कोयला मंत्रालय
वित्त वर्ष 2025–26 में उत्पादन, आपूर्ति और ओवरबर्डन हटाने में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ एसईसीएल ने कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में बनाई अग्रणी पहचान
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 11:52AM by PIB Raipur
कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान कोयला उत्पादन, आपूर्ति (ऑफटेक) और ओवरबर्डन हटाने—तीनों प्रमुख मानकों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी इस अवधि में इन तीनों क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज करने वाली कोल इंडिया की एकमात्र सहायक कंपनी बनकर उभरी है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एसईसीएल ने 176.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत अधिक है। कोयला आपूर्ति 178.6 मिलियन टन रही, जिसमें 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ओवरबर्डन हटाने का कार्य 364.3 मिलियन घन मीटर के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जो भविष्य की उत्पादन क्षमता को मजबूत करता है।
लॉजिस्टिक्स और कोयला परिवहन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। रेल के माध्यम से कोयला प्रेषण में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के जरिए प्रेषण में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विस्तार के क्षेत्र में कंपनी ने 358 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 867 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एसईसीएल ने 13.96 लाख पौधों का रोपण किया, जिसमें मियावाकी पद्धति के तहत सघन वृक्षारोपण भी शामिल है। कंपनी ने 43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की, जिससे लगभग 41,200 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई। इसके अलावा, 408 लाख किलोलीटर खदान जल का उपयोग कर 3,800 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई सुनिश्चित की गई।
क्षमता विस्तार के तहत एसईसीएल को 2.16 मिलियन टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता के लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हुई, जबकि 39.02 मिलियन टन प्रति वर्ष की भावी क्षमता वृद्धि हेतु टर्म्स ऑफ रेफरेंस की मंजूरी मिली। इस दौरान दुर्गापुर ओपनकास्ट परियोजना (10 मिलियन टन प्रति वर्ष) और अमृतधारा भूमिगत परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कोयले की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है, जहां ग्रेड पुष्टि 68 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंच गई। कंपनी की डिजिटल पहल ‘डिजीकोल’ को पारदर्शिता और रीयल-टाइम निगरानी को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग ! द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई।

रोजगार सृजन के क्षेत्र में एसईसीएल ने 511 आश्रितों को रोजगार प्रदान किया, जो अब तक का सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार दिया गया तथा 42 माइनिंग सरदारों की भर्ती की गई।
पारदर्शी खरीद प्रणाली के अंतर्गत कंपनी ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से ₹25,799 करोड़ की खरीद की, जो एक रिकॉर्ड उपलब्धि है। एसईसीएल ने प्रशासनिक सुधारों के तहत विशेष अभियान 5.0 में लगातार तीसरे वर्ष प्रथम स्थान प्राप्त किया।
तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बनी, जिसने भूमिगत खनन को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने हेतु पेस्ट फिल तकनीक लागू की। कंपनी ने प्रतिदिन औसतन 53.2 रैक लोडिंग कर कोयला निकासी को और मजबूत किया। रेल कॉरिडोर परियोजनाओं ने भी परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ किया।

विविधीकरण के तहत कंपनी ने कोल गैसीफिकेशन, अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तापीय ऊर्जा, कोल वॉशरी विकास, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, रेयर अर्थ तत्वों के निष्कर्षण और जल आधारित ऊर्जा समाधानों में प्रगति की है।
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025–26 में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और आजीविका जैसे क्षेत्रों में ₹365.39 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही, एसईसीएल ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करते हुए कोयला उद्योग की पहली पूर्णतः महिला संचालित डिस्पेंसरी और केंद्रीय भंडार इकाई की स्थापना की।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहान ने कहा कि यह उपलब्धि कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और यह देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ नई ऊंचाइयों को हासिल करने का विश्वास व्यक्त किया।
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(रिलीज़ आईडी: 2247539)
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