कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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भारत के कुशल युवाओं की उत्कृष्टता और आकांक्षाओं के उत्‍सव - इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025–26 का ग्रेटर नोएडा में समापन


यह युवा होने का बेहतरीन समय है, सपने देखने का बेहतरीन समय है : इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025–26 में श्री जयंत चौधरी

प्रविष्टि तिथि: 02 APR 2026 8:45PM by PIB Delhi

कौशलों में उत्कृष्टता का उत्सव मनाने वाले भारत के प्रमुख मंच, इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025–26, आज ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में समापन हो गया। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वावधान तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया। 63 कौशल श्रेणियों में 650 से अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को एक साथ लाते हुए इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने तकनीकी दक्षता, नवाचार और अनुशासन के उच्चतम मानकों का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में 288 उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पदकों से सम्मानित किया गया — जिनमें स्वर्ण (63), रजत (64), कांस्य (68) और उत्कृष्टता पदक (93) शामिल हैं। ये पुरस्कार क्लाउड कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीएनसी मशीनिंग, मोबाइल ऐप विकास और वेब प्रौद्योगिकी से लेकर आतिथ्य, ब्यूटी थेरेपी, फ्लोरिस्ट्री, फैशन प्रौद्योगिकी और वेल्डिंग जैसे विविध कौशल क्षेत्रों में दिए गए। इनमें 45 महिला विजेता भी शामिल रहीं, जो कौशल विकास के प्रति महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। ओडिशा (57) ने सर्वाधिक पदक हासिल किए, इसके बाद तमिलनाडु (46) का स्थान रहा।

भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता राज्‍य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा, “इंडियास्किल्स भारत की ऐसे राष्‍ट्र के रूप में विकसित होती पहचान का सशक्त प्रतीक है, जो ज्ञान के साथ-साथ कौशल को भी महत्व देता है। यह ऐसे युवा भारत की भावना को प्रदर्शित करता है, जो सीखने, अनुकूलन करने और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है। एक ऐसी दुनिया में जहाँ सफलता क्षणिक और परिवर्तन सतत है, वास्तविक ताकत लचीलापन बनाए रखने, स्वयं को लगातार उन्नत करने और नए अवसरों को आत्मविश्वास के साथ अपनाने में है। शिक्षा आधार प्रदान करती है और कौशल उसे उद्देश्य और दिशा देते हैं। जब दोनों एक साथ आते हैं, तो यह व्यक्तिगत क्षमता को उजागर करता है और राष्ट्रीय प्रगति को गति देता है। इस विश्वास को अभूतपूर्व निवेशों —शिक्षा में 84,000 करोड़ रुपये और आईटीआई जैसे संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये —द्वारा समर्थन प्राप्त है, जो इस बात की ओर इंगित करते हैं कि हम अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने के तरीके में परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इंडियास्किल्स सरकार, उद्योग जग‍त और समाज के सामूहिक प्रयासों को भी दर्शाता है, जो नीतियों को जमीनी स्‍तर पर असरदार प्रभाव में बदलने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यहीं युवा वैश्विक मानकों का अनुभव ग्रहण करते हैं, वास्तविक दबाव का सामना करते हैं और असीम उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास का निर्माण करते हैं। यह सपने देखने, प्रतिस्पर्धा करने और साहस के साथ आगे बढ़ने का क्षण है, क्योंकि आज जो कौशल हम विकसित कर रहे हैं, वहीं से भारत से दुनिया तक की यात्रा शुरू होती है।”

