसाठी तपशीलवार प्रकल्प अहवाल (डीपीआर)तयार करुन अपडेट करण्याचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
रेल्वेचे विद्युतीकरण:
भारतीय रेल्वेतील रेल्वे जाळ्याचे विद्युतीकरण मोहीम स्तरावर हाती घेण्यात आले आहे. आतापर्यंत सुमारे 99.6% ब्रॉडगेज जाळ्याचे विद्युतीकरण पूर्ण झाले आहे. उर्वरित जाळ्यातील विद्युतीकरणाचे काम हाती घेण्यात आले आहे. 2014-26 दरम्यान आणि 2014 पूर्वी केलेले विद्युतीकरण खालीलप्रमाणे आहे:
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कालावधी
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मार्ग किलोमीटर
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2014 पूर्वी (सुमारे 60 वर्षे)
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21,801
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2014-26
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48,072
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महाराष्ट्रात सध्याच्या संपूर्ण ब्रॉडगेज जाळ्याचे विद्युतीकरण झाले आहे. याशिवाय सर्व नवीन मार्ग आणि बहु-मार्गिका प्रकल्प विद्युतीकरणासह मंजूर केले जात असून त्यांचे बांधकामही त्याच पद्धतीने केले जात आहे.
स्थानकांचा पुनर्विकास:
दीर्घकालीन दृष्टिकोनातून स्थानकांच्या पुनर्विकासासाठी रेल्वे मंत्रालयाने अमृत भारत स्टेशन योजना सुरू केली आहे.
ही योजना गरजेनुसार, टप्प्याटप्प्याने आणि सुलभतेनुसार शाश्वत आणि पर्यावरणपूरक उपाय तसेच दीर्घकाळात स्थानकावर शहर केंद्र निर्माण करण्याची संकल्पना मांडते.
आतापर्यंत अमृत भारत स्टेशन योजनेअंतर्गत विकासासाठी 1340 स्थानके निश्चित करण्यात आली आहेत, ज्यापैकी 132 स्थानके महाराष्ट्रात आहेत. महाराष्ट्रात अमृत भारत स्टेशन योजनेअंतर्गत विकासासाठी निश्चित करण्यात आलेल्या स्थानकांची नावे खालीलप्रमाणे आहेत:
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State
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No. of Stations
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Names of Stations
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Maharashtra
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132
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Ahmednagar, Ajni (Nagpur), Akalkot Road, Akola, Akurdi, Amalner, Amgaon, Amravati, Andheri, Badnera, Balharshah, Bandra Terminus, Baramati, Belapur, Bhandara Road, Bhokar, Bhusawal, Borivali, Byculla, Chalisgaon, Chanda Fort, Chandrapur, Charni Road, Chhatrapati Sambhajinagar, Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus, Chinchpokli, Chinchwad, Dadar (CR), Dadar (WR), Dahisar, Daund, Dehu Road, Devlali, Dhamangaon, Dharangaon, Dharashiv, Dharmabad, Dhule, Diva, Dudhani, Gangakher, Godhani, Gondia, Grant Road, Hadapsar, Hatkanangale, Hazur Sahib Nanded, Himayatnagar, Hinganghat, Hingoli Deccan, Igatpuri, Jalgaon, Jalna, Jeur, Jogeshwari, Kalyan Jn, Kamptee, Kandivali, Kanjur Marg, Karad, Katol, Kedgaon, Kinwat, Kopargaon, Kurduwadi Jn, Kurla Jn, Lasalgaon, Latur, Lokmanya Tilak Terminus, Lonand Jn, Lonavla, Lower Parel, Malad, Malkapur, Manmad Jn, Manwath Road, Marine Lines, Matunga, Miraj Jn, Mudkhed Jn, Mumbai Central, Mumbra, Murtizapur Jn, Nagarsol, Nagpur Jn, Nandgaon, Nandura, Nandurbar, Narkher Jn, Nashik Road, Netaji Subhash Chandra Bose Itwari Junction, Pachora Jn, Palghar, Pandharpur, Panvel Jn, Parbhani Jn, Parel, Parli Vaijnath, Partur, Phaltan, Prabhadevi, Pulgaon Jn, Pune Jn, Purna Jn, Raver, Rotegaon, Sainagar Shirdi, Sandhurst Road, Sangli, Satara, Savda, Selu, Sewagram, Shahad, Shegaon, Shivaji Nagar Pune, Shri Chhatrapati Shahu Maharaj Terminus Kolhapur, Solapur, Talegaon, Thakurli, Thane, Titvala, Tumsar Road, Umri, Uruli, Vadala Road, Vidyavihar, Vikhroli, Wadsa, Wardha, Washim, Wathar
