ग्रामीण विकास मंत्रालय
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वीबी-जी-राम-जी विकसित ग्राम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल : केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान


 वीबी-जी-राम-जी के प्रभावी क्रियान्वयन में देशभर के ग्राम प्रधानों, मुखिया और सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : श्री कमलेश पासवान

वाराणसी में आयोजित देश के पहले पंच सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान हुए शामिल

 उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम प्रधानों ने पंच सम्मेलन में लिया भाग, अपने-अपने राज्यों के अनुभव, नवाचार और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की संभावनाओं को किया साझा

प्रविष्टि तिथि: 16 JUL 2026 4:40PM by PIB Delhi

वाराणसी में आयोजित देश के पहले पंच सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने कहा कि "वीबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G)" विकसित ग्राम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन में देशभर के ग्राम प्रधानों, मुखिया और सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने संयुक्त रूप से किया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम प्रधानों एवं मुखियाओं ने भाग लिया।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को आयोजित पंच सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पासवान ने कहा कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी देश के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण भारत की इस पीड़ा को समझते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने का संकल्प लिया, जिससे गांवों में बिजली, पानी, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि वीबी-जी-राम-जी ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को सुदृढ़ करने के साथ गांवों को आत्मनिर्भर एवं विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ग्राम प्रधानों की भूमिका पर बल देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि यदि प्रधान संकल्प लेकर कार्य करें तो वे अपने गांव की किस्मत बदल सकते हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से पांच वर्षीय विकास योजना तैयार करने, स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन विकास कार्यों का लाभ उठा सकें।

श्री पासवान ने बताया कि एक जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू "वीबी-जी-राम-जी" ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एक सशक्त प्रणाली के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के संचालन में जिन प्रावधानों में व्यावहारिक कठिनाइयां थीं अथवा जिनमें सुधार की आवश्यकता महसूस की गई थी, उन्हें संशोधित कर इस नई व्यवस्था में समाहित किया गया है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब कम होगा तथा ग्रामीणों को समयबद्ध ढंग से लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि वीबी-जी-राम-जी के माध्यम से ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। विकास कार्यों की ऑनलाइन निगरानी, पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया, समयबद्ध भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण को मजबूती तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं के चयन को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण अधोसंरचना, रोजगार सृजन, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों में तेजी आएगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी और अधिक सशक्त होगी। साथ ही महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी योजनाओं का अधिक लाभ एवं नए अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। "वीबी-जी-राम-जी" गांवों में सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई कार्यसंस्कृति स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विकसित गांवों की मजबूत नींव आवश्यक है और यह पहल उसी दिशा में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होगी।

सम्मेलन के तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों को वीबी-जी-राम-जी अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में ग्रामीण विकास एवं पंचायतों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। जीआईजेड (GIZ) ने विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) पर तथा प्रदान (PRADAN) ने ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण पर प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) द्वारा वीबी-जी-राम-जी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत प्रधानों की भूमिका पर एक विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ बनाने, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से सहभागी एवं साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा देने, विभिन्न योजनाओं के बेहतर अभिसरण (Convergence), ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत करने तथा अधिनियम के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड से आए ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने राज्यों के अनुभव, नवाचार, कार्यक्रम के क्रियान्वयन की संभावनाओं तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त सीख को भी साझा किया।

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RC/PU


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