जनजातीय कार्य मंत्रालय
प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 1:28PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज राज्यसभा में एक गैर-तारांकित प्रश्न के उत्तर में बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) के माध्यम से 2021-22 से 2025-26 तक प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन का कार्यान्वयन कर रहा है। इस मिशन के तहत जनजातीय उद्यमशीलता पहल और अधिक कुशल, न्यायसंगत, स्व-प्रबंधित, प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग, लघु वन उपज/कृषि एवं गैर-कृषि तथा जनजातीय उत्पाद आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर आजीविका के अवसरों की सुगमता के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। यह योजना देश में 25 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य नोडल विभागों और राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से चलाई जा रही है।
प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन योजना के तहत अब तक 4,172 वन धन विकास केंद्र को मंजूरी दी गई हैं, जिनमें 12.48 लाख आदिवासी सदस्य शामिल हैं। लघु वन उपज के संग्रहण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग और विपणन में मदद करने वाले इन केन्द्रों के लिए 619.17 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृत दी गई है। कुल स्वीकृत वन धन विकास केंद्र में से 2,817 संचालित हैं, जिनमें लगभग 158 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है।
इसके अतिरिक्त, जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 87 लघु वन उपज मदों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिसूचित किया है, जिसकी सूची अनुलग्नक में संलग्न है। 2013-14 में कार्यक्रम के आरंभ से लेकर अब तक, राज्य सरकारों ने 2,67,954.36 मीट्रिक टन लघु वन उपज की खरीद की है, जिसकी कुल लागत 693.98 करोड़ रुपये है।
इसके अतिरिक्त, जनजातीय आजीविका और लघु एवं वन उत्पाद की खरीद को बढ़ावा देने वाली बुनियादी संरचना निर्मित करने के लिए राज्यों को धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसमें गोदाम (भंडारण सुविधाएं), हाट बाजार (स्थानीय बाजार केंद्र) और शीत भंडारण इकाइयों का निर्माण शामिल है। ये सुविधाएं जनजातीय उत्पादों के सुरक्षित भंडारण, बेहतर प्रबंधन, मूल्यवर्धन और उचित बाजार पहुंच सुनिश्चित करने में सहायक होती हैं। इसका उद्देश्य लघु एवं वन उत्पाद तथा वन धन कार्यक्रम के तहत अपव्यय में कमी लाना, कीमतों में सुधार कर जनजातीय समुदाय को लाभ पहुंचाना और आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ बनाना है।
अनुलग्नक देखने के लिए क्लिक करें -
*****
पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2247706)
आगंतुक पटल : 51