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पूर्ण झालेली स्थानके :
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State
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No. of Stations
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Name of Stations
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Maharashtra
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20
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Amgaon, Baramati, Byculla, Chanda Fort, Chinchpokli, Devlali, Dhule, Himayatnagar, Kedgaon, Lasalgaon, Lonand Junction, Malkapur, Matunga, Murtizapur Junction, Nandura, Netaji Subhash Chandra Bose Itwari Junction, Parel, Savda, Shahad, Vadala Road
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महाराष्ट्रात विकासकामे वेगाने हाती घेण्यात आली असून काही स्थानकांच्या प्रगतीचा तपशील खालीलप्रमाणे आहे:
- छत्रपती संभाजीनगर स्थानक: उत्तर बाजूकडील नवीन टपाल कार्यालय इमारत व पार्सल कार्यालय, तसेच रेल्वे सुरक्षा दल (आरपीएफ) आणि शासकीय रेल्वे पोलीस (जीआरपी) यांच्या नवीन इमारतींची कामे पूर्ण झाली आहेत. दक्षिण बाजूकडील नवीन आगमन व प्रस्थान इमारत, नवीन प्रतीक्षा कक्ष, प्रसाधनगृह, एअर कॉनकोर्स अर्थात हवेशीर मार्ग, 6 मीटर रुंदीचा पादचारी पूल, संपूर्ण फलाट आच्छादणारे छत, उत्तर व दक्षिण बाजूंना नवीन भूमिगत टाक्या, सांडपाणी प्रक्रिया प्रकल्प आणि नवीन विद्युत उपकेंद्र इमारत यांसारखी कामे हाती घेण्यात आली आहेत.
- जालना स्थानक: दक्षिण बाजूला नवीन आगमन व प्रस्थान इमारत, उत्तर बाजूला नवीन आगमन व प्रस्थान इमारती, फलाटावरील छत, हवेशीर मार्ग, 6 मीटर रुंद पादचारी पूल, संपूर्ण फलाट आच्छादणारे छत, उत्तर व दक्षिण बाजूस नवीन भूमिगत टाक्या, सांडपाणी प्रक्रिया प्रकल्प, नवीन टपाल कार्यालय व पार्सल कार्यालय इमारत, आरपीएफ आणि जीआरपी नवीन इमारत आणि विद्युत उपकेंद्र या कामांची सुरुवात करण्यात आली आहे.
- नागपूर स्थानक: प्रवासी आरक्षण प्रणालीची इमारत व तिकीटघर स्थलांतरित करण्याचे आणि मुख्य प्रवेशद्वाराकडील पार्किंगमध्ये सुधारणा करण्याचे काम पूर्ण झाले आहे. मुख्य प्रवेशद्वाराकडील बेसमेंट(तळघर) पार्किंग आणि प्रस्थान इमारत, नवीन प्रशासकीय इमारत यांचे बांधकाम; तसेच दुसऱ्या प्रवेशद्वाराकडील एकीकृत तळघर आणि प्रस्थान इमारत, नवीन हवेशीर मार्ग, फलाट क्रमांक 8 वरील पृष्ठभागाची सुधारणा आणि नवीन फलाट छत उभारण्याचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
- दिवा स्थानक: कल्याण आणि मुंबई बाजूकडील स्थानक इमारत व पादचारी पुलामध्ये सुधारणा, फलाटाच्या पृष्ठभागाचे नूतनीकरण, वाहनतळ, नवीन प्रवेशद्वार, नवे फलाट छत, नवीन प्रसाधनगृहे आणि फलाटाची उंची वाढवणे ही कामे पूर्ण झाली आहेत. नवीन पादचारी पुलाचे काम हाती घेण्यात आले आहे.
- शेगाव स्थानक: नवे फलाट छत, स्थानक इमारतीत सुधारणा, फलाटाचा पृष्ठभाग सुधारणे आणि 12 मीटर रुंदीचा नवीन पादचारी पूल, ही कामे पूर्ण झाली आहेत. नवे तिकीटघर, परिसरातील मोकळ्या जागेचा विकास, पार्किंग, स्थानकावरील प्रकाशयोजना, तसेच 12 मीटर रुंदीच्या पादचारी पुलासाठी लिफ्ट आणि सरकते जिने बसवण्याची कामे हाती घेण्यात आली आहेत.
केंद्रीय रेल्वे, माहिती आणि प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स व माहिती तंत्रज्ञान मंत्री अश्विनी वैष्णव यांनी आज लोकसभेत एका लेखी उत्तरात ही माहिती दिली
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