कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म का शुभारंभ

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 6:35PM by PIB Delhi

भारत-विस्तार (कृषि संसाधनों तक पहुंच हेतु आभासी एकीकृत प्रणाली), एक बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित माध्‍यम की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई है। इसके लिए कुल 150 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। तदनुसार, भारत सरकार ने भारत-विस्तार (कृषि संसाधनों तक पहुंच हेतु आभासी एकीकृत प्रणाली) के चरण-1 को एक राष्ट्रव्यापी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता  -संचालित, ध्वनि-प्रधान, बहुभाषी डिजिटल सार्वजनिक मंच के रूप में शुरू किया है। इसे एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो किसानों को विश्वसनीय, वास्तविक समय और स्थान-विशिष्ट व्यक्तिगत कृषि सलाह प्रदान करने के साथ-साथ संबद्ध कृषि और सहायक सेवाओं की एक व्यापक श्रृंखला तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करता है।

यह प्लेटफॉर्म विभिन्न सरकारी डिजिटल तंत्र और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और अन्य स्रोतों से प्राप्त डेटा को एक करता है ताकि फसल प्रबंधन, मौसम, बाजार मूल्य, कीट और रोग संबंधी चेतावनियों और मृदा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों पर चरणबद्ध तरीके से व्यक्तिगत जानकारी/सलाह प्रदान की जा सके।

17 फरवरी, 2026 को शुरू किए गए पहले चरण में, यह प्लेटफॉर्म हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में कई माध्यमों से उपलब्ध है, जिनमें एक समर्पित टेलीफोन नंबर (155261), एक ध्‍वनि आधारित एआई चैटबॉट, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का वेब पोर्टल और एक डाउनलोड करने योग्य मोबाइल एप्लिकेशन शामिल हैं। पहले चरण में 10 (दस) प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को एकीकृत किया गया है, जिनमें पीएम-किसान, पीएमएफबीवाई, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अवसंरचना कोष, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम-आशा, संशोधित ब्याज अनुदान योजना, प्रति बूंद अधिक फसल और कृषि यंत्रीकरण पर उप-मिशन शामिल हैं। सरकार की अगले 3 महीनों में 4 और भाषाएँ तथा अगले 6 महीनों में 5 और भाषाएँ जोड़ने की योजना है।

छोटे और सीमांत किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए, यह प्लेटफॉर्म स्मार्टफोन का उपयोग नही करने वालों के लिए ध्‍वनि आधारित और इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) की सुविधा प्रदान करता है। इसे क्षेत्रीय भाषाओं, राज्य-विशिष्ट कृषि योजनाओं और सूचना एवं विस्तार नेटवर्क के साथ-साथ डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता और क्षमता विकास कार्यक्रमों तक विस्तार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

भारत-विस्तार को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और देश के अन्य सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों के अनुरूप विकसित किया गया है। भारत सरकार मजबूत डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करती है, जो इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम-इंडिया (सीईआरटी-इन) के साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूर्णतः अनुपालन करती है। इसके अतिरिक्त, सरकार इन सभी आईटी प्रणालियों का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट करती है और जोखिमों की निगरानी करती है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/पीपी/आर

 


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