शिक्षा मंत्रालय
हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) रायपुर में दस दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का हुआ सफल समापन
नवाचार के साथ सुलभता और वहनीयता का संतुलन आवश्यक: न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम, अध्यक्ष, एनएचआरसी
प्रविष्टि तिथि:
17 APR 2026 2:51PM by PIB Raipur
हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने अपने डीपीआईआईटी–आईपीआर चेयर के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम “इमर्जिंग आईपी ज्यूरिसप्रूडेंस एंड इवॉल्विंग ट्रेंड्स ऑफ आईपी टीचिंग एंड रिसर्च” का सफलतापूर्वक समापन किया। समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम ने भविष्य-उन्मुख बौद्धिक संपदा न्यायशास्त्र के निर्माण में अकादमिक जगत की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
अपने संबोधन में न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यम ने बौद्धिक संपदा कानून, मानवाधिकार और लोकहित के बीच विकसित होते संबंधों पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने भारत में नवाचार को प्रोत्साहित करने में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि नवाचार के साथ-साथ उसकी सुलभता और वहनीयता के बीच संतुलन बनाना समय की मांग है। उन्होंने शिक्षाविदों से आग्रह किया कि वे उभरती चुनौतियों के अनुरूप नवीन कानूनी सिद्धांतों को विकसित करने में नेतृत्व करें।

इससे पूर्व, कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने अपने स्वागत भाषण में न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यम के विधिक और साहित्यिक योगदानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और विधिक व्यवस्था नवाचार के प्रमुख सक्षमकर्ता के रूप में कार्य करती हैं। कुलपति ने यह भी संकेत दिया कि बौद्धिक संपदा मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेषीकृत आईपी न्यायालयों का गठन भविष्य की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
इस दस दिवसीय एफडीपी में देश भर से 70 से अधिक प्राध्यापकों, शोधार्थियों और प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बौद्धिक संपदा प्रभाग के निदेशक श्री एंटनी टॉबमैन सहित 20 विशिष्ट विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल नवाचार और वैश्विक नियामक ढांचों जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन डॉ. अंकित सिंह, कार्यक्रम निदेशक द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
(रिलीज़ आईडी: 2252942)
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