रेल मंत्रालय
राजस्थान में 800 करोड़ रुपये की लागत से मेड़ता-पुष्कर रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य शुरू - श्री अश्विनी वैष्णव
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2026 2:35PM by PIB Jaipur
केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे ने 800 करोड़ रुपये की लागत पर मेड़ता-पुष्कर रेल लाइन परियोजना (51 किमी) का निर्माण कार्य शुरू किया है। भूमि अधिग्रहण के लिए इस परियोजना को 'विशेष रेल परियोजना' घोषित किया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए अधिनिर्णय प्रकाशित किया गया है। कार्य शुरू कर दिया गया है।
राजस्थान
रेल बजटः
हाल के वर्षों में बजट आबंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशतः आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और संरक्षा कार्यों के लिए बजट आबंटन निम्नानुसार है:
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अवधि
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परिव्यय
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2009-14
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682 करोड़ रु. प्रति वर्ष
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2025-26
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9,960 करोड़ रु. (लगभग 15 गुना)
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रेलपथ निर्माणः
वर्ष 2009-14 और 2014-25 के दौरान राजस्थान राज्य में पूर्णत:/अंशत: आने वाले नए रेलपथो के निर्माण का ब्यौरा निम्नानुसार है:
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अवधि
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कमीशन किए गए गए रेलपथ
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नए रेलपथ की औसत कमीशनिंग
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2009-14
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798 कि.मी.
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159.60 कि.मी. प्रति वर्ष
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2014-25
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3,815 कि.मी.
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346.82 कि.मी. प्रति वर्ष (2 गुना से अधिक)
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स्वीकृत परियोजनाएं:
दिनांक 01.04.2025 की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में पूर्णतः/अंशतः आने वाली 43,918 करोड़ रुपए की लागत वाली कुल 3,409 कि.मी. लंबाई की 28 परियोजनाएँ (13 नई लाइन, 05 आमान परिवर्तन और 10 दोहरीकरण) को स्वीकृत किया गया है। इन कार्यों की स्थिति का सार निम्नानुसार है:-
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कोटि
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परियोजनाओं की संख्या
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कुल लंबाई
(कि.मी. में)
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कमीशन की गई लंबाई
(कि.मी. में)
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व्यय
(करोड़ रु. में)
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नई लाइन
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13
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981
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196
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5769
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आमान परिवर्तन
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5
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1252
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788
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6829
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दोहरीकरण/बहुपथन
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10
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1176
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254
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6357
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कुल
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28
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3,409
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1,238
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18,954
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सभी रेल परियोजनाओं का क्षेत्र-वार/वर्ष-वार ब्यौरा भारतीय रेल की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
हाल ही में पूरी की गई परियोजनाएं:
राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशत: आने वाली हाल ही में पूरी की गईं कुछ परियोजनाओं का ब्यौरा निम्नानुसार है:
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क्र.सं.
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परियोजना का नाम
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नवीनतम लागत
(करोड़ रु. में)
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बांगड ग्राम-रास नई लाइन (28 किलोमीटर)
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175
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थईयात हमीरा-सोनू नई लाइन (58 किलोमीटर)
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350
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सूरतपूड़ा-श्रीगंगानगर आमान परिवर्तन (241 किलोमीटर)
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896
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सादुलपुर-बीकानेर एवं रतनगढ़-डेगाना आमान परिवर्तन (438 किलोमीटर)
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886
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जयपुर-चुरू एवं सीकर-लोहारू आमान परिवर्तन (320 किलोमीटर)
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1105
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भगत की कोठी-लूनी दोहरीकरण (28 किलोमीटर)
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128
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रानी-केशव गंज दोहरीकरण (59 किलोमीटर)
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290
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गुड़िया-मारवाड़ एवं करजोदा-पालनपुर दोहरीकरण
(49 किलोमीटर)
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251
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रानी-मारवाड़ दोहरीकरण (52 किलोमीटर)
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346
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आबू रोड-स्वरूप गंज दोहरीकरण (26 किलोमीटर)
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195
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आबू रोड-सरोत्रा रोड दोहरीकरण (24 किलोमीटर)
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152
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अलवर-बाँदीकुई दोहरीकरण (60 किलोमीटर)
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450
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अजमेर- बांगडग्राम दोहरीकरण (48 किलोमीटर)
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375
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बांगडग्राम-गुड़िया पैच दोहरीकरण (47 किलोमीटर)
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395
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डेगाना-राई का बाग दोहरीकरण (146 किलोमीटर)
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809
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बीना-कोटा दोहरीकरण (283 किलोमीटर)
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2476
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नीमच-चित्तौड़गढ़ दोहरीकरण (56 किलोमीटर)
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560
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दौसा-गंगापुर सिटी दोहरीकरण (93 किलोमीटर)
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950
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फुलेरा-डेगाना दोहरीकरण (108 किलोमीटर)
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702
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चुरू-रतनगढ़ दोहरीकरण (43 किलोमीटर)
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423
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चालू परियोजनाएं:
राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशत: आने वाली शुरू की गई कुछ परियोजनाओं का ब्यौरा निम्नानुसार है:
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क्र.सं.
