विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
"टीडीबी-डीएसटी एयर-गैप्ड नेटवर्क पर सुरक्षित डेटा ट्रांसफर के लिए स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान का समर्थन करता है"
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 3:37PM by PIB Delhi
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने नई दिल्ली स्थित मैटिसॉफ्ट साइबर सिक्योरिटी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड को "मल्टीपल एयर-गैप्ड नेटवर्क्स के बीच सुरक्षित डेटा हस्तांतरण को सुगम बनाने वाले उन्नत ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क सैनिटाइजेशन टूल का विकास" नामक परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस परियोजना का उद्देश्य रक्षा और महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों में अत्यधिक संवेदनशील, एयर-गैप्ड वातावरणों में सुरक्षित और नियंत्रित डेटा आदान-प्रदान को सक्षम बनाने के लिए एक स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करना है।

प्रस्तावित समाधान यूएसबी सैनिटाइजेशन और डेटा ट्रांसफर कंट्रोल सॉफ्टवेयर के विकास पर केंद्रित है, जिसे विशेष रूप से भारतीय नौसेना जैसे संगठनों की कड़ी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि केवल सत्यापित और सैनिटाइज्ड डेटा ही अलग-थलग नेटवर्कों के बीच स्थानांतरित हो, जिससे मैलवेयर, अनधिकृत डेटा एक्सेस और ज़ीरो-डे साइबर खतरों से उत्पन्न होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके।
यह तकनीक कई आंतरिक रूप से विकसित साइबर सुरक्षा क्षमताओं - जिनमें डेटा लॉस प्रिवेंशन (डीएलपी), एंडपॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पांस (ईडीआर) और कंटेंट डिसआर्म एंड रिकंस्ट्रक्शन (सीडीआर) शामिल हैं - को एक एकीकृत प्लेटफॉर्म में एकीकृत करती है। सिस्टम में सात मुख्य मॉड्यूल शामिल हैं, जिनमें केंद्रीकृत नीति नियंत्रण, रीयल-टाइम खतरे की निगरानी, फ़ाइल सैनिटाइजेशन, सुरक्षित लाइसेंसिंग, स्वचालित अपडेट और सिस्टम इंस्टॉलेशन फ्रेमवर्क शामिल हैं। ये मॉड्यूल मिलकर फाइलों की उपयोगिता को बनाए रखते हुए संभावित रूप से हानिकारक सामग्री को स्कैन, विश्लेषण और निष्क्रिय करके व्यापक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया यह समाधान विशेष रूप से उन एयर-गैप्ड वातावरणों में तैनाती के लिए उपयुक्त है जहां पारंपरिक क्लाउड-आधारित सुरक्षा प्रणालियां कारगर नहीं होतीं। यह विस्तृत ऑडिट लॉग भी रखता है, सख्त यूएसबी उपयोग नीतियों को लागू करता है और संगठनात्मक साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करता है।
इस संपूर्ण प्रौद्योगिकी स्टैक को मैटिसॉफ्ट साइबर सिक्योरिटी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड की अनुसंधान एवं विकास टीम द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, जो रणनीतिक अनुप्रयोगों के लिए सुरक्षित और आत्मनिर्भर साइबर रक्षा प्रणालियों के निर्माण में भारत की क्षमताओं को मजबूत करता है।
इस अवसर पर बोलते हुए, टीडीबी के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा कि तेजी से परस्पर जुड़े विश्व में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधानों के लिए टीडीबी का समर्थन भारत की रक्षा और महत्वपूर्ण अवसंरचना आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत प्रौद्योगिकियों के विकास और तैनाती को सक्षम बनाएगा, साथ ही विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता को कम करेगा।
मैटिसॉफ्ट साइबर सिक्योरिटी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक ने समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह परियोजना कंपनी को अपनी उत्पाद क्षमताओं को मजबूत करने और अत्यधिक संवेदनशील वातावरण के लिए एक मजबूत, स्केलेबल और स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान की तैनाती में तेजी लाने में सक्षम बनाएगी।
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पीके/ केसी/एनएम
(रिलीज़ आईडी: 2244047)
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