सहकारिता मंत्रालय
डेयरी सहकारी समितियों के बीच प्रतिस्पर्धा
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 4:40PM by PIB Delhi
अधिकांश जिला सहकारी दुग्ध संघ और राज्य दुग्ध परिसंघ मुख्य रूप से अपने संबंधित राज्यों के भीतर ही दूध का प्रापण करते हैं । हालांकि, कुछ डेयरी सहकारी समितियों ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भी अपने प्रापण कार्यकलापों का विस्तार किया है । यद्यपि, एनडीडीबी डेयरी सहकारी समितियों (दुग्ध संघों और परिसंघों) द्वारा कुल दुग्ध प्रापण के आंकड़े एकत्र करता है, लेकिन इसके द्वारा डेयरी सहकारी समितियों के अंतरराज्यीय विस्तार के आंकड़े एकत्र नहीं किए जा रहे हैं ।
सरकार द्वारा जिला और राज्य स्तरीय सहकारी समितियों की वित्तीय व्यवहार्यता और प्रापण क्षमता पर अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा के प्रभाव के संबंध में कोई विशिष्ट मूल्यांकन नहीं किया गया है ।
सहकारी संघवाद को सशक्त करने और स्थानीय किसान-नेतृत्व वाली सहकारी समितियों के हितों की रक्षा करने के लिए सहकारिता मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने की पहल की है कि दुग्ध प्रापण का लाभ प्रत्यक्ष रूप से किसानों को प्राप्त हो । इस संबंध में 22 राज्यों में दुग्ध एकत्रण केंद्रों (एमसीसी) और 9 राज्यों में दुग्ध पूलिंग केंद्रों (एमपीपी) को सहकारी फ्रेमवर्क के अंतर्गत गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) में लाने की पहल की गई है ।
इस पहल के तहत लगभग 45,000 दुग्ध एकत्रण केंद्रों (एमसीसी)/दुग्ध पूलिंग केंद्रों (एमपीपी) को बहुद्देशीय ग्राम सहकारी समितियों (एम-वीसीएस) के रूप में पंजीकृत करने और आवश्यकतानुसार सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एसपीसीडीएफ) तथा नेशनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन लिमिटेड (एनसीएमपीओएल) के सदस्यों के रूप में नामांकित करने का प्रस्ताव है, जो दोनों ही बहुराज्य सहकारी समितियां हैं ।
दुग्ध एकत्रण केंद्रों (एमसीसी) और दुग्ध पूलिंग केंद्रों (एमपीपी) के बहुद्देशीय ग्राम सहकारी समितियों में इस प्रकार के रूपांतरण से यह सुनिश्चित होगा कि डेयरी किसानों को सुनिश्चित बाजार, उनके द्वारा जमा गए दूध का लाभकारी मूल्य, संरक्षण बोनस, शेयरधारिता पर लाभांश आदि प्राप्त हो सके ।
इसके अतिरिक्त, उन्हें इनपुट सेवाएं (मवेशी चारा), पशु चिकित्सा सेवाएं आदि जैसे लाभ मिलते हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2245118)
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