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आईआईटी रुड़की ने IDE बूटकैंप 2026 के माध्यम से नई पीढ़ी के इनोवेटर्स को सशक्त बनाया

* बहु-चरणीय राष्ट्रीय कार्यक्रम छात्रों को नवाचार, उत्पाद डिज़ाइन और उद्यमिता के कौशल से सुसज्जित करता है

* 30 स्थानों पर 6,500 छात्रों की भागीदारी, वास्तविक चुनौतियों के लिए डिज़ाइन-आधारित समाधान विकसित

प्रविष्टि तिथि: 28 APR 2026 1:12PM by PIB Dehradun

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, अपनी टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड डेवलपमेंट ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप सोसाइटी (TIDES) के माध्यम से, इनोवेशन, डिज़ाइन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (IDE) बूटकैंप 2026 – संस्करण 3 (चरण II) का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वाधवानी फाउंडेशन नॉलेज पार्टनर तथा एसबीआई फाउंडेशन ऑर्गेनाइजिंग पार्टनर के रूप में जुड़े हैं।

IDE बूटकैंप 2026 एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जो तीन चरणों में 30 स्थानों पर आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के लगभग 6,500 छात्रों को जोड़ना है। पहला चरण (6–10 अप्रैल 2026) 13 स्थानों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुका है, जबकि दूसरा चरण वर्तमान में 13 स्थानों पर, जिनमें आईआईटी रुड़की भी शामिल है, चल रहा है। तीसरा चरण 11 से 15 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

इस संस्करण का मुख्य विषय “डिज़ाइन विकास के लिए सबसे बड़ा परिवर्तनकारी माध्यम हो सकता है” है, जो वास्तविक समस्याओं के समाधान में डिज़ाइन थिंकिंग की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। बूटकैंप में प्रतिभागियों को समस्या समाधान, नवाचार, उत्पाद डिज़ाइन और निवेश के लिए तैयार स्टार्टअप विचार विकसित करने हेतु व्यावहारिक सीखने का अवसर प्रदान किया जाता है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ सत्र, मेंटरशिप, एक्सपोज़र विज़िट्स और इंटरएक्टिव कार्यशालाएँ शामिल हैं। इसके प्रमुख घटकों में इनोवेशन इकोसिस्टम की समझ, फंडिंग अवसरों पर सत्र, सरकारी अनुदान, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) तथा अंतिम दिन पिचिंग सत्र शामिल हैं।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आज़म अली खान ने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और छात्रों को अपने विचारों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रभावशाली समाधानों में बदलने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

के. के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की ने संस्थान की नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्रयास छात्रों को नौकरी देने वाले बनने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बनाते हैं।

बूटकैंप में गोपाकुमार विश्वनाथन और मोहम्मद मुस्तकीम द्वारा विशेषज्ञ सत्र भी आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का समापन साई रामुडु मेका द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने साझेदार संगठनों, मेंटर्स और प्रतिभागियों के सहयोग की सराहना की।

वर्ष 2023 में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शुरू किया गया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परिकल्पित IDE बूटकैंप, युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाकर भारत के नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


(रिलीज़ आईडी: 2256162) आगंतुक पटल : 19
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