सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
अर्थव्यवस्था के औपचारिक क्षेत्र में सेवा उत्पादन सूचकांक के संकलन हेतु दृष्टिकोण पत्र
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने दृष्टिकोण पत्र पर हितधारकों से टिप्पणियां/प्रतिक्रिया आमंत्रित की हैं
प्रविष्टि तिथि:
27 APR 2026 4:25PM by PIB Delhi
सेवा क्षेत्र अर्थव्यवस्था का सबसे गतिशील और तेजी से विस्तारित होने वाला क्षेत्र है। आर्थिक महत्व की दृष्टि से, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आधे से अधिक योगदान सेवा क्षेत्र का है। यह क्षेत्र लाखों रोजगार सृजित करता है और पिछले कुछ दशकों में देश के आर्थिक बदलाव का एक प्रमुख उत्प्रेरक रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के विपरीत, सेवा क्षेत्र में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव मापने का अभी कोई सेवा उत्पादन सूचकांक नहीं है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ), लंबे समय से सेवा उत्पादन सूचकांक के संकलन के मुद्दे से जूझ रहा है। इसके सीमित आंकड़ों की उपलब्धता के कारण पहले भी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां आती रही हैं। सेवा उत्पादन सूचकांक की अनुपलब्धता से समग्र आर्थिक प्रदर्शन के आकलन में महत्वपूर्ण आंकड़े संबंधी अंतर उत्पन्न हो गया है।
हाल में भारत में डेटा की मांग, प्रौद्योगिकी अपनाने और प्रशासनिक एवं द्वितीयक डेटा स्रोतों के डिजिटलीकरण के कारण डेटा परिदृश्य में व्यापक बदलाव आया है। 1 जुलाई, 2017 को भारत में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से आर्थिक विश्लेषण में एक मौलिक बदलाव आ गया है, क्योंकि मासिक जीएसटी संग्रह डेटा आर्थिक गतिविधियों का शक्तिशाली संकेतक है। कराधान के प्राथमिक उद्देश्य के अलावा, माल एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन और बाह्य आपूर्ति के उल्लेखनीय डेटा स्रोत के रूप में उभरा है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने सेवा क्षेत्र की प्रगति की निगरानी के लिए एकत्रित जीएसटी डेटा के उपयोग का प्रस्ताव किया है। मंत्रालय के पास इस उद्देश्य के लिए व्यक्तिगत इकाई स्तर के डेटा तक पहुंच नहीं है और न ही इसकी आवश्यकता है, जिससे इस प्रकार की अलग-अलग जानकारी की गोपनीयता बनी रहती है। हालांकि, सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए डेटा की उपयुक्तता का गहन विश्लेषण आवश्यक है। इस दिशा में मई 2025 में सेवा उत्पादन सूचकांक पर एक तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी-आईएसपी) का गठन किया गया था। टीएसी-आईएसपी के चौबीस सदस्यों ने पिछले एक वर्ष में कई बार विचार-विमर्श किए हैं और औपचारिक क्षेत्र के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) संकलन पर एक दृष्टिकोण पत्र तैयार किया है। प्रस्तावित दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रचलनों के संदर्भ में और टीएसी-आईएसपी के सदस्यों के परामर्श से विकसित किया गया है।
इस दृष्टिकोण पत्र में सेवा क्षेत्र के 40 से अधिक उप-क्षेत्रों के उत्पादन संबंधी आंकड़ों की उपलब्धता और व्यापकता के संदर्भ में उनकी उपयुक्तता का व्यापक विश्लेषण किया गया है। इसमें सबसे उपयुक्त मूल्य अवमूल्यनकर्ताओं की उपलब्धता और इन अवमूल्यनकर्ताओं के आधार के मानकीकरण की विधियों पर चर्चा की गई है। इसमें शामिल प्रमुख उप-क्षेत्रों में थोक और खुदरा व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, संचार, होटल और रेस्तरां, भू-संपत्ति, पेशेवर, वैज्ञानिक और तकनीकी सेवाएं, कला, मनोरंजन और आमोद-प्रमोद क्षेत्र आदि शामिल हैं।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने प्रस्तावित विधियों पर विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों से विचार और टिप्पणियां आमंत्रित किया है। दृष्टिकोण पत्र मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे https://www.mospi.gov.in/uploads/announcements/announcements_1777286 440613_75065afb-ded9-4c80-ba5dbdd2fc61f355_Services_sector_approach_paper_final_merged.pdf लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है । इसे नीचे दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी देखा जा सकता है। टिप्पणियाँ और सुझाव 5 मई, 2026 तक ddgec.esd@mospi.gov.in पर ईमेल द्वारा भेजे जा सकते हैं।
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पीके/केसी/एकेवी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2256000)
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