गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सनातन संस्कृति के प्राणाधार, परम पूज्य जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी
जिस समय भारत अनेक रूढ़ियों से ग्रस्त था और हमारे धर्म व संस्कृति को निरंतर आघात पहुँचाया जा रहा था, तब उन्होंने समाज को सत्य का दर्शन कराने के लिए अद्वैत वेदांत का मार्ग प्रशस्त किया
सनातन धर्म की ध्वज-पताका को पूरे देश में पुनः लहराने, संस्कृति को अक्षुण्ण रखने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए उन्होंने भारत-भ्रमण किया और चार दिशाओं में चार मठ स्थापित किए
अल्पायु में ही वेदों और शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को आत्मसात कर उन्होंने उपनिषदों पर ऐसे सरल और स्पष्ट भाष्य रचे, जिन्होंने समाज को पुनः वैदिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर किया
आदि शंकराचार्य जी के ज्ञान और परिश्रम से ही हमारी संस्कृति पुनः पुष्पित और पल्लवित हुई
प्रविष्टि तिथि:
21 APR 2026 4:46PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सनातन संस्कृति के प्राणाधार, परम पूज्य जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी ।
X पर जारी एक पोस्ट में श्री अमित शाह ने कहा, “सनातन संस्कृति के प्राणाधार, परम पूज्य जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की जयंती पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। जिस समय भारत अनेक रूढ़ियों से ग्रस्त था और हमारे धर्म व संस्कृति को निरंतर आघात पहुँचाया जा रहा था, तब उन्होंने समाज को सत्य का दर्शन कराने के लिए अद्वैत वेदांत का मार्ग प्रशस्त किया। सनातन धर्म की ध्वज-पताका को पूरे देश में पुनः लहराने, संस्कृति को अक्षुण्ण रखने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए उन्होंने भारत-भ्रमण किया और चार दिशाओं में चार मठ स्थापित किए। अल्पायु में ही वेदों और शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को आत्मसात कर उन्होंने उपनिषदों पर ऐसे सरल और स्पष्ट भाष्य रचे, जिन्होंने समाज को पुनः वैदिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर किया। आदि शंकराचार्य जी के ज्ञान और परिश्रम से ही हमारी संस्कृति पुनः पुष्पित और पल्लवित हुई। आदिशंकर को कोटि-कोटि वंदन।“
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RK/RR/PR/PS
(रिलीज़ आईडी: 2254156)
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