विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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बोरोफेन आधारित पर्यावरण अनुकूल लुब्रिकेंट ऊर्जा बचाने में मदद कर सकता है

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 3:43PM by PIB Delhi

वैज्ञानिकों ने पहली बार अरंडी के तेल में उच्च-प्रदर्शन वाले लुब्रिकेंट योजक के रूप में बोरोफेन नामक द्वि-आयामी (2डी) नैनो पदार्थ के उपयोग को प्रदर्शित करके टिकाऊ लुब्रिकेंट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस शोध में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, समुद्री अनुप्रयोगों, ग्रीन लुब्रिकेशन प्रौद्योगिकियों और टिकाऊ विनिर्माण को बढ़ावा देकर लुब्रिकेशन उद्योग में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता है।

घर्षण और टूट-फूट विश्वभर के उद्योगों में ऊर्जा हानि और उपकरण विफलता के प्रमुख कारण हैं। इसलिए इन हानियों को प्रभावी ढंग से कम करने वाले उन्नत लुब्रिकेंट विकसित करना एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी चुनौती है। अरंडी का तेल एक आकर्षक नवीकरणीय और जैव-अपघटनीय लुब्रिकेंट  है और मिलाए जाने वाले उपयुक्त पदार्थो के उपयोग से इसके प्रदर्शन को और भी बेहतर बनाया जा सकता है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, गुवाहाटी स्थित उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी अध्ययन संस्थान (आईएएसएसटी ) की एक शोध टीम ने दिखाया है कि अरंडी के तेल में बहुत कम मात्रा में बोरोफेन (केवल 0.1 वजन प्रतिशत) मिलाने से इसके लुब्रिकेशन प्रदर्शन में आश्चर्यजनक सुधार होता है, जिससे शुद्ध अरंडी के तेल की तुलना में घर्षण लगभग 42 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

प्रोफेसर देवाशीष चौधरी के मार्गदर्शन में किए गए शोध के निष्कर्ष, जिसमें श्री उज्जिबित बरूआ, इंस्पायर सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ), प्रथम लेखक हैं, पर्यावरण के अनुकूल लुब्रिकेंट के विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं जो मशीन की दक्षता में सुधार करते हैं, टूट-फूट को कम करते हैं और औद्योगिक प्रणालियों में ऊर्जा की खपत को कम करते हैं।

चित्र : () अरंडी के तेल में बोरोफेन के स्थिर फैलाव का इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप चित्र। (बी) बोरोफेन के साथ घर्षण गुणांक में कमी दर्शाने वाला आरेख। (सी) लुब्रिकेशन के बाद सतह के खुरदरेपन में कमी दर्शाने वाली संपर्क सतहों का इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप चित्र।

प्रोफेसर चौधरी ने कहा, हाल के वर्षों में द्वि-आयामी पदार्थों ने अत्यधिक ध्यान आकर्षित किया है। इनमें से बोरोफेन अपने उल्लेखनीय भौतिक और रासायनिक गुणों के कारण विशेष रूप से रोमांचक है। यद्यपि बोरोफेन ने बैटरी, सुपरकैपेसिटर, ईंधन सेल और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों में अपार क्षमता दिखाई है लेकिन उच्च-प्रदर्शन लुब्रिकेंट योजक के रूप में इसके अनुप्रयोग का अब तक पता नहीं लगाया गया था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि बोरोफेन बिना किसी रासायनिक संशोधन के अरंडी के तेल में समान रूप से फैल जाता है। उपयोग के दौरान यह लौह ऑक्साइड, कार्बनयुक्त यौगिकों और बोरोन-आधारित यौगिकों से युक्त एक टिकाऊ सुरक्षात्मक ट्राइबोफिल्म बनाता है। यह सुरक्षात्मक परत अपरूपण तनाव को कम करती है, भार वहन क्षमता को बढ़ाती है और घिसाव को न्यूनतम करती है।

इस शोध से पता चलता है कि बोरोफेन और नवीकरणीय अरंडी के तेल के संयोजन से एक उच्च-प्रदर्शन वाला जैव-लुब्रिकेंट  तैयार किया जा सकता है, जिसमें ऊर्जा दक्षता में सुधार और मशीनरी के जीवनकाल को बढ़ाने की महत्वपूर्ण क्षमता है। यह शोध, जो हाल ही में जर्नल एसीएस एप्लाइड इंजीनियरिंग मैटेरियल्स में प्रकाशित हुआ है, टिकाऊ लुब्रिकेशन प्रौद्योगिकियों में बोरोफेन के उपयोग के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करता है।

प्रकाशन लिंक: doi=10.1021/acsaenm.6c00540

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