अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में जैन समुदाय के योगदान पर अध्ययन रिपोर्ट जारी की
अध्ययन में समुदाय के ऐतिहासिक विकास, संस्थागत भूमिका और मूल्य-आधारित शैक्षिक दर्शन का दस्तावेजीकरण किया गया है
प्रविष्टि तिथि:
29 MAY 2026 6:36PM by PIB Delhi
भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने आज “शिक्षा के क्षेत्र में जैन समुदाय का योगदान” विषय पर अध्ययन रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव सुश्री अलका उपाध्याय द्वारा जारी की गई।
यह अध्ययन सोशियो-इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) द्वारा किया गया। इसमें भारत में जैन समुदाय के ऐतिहासिक विकास, संस्थागत योगदान और शैक्षिक दर्शन का दस्तावेजीकरण किया गया है। रिपोर्ट में शिक्षा, अनुसंधान, छात्रवृत्तियों, मूल्य-आधारित शिक्षा तथा शिक्षा तक समावेशी पहुँच को बढ़ावा देने में जैन ट्रस्टों, परोपकारियों, शैक्षिक संस्थानों और सामुदायिक संगठनों की भूमिका को दर्शाया गया है।
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि जैन समुदाय ने शिक्षा के माध्यम से न केवल शैक्षणिक प्रगति में, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र-निर्माण में भी योगदान दिया है। ज्ञान, सेवा, करुणा और समावेशिता जैसे मूल्यों से प्रेरित जैन समुदाय की शैक्षिक पहलों ने भारत के शैक्षिक और नैतिक परिदृश्य को समृद्ध किया है।
इस अध्ययन के अल्पसंख्यक शिक्षा, मूल्य-आधारित अधिगम तथा समुदायिक-नेतृत्व वाले शैक्षिक विकास मॉडलों पर कार्य कर रहे नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, शैक्षिक संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के लिए एक उपयोगी संदर्भ के रूप में कार्य करने की अपेक्षा है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव ने कहा कि यह अध्ययन समावेशी विकास और सूचित नीति-निर्माण की दिशा में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सतत् प्रयासों को दर्शाता है तथा अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए अनुसंधान-आधारित नीतिगत सुझावों और साक्ष्य-आधारित पहलों के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है।
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पीके/केसी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2266786)
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