इस अवसर पर बिहार सरकार के श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग तथा युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग के मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर ने कहा, “इंडियास्किल्स प्रतियोगिता एक ऐसा इकोसिस्‍टम प्रस्तुत करती है, जहाँ महत्वाकांक्षा अवसर से मिलती है और सीखना उद्देश्य में बदल जाता है। यह एक ऐसे उभरते भारत को दर्शाती है, जो अपने युवाओं और भविष्य को आकार देने की उनकी क्षमता में विश्वास करता है। बिहार जैसे राज्यों से, जहाँ कौशल विकास को हर गांव तक पहुँचाने और युवाओं को वास्तविक अवसरों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, समावेशी विकास के लिए एक मजबूत नींव बनाई जा रही है। जैसे-जैसे दुनिया विकसित हो रही है, हमारे युवा केवल नौकरी की ही तलाश नहीं कर रहे हैं; वे संभावनाओं का सृजन भी कर रहे हैं और अपनी पहचान स्वयं तय कर रहे हैं, जिससे मजबूत और आत्मनिर्भर भारत आगे बढ़ रहा है।”

महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “कौशल को ज़िंदगी जीने का एक तरीका बनना चाहिए, जो यह तय करे कि हम कैसे सोचते हैं, काम करते हैं और हर दिन आगे बढ़ते हैं। इंडियास्किल्स जैसे प्लेटफ़ॉर्म इस राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जहाँ प्रतिभा अवसर से मिलती है और आकांक्षाओं को दिशा मिलती है। जैसे-जैसे भारत दुनिया की कौशल राजधानी बनने की दिशा में बढ़ रहा है, फोकस हर गांव, हर युवा और हर महत्वाकांक्षी मन को सशक्त बनाने पर बना रहना चाहिए। महाराष्ट्र में, हम सशक्त संस्थानों और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तारित अवसरों के माध्यम से इस विजन को क्रियान्वित कर रहे हैं।”

राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य, युवा कार्य एवं खेल, कौशल, योजना एवं उद्यमिता, आईटी एवं संचार, और सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, “कौशल आंतरिक क्षमता की एक सशक्त अभिव्यक्ति है, जो जिज्ञासा, साहस और संकल्प से आकार लेती है। इंडियास्किल्स प्रतियोगिता जैसे प्लेटफ़ॉर्म इस भावना का उत्सव मनाते हैं, जहाँ हर प्रतिभागी प्रयास और विकास का चैंपियन बनकर खड़ा होता है। राजस्थान में, हम विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देकर तथा युवाओं को व्यावहारिक क्षमताओं और आत्मविश्वास से सशक्त बनाकर इस विजन को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। आज, सच्ची प्रगति निरंतर सीखने, अनुकूलन करने और अनुशासन के साथ कौशल को लागू करने में निहित है। जैसे-जैसे युवा भारतीय वैश्विक मंचों पर कदम रखते हैं, वे केवल उत्कृष्टता ही प्रदर्शित नहीं करते, बल्कि हमारी संस्कृति, मूल्यों और पहचान को भी गर्व के साथ आगे बढ़ाते हैं। हर कौशल में प्रवीणता प्राप्त करके, वे मजबूत और अधिक सशक्‍त भारत का निर्माण करते हैं, जो दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।”

उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री, श्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा, “कक्षाओं से लेकर वैश्विक कार्यस्थलों तक, भारतीय युवा यह साबित कर रहे हैं कि प्रगति और समृद्धि के लिए कौशल सबसे मजबूत आधार है। इंडियास्किल्स प्रतियोगिता जैसे परिवर्तनकारी प्लेटफ़ॉर्म और उत्तर प्रदेश में प्रोजेक्ट प्रवीण जैसी पहल के माध्यम से, हम केवल हाथों को प्रशिक्षित नहीं कर रहे हैं; हम आत्मविश्वास, क्षमता और आत्मनिर्भरता को भी पोषित कर रहे हैं। कौशल से सशक्त हर युवा, बदलाव के लिए उत्प्रेरक बनता है और परिवारों, समुदायों और पूरे राष्ट्र में योगदान देता है। जब हमारे युवा गर्व और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो वे केवल अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को ही साथ नहीं ले जाते, बल्कि एक नए भारत की पहचान, लचीलापन और महत्वाकांक्षा भी साथ लेकर चलते हैं, जो वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने, प्रतिस्पर्धा करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए तैयार है।”