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परियोजना
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लागत (करोड़ रु. में)
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नीमच-बड़ी सादड़ी नई लाइन (48 कि.मी.)
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495
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तरंगा हिल–आबू रोड नई लाइन (116 किलोमीटर)
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2798
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रामगंजमंडी-भोपाल नई लाइन (277 किलोमीटर)
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5073
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रींगस–खाटू श्याम जी नई लाइन (17 किलोमीटर)
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254
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मेड़ता सिटी-रास नई लाइन एवं मेड़ता रोड स्टेशन पर बाई पास (56 किलोमीटर)
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947
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कोटा तक विस्तार सहित ग्वालियर-श्योपुर कलां आमान परिवर्तन (284 किलोमीटर)
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2913
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गंगापुर सिटी तक विस्तार सहित धौलपुर-सिरमथरा आमान परिवर्तन (145 किलोमीटर)
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747
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मावली-देवगढ़-मदारिया आमान परिवर्तन (83 कि.मी.)
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969
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मथुरा-झांसी तीसरी लाइन (274 किलोमीटर)
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5924
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आगरा फोर्ट-बांदीकुई दोहरीकरण (150 किलोमीटर)
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988
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सवाई माधोपुर-जयपुर दोहरीकरण (131 किलोमीटर)
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1204
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चूरू-सादुलपुर और लूनी–भीलड़ी दोहरीकरण (330 किलोमीटर)
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3554
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अजमेर-चन्देरिया दोहरीकरण (178 कि.मी.)
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1635
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सवाई माधोपुर में बाई पास लाइन (14 किलोमीटर)
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304
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रेवाडी-खाटूवास दोहरीकरण (28 किलोमीटर)
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352
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खाटूवास-नरनौल दोहरीकरण (24 किलोमीटर)
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313
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मारवाड़ में बाई पास लाइन (4 किलोमीटर)
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71
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चुरू में बाईपास लाइन (5 किलोमीटर)
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63
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समदड़ी में बाईपास लाइन (1 किलोमीटर)
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26
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रामदेवरा-पोखरण नई लाइन (13 किलोमीटर)
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189
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लालगढ़-बीकानेर पूर्व केबिन का दोहरीकरण (11 किलोमीटर)
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279
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रींगस-सीकर दोहरीकरण (50 कि.मी.)
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470
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उमरा-देबारी दोहरीकरण (25 कि.मी.)
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492
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विगत तीन वर्षों, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, राजस्थान राज्य में पूर्णतः/अंशत: आने वाली 5,666 कि.मी लंबाई के कुल 59 सर्वेक्षणों (25 नई लाइन और 34 दोहरीकरण) को स्वीकृत किया गया है।
किसी भी रेल परियोजना की स्वीकृति कई मानदंडों/कारकों पर निर्भर करती है जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- प्रत्याशित यातायात अनुमान और प्रस्तावित मार्ग की लाभप्रदता
- परियोजना द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली आरंभिक और अंतिम छोर संपर्कता
- मिसिंग लिंकों का संयोजन और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना
- संकुलित/संतृप्त लाइनों का संवर्द्धन
- राज्य सरकारों/केन्द्रीय मंत्रालयों/अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा की गई मांगें
- रेलवे की अपनी परिचालनिक आवश्यकताएं
- सामाजिक-आर्थिक महत्व
- निधियों की समग्र उपलब्धता
रेल परियोजनाओं का पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जो निम्नानुसार हैं:
- राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण
- वन संबंधी मंजूरी
- बाधक जनोपयोगी सेवाओं का स्थानांतरण
- विभिन्न प्राधिकरणों से सांविधिक स्वीकृतियां
- क्षेत्र की भू-वैज्ञानिक और स्थलाकृतिक परिस्थितियां
- परियोजना स्थल के क्षेत्र में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति
- परियोजना विशेष के स्थल के लिए किसी वर्ष में कार्य के महीनों की संख्या आदि
ये सभी कारक परियोजना/ओं को पूरा करने के समय और लागत को प्रभावित करते हैं।
रेल अवसंरचना परियोजनाएँ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को साध्य बनाती हैं, जिसमें शामिल हैं:
- देश के अन्य भागों के साथ क्षेत्र का बेहतर एकीकरण
- माल एवं सेवाओं का तीव्रतर संचलन
- संभार-तंत्र दक्षता में सुधार।
- लाइन क्षमता का संवर्धन
- क्षेत्र की जनता के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसरों में वृद्धि
- न्यूनीकृत परिचालनिक बाधाएं
- क्षेत्र में पर्यटन उद्योग का विकास और औद्योगिक कार्यकलापों में वृद्धि।
(रिलीज़ आईडी: 2245972)
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