शिक्षा मंत्रालय
आईआईटी जोधपुर द्वारा प्रारंभिक कैंसर पहचान एवं रीयल-टाइम स्वास्थ्य निगरानी हेतु लचीले सेमीकंडक्टर सेंसर विकसित किए जा रहे हैं
HESTECH लैब में विकसित अभिनव वियरेबल सेमीकंडक्टर डिवाइस स्वास्थ्य निदान में क्रांति लाने और कठिन परिस्थितियों में सैनिकों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रविष्टि तिथि:
19 MAR 2026 5:25PM by PIB Jaipur
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT Jodhpur) के शोधकर्ता निरंतर स्वास्थ्य निगरानी, प्रारंभिक रोग पहचान तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शारीरिक आकलन के लिए अगली पीढ़ी के लचीले (Flexible) सेमीकंडक्टर उपकरण विकसित कर रहे हैं। यह कार्य संस्थान की HESTECH (Hybrid Electronic Sensor Technologies) लैब में किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व Electrical Engineering विभाग के Assistant Professor डॉ. अक्षय मौदगिल कर रहे हैं।
यह शोध ऐसे सॉफ्ट, लचीले एवं स्मार्ट सेमीकंडक्टर उपकरणों पर केंद्रित है, जो मानव शरीर से महत्वपूर्ण फिजियोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल संकेतों की रीयल-टाइम निगरानी कर सकते हैं। ये वियरेबल सेंसर हार्ट रेट, मसल सिग्नल, बॉडी टेम्परेचर तथा स्किन प्रेशर जैसे पैरामीटर्स को मापने में सक्षम हैं, साथ ही लंबे समय तक उपयोग में भी आरामदायक रहते हैं।
डॉ. अक्षय मौदगिल के अनुसार, इस शोध का उद्देश्य सतत एवं सुलभ स्वास्थ्य निगरानी में मौजूद बड़ी कमी को दूर करना है।
उन्होंने कहा, “भारत सहित विश्व भर में कई बीमारियों का पता देर से चलता है, क्योंकि निरंतर निगरानी केवल विशेष चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित है। हमारा लक्ष्य ऐसे सेमीकंडक्टर उपकरण विकसित करना है, जो शरीर के संकेतों की लगातार और आरामदायक निगरानी कर सकें, जिससे समय रहते चेतावनी संकेतों की पहचान की जा सके।”
इस शोध का एक प्रमुख घटक Organic Electrochemical Transistor (OECT) है, जो सेमीकंडक्टर डिवाइस की एक उन्नत श्रेणी है और जैविक संकेतों तथा द्रवों के साथ इंटरफेस करने के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। पारंपरिक कठोर इलेक्ट्रॉनिक्स के विपरीत, OECT आधारित प्लेटफॉर्म लचीले प्रारूप में इलेक्ट्रिकल और बायोकेमिकल दोनों प्रकार की सेंसिंग को सक्षम बनाते हैं।
HESTECH लैब बायोकंपैटिबल हाइब्रिड सेमीकंडक्टर मटेरियल्स का उपयोग करते हुए कम ऊर्जा खपत वाले वियरेबल सेंसर विकसित कर रही है, जिन्हें पतले और लचीले सब्सट्रेट्स पर तैयार किया जा सकता है। इससे ये डिवाइस त्वचा के अनुरूप फिट होकर निरंतर और नॉन-इनवेसिव मॉनिटरिंग के लिए उपयुक्त बनते हैं।
डॉ. मौदगिल ने बताया, “हम यह अध्ययन कर रहे हैं कि क्या एक ही सेमीकंडक्टर प्लेटफॉर्म शरीर की इलेक्ट्रिकल गतिविधियों और रोग से जुड़े बायोकेमिकल संकेतों दोनों को एक साथ माप सकता है। OECT तकनीक के माध्यम से हम हार्ट एक्टिविटी, मसल रिस्पॉन्स और रोग से जुड़े बायोमार्कर्स की निगरानी के लिए कॉम्पैक्ट वियरेबल डिवाइस विकसित कर रहे हैं।”
इस तकनीक का एक महत्वपूर्ण उपयोग प्रारंभिक रोग जांच (Early Disease Screening) में है। शोध टीम ऐसे बायोकेमिकल सेंसर विकसित कर रही है, जो लार (saliva), सीरम और रक्त जैसे बायोफ्लूड्स में मौजूद क्लिनिकली महत्वपूर्ण बायोमार्कर्स की पहचान कर सकें। भविष्य में यह पोर्टेबल सिस्टम डेंटल क्लीनिक्स, ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों और मोबाइल डायग्नोस्टिक सेवाओं में उपयोगी हो सकता है।
साथ ही, लैब शारीरिक स्वास्थ्य निगरानी के लिए भी विभिन्न वियरेबल सेंसर विकसित कर रही है, जिनमें कार्डियक मॉनिटरिंग हेतु सॉफ्ट ECG पैच, मसल एक्टिविटी ट्रैकिंग के लिए EMG सेंसर, तथा प्रेशर और टेम्परेचर सेंसर शामिल हैं, जो संवेदनशील मरीजों में प्रेशर अल्सर के शुरुआती संकेतों का पता लगा सकते हैं।
यह तकनीक रक्षा क्षेत्र और अत्यधिक कठिन वातावरणों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। इन लचीले सेमीकंडक्टर सेंसर को यूनिफॉर्म या वियरेबल पैच में एकीकृत कर सैनिकों के शारीरिक तनाव जैसे कार्डियक लोड, डिहाइड्रेशन, थकान, हीट स्ट्रेस और मसल स्ट्रेन की निगरानी की जा सकती है।
डॉ. मौदगिल ने कहा, “रक्षा क्षेत्र में ऐसे उपकरण फील्ड में कार्यरत कर्मियों की रीयल-टाइम फिजियोलॉजिकल मॉनिटरिंग में सहायक हो सकते हैं। इससे निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी, तनावजनित चोटों में कमी आएगी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिशन की तैयारी मजबूत होगी।”
आईआईटी जोधपुर में विकसित इन प्रोटोटाइप्स ने प्रयोगशाला परीक्षणों में उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं। इनमें विश्वसनीय फिजियोलॉजिकल सिग्नल प्राप्ति, गर्मी और पसीने जैसी परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन तथा कम ऊर्जा खपत जैसी विशेषताएं शामिल हैं।
यह शोध AIIMS जोधपुर के सहयोग से “Development of Organic Electrochemical Transistor Platform for Bioelectronic Applications (I/RIG/AKM/20240038)” परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
यह पहल स्वास्थ्य सेवा, प्रिवेंटिव डायग्नोस्टिक्स और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु उन्नत तकनीक विकसित करने के प्रति आईआईटी जोधपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डॉ. मौदगिल ने कहा, “आईआईटी जोधपुर में हम मानते हैं कि नवाचार का वास्तविक उद्देश्य समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालना है। सेमीकंडक्टर आधारित वियरेबल तकनीकों के माध्यम से हम ऐसे भविष्य की दिशा में कार्य कर रहे हैं, जहां स्वास्थ्य निगरानी अधिक सतत, आरामदायक और स्मार्ट हो।”
निरंतर शोध एवं तकनीकी विकास के साथ यह तकनीक नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए सुलभ डायग्नोस्टिक्स, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और उन्नत स्वास्थ्य निगरानी समाधान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


(रिलीज़ आईडी: 2242587)
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