हरियाणा सरकार के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा, “इंडियास्किल्स प्रतियोगिता भारत के युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और असीमित संभावनाओं का प्रतिबिंब है, जो तेजी से बदलती दुनिया में उभरने, नवाचार करने और नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। जैसे-जैसे तकनीक और उद्योग में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, हमारे युवा केवल नौकरियों की तैयारी ही नहीं कर रहे हैं; वे संभावनाएँ सृजित कर रहे हैं। निरंतर कौशल विकास, व्यावहारिक शिक्षा और दूरदर्शी पहलों के माध्यम से, हम एक ऐसी पीढ़ी को सशक्त बना रहे हैं जो आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार है तथा साहस, रचनात्मकता और विश्वास के साथ भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने में सक्षम है।”

एनएसडीसी के सीईओ, श्री अरुणकुमार पिल्लै ने कहा, “गांवों के साधारण घरों से लेकर भव्‍य वैश्विक मंचों तक, भारत के युवाओं की यात्रा यह साबित करती है कि कौशल, दृढ़ता और विश्वास जिज्ञासा को उत्कृष्टता में बदल सकते हैं। इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में ये कहानियाँ केवल दुर्लभ उदाहरण के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते राष्ट्र की सशक्त अभिव्यक्ति के रूप में जीवंत हो उठती हैं। समर्पण और सही सहायता के माध्यम से, युवा भारतीय बाधाओं को तोड़ रहे हैं और संभावनाओं को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। कौशल अब केवल आजीविका का साधन भर नहीं रह गया है; यह गरिमा, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गर्व का स्रोत बन गया है, जो एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहा है जो लचीला, महत्वाकांक्षी और वैश्विक मंच पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है।”

कई कौशल श्रेणियों में विजेताओं और पदकधारियों की घोषणा महत्वपूर्ण सम्मान का क्षण था, जिसने पारंपरिक व्यवसायों और उभरती प्रौद्योगिकियों दोनों में उत्कृष्टता का उत्सव मनाया। उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन सटीकता, रचनात्मकता, कार्यक्षमता और गुणवत्ता जैसे मापदंडों सहित वैश्विक मानकों के अनुरूप किया गया।

इस सत्र में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी के साथ इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2025–26 ने यह स्पष्ट किया कि भारत के युवाओं में कौशल को सफलता के मार्ग के रूप में अपनाने की बढ़ती आकांक्षा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेता वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता शंघाई 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। साथ ही वैश्विक स्तर पर कुशल प्रतिभाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की भारत की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाएंगे।

इस समारोह की खास बात वैश्विक स्‍तर पर भारत की पहचान को मज़बूत करने में मददगार रहे वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 के विजेताओं -जिनमें प्रतियोगी और विशेषज्ञ शामिल थे, को सम्मानित करना रही। इसके अलावा बोलने में अक्षम लोगों को अच्छे से बात करने में मदद करने के लिए एआई ग्लव्स बना रहे ग्लोवेट्रिक्स इंडिया नामक एक भारतीय स्टार्टअप को भी वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल द्वारा “बी चेंजमेकर 2025” पुरस्‍कार से नवाजे जाने के लिए सम्‍मानित किया गया। उसे यह पुरस्‍कार बधिरों के लिए सुगम्‍यता को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए दिया गया, जो कौशल विकास इकोसिस्‍टम में नवाचार और नेतृत्व का प्रतीक है।

इंडियास्किल्स प्रतियोगिता कौशल की असाधारण विविधता को प्रदर्शित करती है। इनमें से इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वेब तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे कुछ कौशल व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं। इसके साथ ही, कई अन्य उभरते हुए और अत्यंत विशिष्ट करियर का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो भविष्य की उद्योग संरचनाओं, जैसे ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सुरक्षा, इंडस्ट्री 4.0, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक तकनीक, अनमैंड एरियल सिस्टम्स, डिजिटल कंस्ट्रक्शन, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग, और केमिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी को आकार दे रहे हैं ।

