जल शक्ति मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रौद्योगिकी से जोड़ना और 'जल सेवा आंकलन'

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 4:33PM by PIB Delhi

सरकार राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में अगस्त 2019 से, जल जीवन मिशन (जेजेएम) – हर घर जल लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल से जल आपूर्ति उपलब्ध कराना है। जल राज्य का विषय है, इसलिए अपने परिवारों को नल का पानी उपलब्ध कराने हेतु पाइपलाइन से जल आपूर्ति की योजना बनाना और उनका कार्यान्वयन करना संबंधित राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भारत सरकार जेजेएम के तहत तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान कर राज्यों के प्रयासों को सहयोग देती है।

नियमित, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण ग्रामीण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, विभाग ने 30 दिसम्‍बर 2025 को "जल सेवा आंकलन" की शुरुआत की।
इस पहल के तहत, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) गांव स्तर पर आकलन करती है। ग्राम सभा में प्रस्तुति के बाद, पंचायत सचिव ‘हर घर जल’ गांवों के लिए जेजेएम-आईएमआईएस डैशबोर्ड पर डेटा को डिजिटल रूप से प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद जिला और राज्य स्तर के अधिकारी इस जानकारी की समीक्षा करते हैं, ताकि सेवा में कमी की पहचान कर प्रभावी सुधार योजनाएं बनाई जा सकें और स्थायी जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

पेयजल और स्वच्छता विभाग ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के लिए एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएमआईएस) डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया है, जिससे पारदर्शिता, डेटा की सटीकता और तत्‍काल समीक्षा को मजबूत किया जा सके।    
जेजेएम के तहत, आईएमआईएस और ऑनलाइन डैशबोर्ड राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में पंचायत, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम), राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (एसडब्ल्यूएसएम) तथा राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत हैं।

आईएमआईएस पोर्टल पर डेटा की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए, विभाग ने बहु-स्तरीय सत्यापन तंत्र लागू किया है। इसमें लाभार्थियों के लिए अनिवार्य आधार को बैंक खाते से जोड़ना, सुजलम भारत ऐप के माध्यम से परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग, तथा पीएम-गतिशक्ति पोर्टल पर पाइपलाइनों का अपलोड शामिल है। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न गांवों में स्थापित आईओटी उपकरणों के प्रभावी प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ “ग्रामीण क्षेत्रों में जल सेवा वितरण प्रणाली के मापन एवं निगरानी के लिए रोडमैप” साझा किया है। इन उपकरणों ने कठिन और दुर्गम क्षेत्रों तथा ऊंचाई वाले इलाकों में नल जल आपूर्ति की स्थिरता को बेहतर बनाया है, क्योंकि इन्होंने मैन्युअल निगरानी की जगह स्वचालित और वास्तविक निगरानी को संभव बनाया है।

राष्ट्रीय जलभृत मानचित्रण एवं प्रबंधन (एनएक्यूयूआईएम) कार्यक्रम, जो 2012 में शुरू हुआ था, ने मार्च 2023 तक भारत में लगभग 25.15 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में जलभृतों का मानचित्रण पूरा कर लिया है। इन मानचित्रों और प्रबंधन योजनाओं को बेहतर भूजल प्रबंधन के लिए राज्यों के साथ साझा किया गया है।

एनएक्यूयूआईएम 2.0, जिसे 2023 में शुरू किया गया, अधिक विस्तृत, गांव-स्तरीय अध्ययनों पर केन्द्रित है ताकि भूजल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान किया जा सके। यह कार्यक्रम जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों, शहरी क्षेत्रों, तटीय क्षेत्रों, झरनों, औद्योगिक एवं खनन क्षेत्रों तथा खराब भूजल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को कवर करता है। अब तक एनएक्यूयूआईएम 2.0 के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगभग 77,157 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए 144 अध्ययन शुरू/पूर्ण किए जा चुके हैं। यह कार्यक्रम सूक्ष्म सिंचाई (माइक्रो-इरिगेशन) और फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा देता है, जिससे जल उपयोग दक्षता में सुधार हो और विशेष रूप से जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके।

