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आईआईटी रुड़की और डब्ल्यूआरआई इंडिया ने सतत बैटरी अनुसंधान एवं स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

* सतत बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण और ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए सहयोग
* सतत बैटरियों, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों में अनुसंधान, नवाचार और नीतिगत सहभागिता को सशक्त बनाने की दिशा में साझेदारी
* परिपत्र अर्थव्यवस्था, महत्वपूर्ण खनिजों, संसाधन दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को समर्थन देने हेतु संयुक्त पहल

प्रविष्टि तिथि: 20 JUN 2026 9:07PM by PIB Dehradun

रुड़की, उत्तराखंड, 16 जून, 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) और डब्ल्यूआरआई इंडिया ने सतत बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र, परिपत्र अर्थव्यवस्था, महत्वपूर्ण खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारत की स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में तेजी लाने, घरेलू बैटरी एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, संसाधन दक्षता को बढ़ावा देने तथा सतत एवं आत्मनिर्भर आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की दृष्टि के अनुरूप है।


समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श (एसआरआईसी) के अधिष्ठाता प्रो. विवेक कुमार मलिक तथा डब्ल्यूआरआई इंडिया की ओर से एकीकृत परिवहन, स्वच्छ वायु एवं हाइड्रोजन कार्यक्रम के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक श्री पवन कुमार मुलुकुटला ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के संसाधन एवं पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता प्रो. योगेश शर्मा तथा डब्ल्यूआरआई इंडिया के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एवं बैटरी कार्यक्रम निदेशक श्री चैतन्य कानुरी उपस्थित रहे। एमओयू की हस्ताक्षरित प्रतियों का औपचारिक आदान-प्रदान नई दिल्ली स्थित अशोका होटल में आयोजित बैटरी समिट 2026 के दौरान आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. योगेश शर्मा द्वारा किया गया।


यह सहयोग सतत गतिशीलता, बैटरी प्रौद्योगिकी, संसाधन दक्षता, पुनर्चक्रण, परिपत्र अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिज मूल्य शृंखलाओं से संबंधित क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान आदान-प्रदान, शैक्षणिक सहभागिता, नीतिगत अध्ययन, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सम्मेलनों तथा छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है। यह साझेदारी अनुसंधान-आधारित नवाचार, हितधारकों की सहभागिता, ज्ञान सृजन और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को समर्थन प्रदान करेगी।


आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि सतत एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की दिशा में परिवर्तन के लिए शिक्षाविदों, उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और नीति-निर्माताओं के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआरआई इंडिया के साथ यह साझेदारी सतत बैटरियों, परिपत्र अर्थव्यवस्था, महत्वपूर्ण खनिजों और स्वच्छ गतिशीलता जैसे भारत के ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार, क्षमता निर्माण और ज्ञान सृजन के नए अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह सहयोग आत्मनिर्भर भारत, सतत औद्योगिक विकास और भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को समर्थन देने वाली भविष्य उन्मुख प्रौद्योगिकियों के विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।


आईआईटी रुड़की के एसआरआईसी अधिष्ठाता प्रो. विवेक कुमार मलिक ने कहा कि यह एमओयू सहयोगात्मक अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण पहलों के लिए एक महत्वपूर्ण ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आईआईटी रुड़की की अनुसंधान क्षमता और डब्ल्यूआरआई इंडिया की सतत विकास एवं नीतिगत विशेषज्ञता को एक साथ लाकर दोनों संस्थान ऐसे सार्थक परिणाम प्राप्त करने का प्रयास करेंगे, जो तकनीकी प्रगति और साक्ष्य-आधारित निर्णय निर्माण में योगदान दें।


यह साझेदारी सतत प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को समर्थन देने तथा स्वच्छ ऊर्जा, सतत गतिशीलता और संसाधन-कुशल विकास के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थान अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, नीति और सामाजिक परिवर्तन के संगम पर सार्थक प्रभाव उत्पन्न करने का लक्ष्य रखते हैं।


(रिलीज़ आईडी: 2275867) आगंतुक पटल : 6
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