इंडियास्किल्स की ताकत इसके सहयोगपूर्ण इकोसिस्‍टम में निहित है, जो केंद्र और राज्य सरकारों, क्षेत्र कौशल परिषदों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग साझेदारों को एक साथ लाता है ताकि असल दुनिया की ज़रूरतों के साथ मज़बूत तालमेल सुनिश्चित किया जा सके। मौजूदा सत्र में, एक दर्जन से अधिक क्षेत्र कौशल परिषदें ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी–आईटीईएस, निर्माण, रिटेल, कृषि, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रतियोगिताओं का समर्थन कर रही हैं। साथ ही, टोयोटा किर्लोस्कर, मारुति सुजुकी, जेके सीमेंट और लिंकन इलेक्ट्रिक सहित 200 से अधिक प्रमुख उद्योग साझेदार सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिससे उद्योग मानकों के अनुरूप कार्य और मूल्यांकन होना सुनिश्चित होता है।

समापन समारोह में कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें: श्री मनोज कुमार मीना, आईएएस, सचिव, कौशल विकास, उद्यमिता और आजीविका, कर्नाटक सरकार; श्री पुलकित खरे, आईएएस, मिशन डायरेक्टर, यूपीएसडीएम; श्री मनीष शंकर, मिशन डायरेक्टर, बिहार कौशल विकास मिशन; श्री राजीव रंजन, प्रधान सचिव, युवा रोजगार विभाग, हरियाणा सरकार; डॉ. एम.एस. लक्ष्मी प्रिया, आईएएस, एमडी, एएसडीएम; श्रीमती रश्मि रंजन महापात्र, सीईओ, वर्ल्ड स्किल सेंटर, भुवनेश्वर; सुश्री मनीषा सेनसरमा, आईईएस, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार, एमएसडीई; श्रीमती शिवकांतम्मा नाइक, अध्यक्ष, केएसडीसी; श्री सिद्दलिंगप्पा पुजारी, एमडी, जीटीटीसी; श्री संजीब कुमार राउत, संस्थापक एवं अध्यक्ष, सी.वी. रामन ग्लोबल यूनिवर्सिटी; श्री प्रशांत सिन्हा, सीओओ, एनएसडीसी; श्री राजेश स्वैका, सीएफओ, एनएसडीसी; श्री आलोक बी. श्रीराम, बोर्ड सदस्य, एनएसडीसी; श्री जगदीश मित्रा, बोर्ड सदस्य, एनएसडीसी; श्री नितिन कपूर, वीपी, एनएसडीसी; श्री महेन्द्र सिंह पयाल, ईवीपी, एनएसडीसी; श्री संजीव सिंह, ईवीपी, एनएसडीसी; तथा मंत्रालय और एनएसडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्‍गज और अकादमिक और कौशल विकास इकोसिस्‍टम के साझेदार शामिल थे। इनकी उपस्थिति ने भारत के कौशल विकास इकोसिस्‍टम को संचालित करने वाली सहयोगात्मक भावना को रेखांकित किया।

 

कौशल भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप, इंडियास्किल्स 2025–26 का सफल समापन एमएसडीई की मजबूत, समावेशी और भविष्य-केंद्रित कौशल विकास इकोसिस्‍टम बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष10 राज्य

क्र.सं.

सदस्‍य

प्रतिभागियों की संख्या

स्‍वर्ण

रजत

कांस्‍य

उत्कृष्टता पदक

कुल

1

ओडिशा

92

15

12

15

15

57

2

तमिलनाडु

67

12

7

15

12

46

3

कर्नाटक

53

10

6

6

7

29

4

महाराष्ट्र

54

4

8

5

5

22

5

गुजरात

38

2

3

2

5

12

6

हरियाणा

29

2

2

1

7

12

7

उत्तर प्रदेश

27

4

2

3

3

12

8

दिल्ली

27

0

5

1

5

11

9

तेलंगाना

14

3

2

1

3

9

10

बिहार

16

3

2

3

0

8

 

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