जल शक्ति मंत्रालय ने 2019 में जल शक्ति अभियान (जेएसए) की शुरुआत 256 जल-संकटग्रस्त जिलों में एक समयबद्ध, मिशन मोड जल संरक्षण अभियान के रूप में की थी। जल शक्ति अभियानकैच द रेन” टैगलाइन के साथ: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर) — “जहां बारिश होती है, जब होती है, उसे इकट्ठा करें”को 2021 में पूरे भारत में प्रसारित किया गया। इसमें पांच प्रमुख हस्तक्षेप शामिल हैं: (1) जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन (2) सभी जल निकायों की गणना, जियो-टैगिंग और सूची तैयार करना; इसके आधार पर जल संरक्षण के लिए वैज्ञानिक योजनाएं बनाना (3) सभी जिलों में जल शक्ति केन्द्रों की स्थापना (4) व्यापक वनीकरण और (5) जन जागरूकता बढ़ाना। इस अभियान को देश के सभी जिलों, ब्लॉकों और नगर निकायों (ग्रामीण तथा शहरी दोनों) तक प्रसारित किया गया। जेएसए: सीटीआर का छठा संस्करण 22 मार्च 2025 को “जल संचय, जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर” विषय के साथ शुरू किया गया।

जेएसए : सीटीआर अभियान पूरे देश में लागू किया जा रहा है और 2023 से प्रत्येक संस्करण में प्रभाव को अधिकतम करने के लिए एक लक्षित कार्य शामिल किया गया है। जेएसए : सीटीआर 2023, जिसका विषय पेयजल के लिए स्रोत स्थिरता” था, ने जल जीवन मिशन द्वारा पहचाने गए 150 विशेष लक्षित जिलों को प्राथमिकता दी। जेएसए : सीटीआर 2024, “नारी शक्ति से जल शक्ति” विषय के साथ, पूरे देश में संचालित किया गया, जिसमें केन्द्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा पहचाने गए 151 जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया। जेएसए : सीटीआर 2025 कोजल संचय जन भागीदारी: जन जागरूकता की ओर” विषय के साथ शुरू किया गया, जिसमें जमीनी स्तर पर गहन भागीदारी, विभिन्न क्षेत्रों के बीच तालमेल और नवीन वित्तीय तंत्र पर जोर दिया गया। इसमें सीजीडब्ल्यूबी द्वारा पहचाने गए 148 जिलों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया। जेएसए : सीटीआर पोर्टल पर उपलब्ध राज्यवार डेटा परिशिष्ट में संलग्न है।

यह अभियान केन्द्र, राज्य और स्थानीय निकायों की विभिन्न योजनाओं के समन्वित वित्तपोषण पर जोर देता है, जैसे: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) पर ड्रॉप मोर क्रॉप, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत मरम्मत, नवीनीकरण और पुनर्स्थापन घटक, प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए), वित्त आयोग अनुदान आदि।  

यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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परिशिष्ट

जेएसए: सीटीआर डेटा (22/03/2025 से 17/03/2026 तक), जेएसए: सीटीआर पोर्टल के अनुसार।

क्र.संख्‍या

राज्य

* पारंपरिक जल निकायों का नवीनीकरण

* पुनः उपयोग और पुनर्भरण संरचनाएँ

* जलागम विकास

* गहन वनीकरण

1

अंडमान और निकोबार द्वीप

29

61

39

11

2

आंध्र प्रदेश

46773

77647

89981

97441

3

अरूणाचल प्रदेश

40

124

312

1117

4

असम

947

2326

13961

16173

5

बिहार

4772

20378

39545

504081

6

चंडीगढ़

0

0

0

119364

7

छत्तीसगढ़

6879

8903

18164

51631

8

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

0

25

2

82

9

दिल्ली

17

2

0

5146

10

गोवा

51

18

40

4

11

गुजरात

3593

13753

13784

3939190

12

हरियाणा

1440

2109

2949

4770847

13

हिमाचल प्रदेश

769

565

30293

4322

14

जम्मू और कश्मीर

4014

8203

70165

395618

15

झारखंड

310

2600

118758

49291

16

कर्नाटक

8645

17919

79663

157671

17

केरल

6393

15662

58413

6951

18

लद्दाख

5

28

456

176

19

लक्षद्वीप

4

0

0

0

20

मध्य प्रदेश

2494

11515

23700

13779

21

महाराष्ट्र

1871

12203

4426

439586

22

मणिपुर

939

34

1574

1508

23

मेघालय

293

138

3784

75843

24

मिजोरम

38

488

5124

863

25

नगालैंड

25

49

262

1129

26

ओडीशा

7628

7137

27561

30321

27

पुद्दुच्चेरी

570

0

4

0

28

पंजाब

4435

474

6033

4595038

29

राजस्थान

10487

14502

33211

15538585

30

सिक्किम

5

456

1619

3536

31

तमिलनाडु

2882

32103

56168

262065

32

तेलंगाना

6955

13087

19115

109765

33

त्रिपुरा

114

717

8619

11855

34

उत्तर प्रदेश

26235

14285

302630

14784670

35

उत्तराखंड

1213

534

16060

15191

36

पश्चिम बंगाल

935

41

1217

11073

कुल

151800

278086

1047632

46013923

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पीके/केसी/केपी/डीके


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