कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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श्री शिवराज सिंह चौहान का ऐलान, पीएम मोदी के "रिफॉर्म एक्सप्रेस" के तहत कृषि मंत्रालय किसानों के जीवन को सुगम बनाने के लिए करेगा अहम बदलाव


घरेलू उपयोग के कीटनाशकों की बिक्री एवं भंडारण हेतु लाइसेंसिंग और नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को बनाया जाएगा सरल- केंद्रीय कृषि मंत्री

कृषि जिंसों के आयात को सुगम बनाने के लिए देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स को डिजिटली इंटीग्रेट किया गया- केंद्रीय कृषि मंत्री

प्रविष्टि तिथि: 18 MAY 2026 7:40PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापक स्तर पर रिफॉर्म एक्सप्रेस की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय रिफॉर्म्स को और गति देने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव श्री अतीश चंद्रा ने मंत्रालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न सुधारों एवं आगामी रिफॉर्म्स के संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री को विस्तार से जानकारी दी।

सचिव श्री अतीश चंद्रा ने बताया कि घरेलू उपयोग के कीटनाशकों (House-hold Pesticides) की बिक्री एवं भंडारण हेतु लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया गया है। लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र को तीन पृष्ठों से घटाकर मात्र एक पृष्ठ का कर दिया गया है। साथ ही, उत्पादों के साथ दिए जाने वाले पारंपरिक फिजिकल लीफलेट की व्यवस्था समाप्त कर उत्पाद के लेबल पर सीधे QR Code की व्यवस्था की गई है जिससे अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

इस सुधार से मच्छर भगाने वाली मैट, कॉइल, लिक्विड वेपोराइजर एवं कॉकरोच स्प्रे जैसे उत्पाद बेचने वाले 40 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं एवं किराना दुकानदारों को लाभ मिलेगा।

बैठक में उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order), 1985 के अंतर्गत नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी जानकारी दी गई। पहले नए उर्वरक, उसकी विशिष्टताओं एवं विश्लेषण पद्धति को शामिल करने के लिए दो स्तरीय व्यवस्था लागू थी, जिसमें तकनीकी समिति एवं केंद्रीय उर्वरक समिति दोनों की स्वीकृति आवश्यक होती थी। अब इस दोहरी व्यवस्था को समाप्त कर केवल केंद्रीय उर्वरक समिति को अधिकृत किया गया है। इस नई प्रणाली से अब तक 19 आवेदकों एवं निर्माताओं को लाभ प्राप्त हो चुका है।

कृषि जिंसों के आयात को सुगम बनाने के लिए किए गए सुधारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स पर डिजिटल एकीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। Plant Quarantine Management System (PQMS) तथा Indian Customs Electronic Data Interchange Gateway (ICEGATE) के बीच एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन स्थापित किया गया है। अब कृषि जिंस आयातकों को केवल ICEGATE पर एक ही आवेदन करना होगा। इसके बाद Import Release Order (IRO) सीधे आयातक के लॉगिन पर जारी हो जाएगा।

बैठक में बीज एवं रोपण सामग्री के आयात-निर्यात प्रक्रिया को भी सरल बनाए जाने की जानकारी दी गई। सरकार ने EXIM Committee को पूरी तरह समाप्त कर दिया है तथा “Prior Recommendation” प्राप्त करने की अनिवार्य व्यवस्था को भी खत्म कर दिया गया है जिससे बीज एवं रोपण सामग्री के आयात-निर्यात की प्रक्रिया अधिक सहज एवं त्वरित हो गई है।

किसानों के जीवन को आसान बनाने हेतुभारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) – AI in Agriculture” प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की गई। यह एक नवीन केंद्रीय AI आधारित प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य खेती-किसानी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। 17 फरवरी 2026 को इसके प्रथम चरण के शुभारंभ के बाद से अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 44 लाख से अधिक प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं।

बैठक में बताया गया कि पहले किसानों को जानकारी प्राप्त करने के लिए 15 से अधिक विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जाना पड़ता था जबकि अब वे दिन-रात किसी भी समय एक ही स्थान पर सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

एक अन्य रिफॉर्म के तहत कृषि क्षेत्र में 'व्यापार को सुगम बनाने' (Ease of Doing Business) के उद्देश्य से सरकार 'उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985' के तहत नए उर्वरकों की मंजूरी प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित करने के फैसले पर विचार कर रही है। इस नए सुधार के तहत स्थापित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले अकार्बनिक उर्वरकों को अनिवार्य फील्ड ट्रायल (परीक्षण) से छूट दी जा सकेगी। इससे नई तकनीक वाले उर्वरकों को बाजार में लाने की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। वर्तमान में इस व्यवस्था पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है और आईसीएआर (ICAR), कृषि उद्योग जगत तथा राज्य सरकारों के साथ व्यापक विचार-विमर्श दस्तावेजों की समीक्षा के बाद इस सुधार को अंतिम रूप देकर लागू करने पर विचार किया जाएगा।

बैठक के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता एवं सुशासन को बढ़ावा देने के लिए सुधार की प्रक्रिया को और तीव्र करें। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, तेज एवं प्रभावी बनाना है।

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आरसी/एमएस


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