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ट्राई ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंड में रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी संबंधी सिफारिशें जारी कीं

प्रविष्टि तिथि: 24 FEB 2026 4:02PM by PIB Delhi

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण-ट्राई ने आज अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी) के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंड में रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर सिफारिशें जारी की।

दूरसंचार विभाग ने अपने पत्र संख्या L-14006/01/2025-IMT दिनांक 15.05.2025 द्वारा ट्राई से ट्राई अधिनियम, 1997 (संशोधित) की धारा 11(1)(a) के तहत लागू आरक्षित मूल्य, बैंड योजना, ब्लॉक आकार, नीलाम किए जाने वाले स्पेक्ट्रम की मात्रा और मौजूदा बैंड जैसे 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज में स्पेक्ट्रम की नीलामी से नीलामी संबंधी शर्तों पर सिफारिशें प्रदान करने का अनुरोध किया था। दूर संचार विभाग ने ट्राई से नव निर्धारित 6425-6725 मेगाहर्ट्ज और 7025-7125 मेगाहर्ट्ज बैंडों की नीलामी की व्यवहार्यता और नीलामी के समय के साथ ही 600 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम की नीलामी पर नई सिफारिशें भी मांगी। इसके बाद, दूर संचार विभाग ने 14.08.2025 के अपने पत्र द्वारा ट्राई से 1427 से 1518 मेगाहर्ट्ज के बीच के 67 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के संभावित बैंड योजना की सिफारिश करने का अनुरोध किया, जिसमें सरकारी उपयोगकर्ता की आवश्यकता अनुसार 24 मेगाहर्ट्ज का निरंतर ब्लॉक आवंटन शामिल है।

इस संबंध में, ट्राई ने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी) के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंडों में रेडियो फ्रीक्‍वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर 30 सितंबर 2025 को एक परामर्श पत्र जारी किया, जिसमें हितधारकों से परामर्श पत्र में उठाए गए मुद्दों पर टिप्पणियां और प्रति-टिप्पणियां आमंत्रित की गईं। जिनकी प्रारंभ में अंतिम तिथियां क्रमशः 28.10.2025 और 11.11.2025 थीं। बाद में उद्योग संघों और हितधारकों के अनुरोध पर लिखित टिप्पणियां और प्रति-टिप्पणियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि क्रमशः 04.11.2025 और 18.11.2025 तक बढ़ाई गईं।

परामर्श पत्र में उठाए गए मुद्दों पर 19 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां दीं और 12 हितधारकों ने प्रति-टिप्पणियां दीं। परामर्श प्रक्रिया के तहत ट्राई ने 12 दिसंबर 2025 को आभासी माध्यम से परामर्श पत्र पर एक खुली चर्चा आयोजित की।

परामर्श प्रक्रिया में हितधारकों की टिप्पणियों और उनके विश्लेषण के आधार पर ट्राई ने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी) के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंड में रेडियो फ्रीक्‍वेंसी स्पेक्ट्रम की नीलामी पर अपनी अनुशंसाओं को अंतिम रूप दे दिया है। जिनके निम्‍नलिखि‍त मुख्य बिंदु हैं:

 

अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंडों की नीलामी पर सिफारिशें

 

*आगामी नीलामी में 600 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज आवृत्ति बैंड में उपलब्ध संपूर्ण स्पेक्ट्रम की नीलामी की जानी चाहिए।

* दूरसंचार विभाग को उन दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के पास मौजूद स्पेक्ट्रम को वापस लेने के लिए तुरंत कार्रवाई आरंभ करनी चाहिए, जो दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 के तहत कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में फंसे हैं, और इन्हें आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया में नीलाम करना चाहिए।

* आईएमटी के लिए निर्धारित आवृत्ति बैंड में स्पेक्ट्रम की नीलामी दूरसंचार सर्कल/मेट्रो क्षेत्र के आधार पर 20 वर्ष की वैधता अवधि के लिए होनी चाहिए।

*एक साथ कई दौर की नीलामी (एसएमआरए) आधारित स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।

*आगामी स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने के लिए, आवेदन आमंत्रित करने की सूचना 2024 में निर्धारित पात्रता शर्तें, आईएमटी के लिए निर्धारित सभी आवृत्ति बैंडों अर्थात् सेवा के लिए प्राधिकार, जारी रहनी चाहिए,

*आगामी आईएमटी स्पेक्ट्रम की नीलामी में नए प्रवेशकों के लिए, लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र के लिए आवश्यक नेट-वर्थ की सीमा 100 करोड़ रुपये प्रति क्षेत्र से घटाकर 50 करोड़ रुपये प्रति क्षेत्र किया जाना चाहिए (जम्मू और कश्मीर तथा पूर्वोत्‍तर के लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों के लिए यह सीमा 50 करोड़ रुपये से घटाकर 25 करोड़ रुपये प्रति क्षेत्र की जानी चाहिए)।

*यथा ​​संभव दूरसंचार सेवा प्रदाता को स्पेक्ट्रम का आवंटन सन्निहित तरीके से किया जाना चाहिए और दूरसंचार विभाग को नीलामी आयोजित करने के तुरंत बाद सामंजस्य प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। यह नीलामी के समापन की तिथि‍ से छह महीने से अधिक की समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए।

 

मौजूदा बैंडों जैसे 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंडों के लिए विशिष्ट अनुशंसाएँ।

*भारत में मौजूदा आवृत्ति बैंडों, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंडों के लिए पहले अपनाई गई बैंड योजनाएं आगामी नीलामी में जारी रहनी चाहिए।

 

*मौजूदा श्रेणियों के लिए ब्लॉक का आकार और न्यूनतम बोली

स्पेक्ट्रम बैंड

ब्लॉक आकार (मेगाहर्ट्ज)

स्पेक्ट्रम की न्यूनतम मात्रा जिसके लिए बोलीदाता को बोली लगानी आवश्यक

मौजूदा लाइसेंसधारी (मेगाहर्ट्ज)

नए प्रवेशकर्ता (मेगाहर्ट्ज)

800 मेगाहर्ट्ज

1.25 (जोड़े के रूप में)

1.25

5,

1.25 (जहां 5 मेगाहर्ट्ज से कम उपलब्धता हो)

900 मेगाहर्ट्ज

0.20 (जोड़े के रूप में)

0.2

5,

0.2 (जहां 5 मेगाहर्ट्ज से कम उपलब्धता हो)

1800 मेगाहर्ट्ज

0.20 (जोड़े के रूप में)

0.2

5,

0.2 (जहां 5 मेगाहर्ट्ज से कम उपलब्धता हो)

2100 मेगाहर्ट्ज

5 (जोड़े के रूप में)

5

5

2300 मेगाहर्ट्ज

10 (अयुग्मित)

10

10

2500 मेगाहर्ट्ज

10 (अयुग्मित)

10

10

3300 मेगाहर्ट्ज

10 (अयुग्मित)

10

10

26 GHz

50 (अयुग्मित)

50

100

नोट: कोई भी मौजूदा एक्सेस सर्विस प्राधिकार प्राप्‍त धारक को उन आवृत्ति बैंडों के लिए लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र में 'नए प्रवेशकर्ता' के रूप में माना जाना चाहिए जहां वर्तमान में उसके पास स्पेक्ट्रम नहीं है।

*मौजूदा आवृत्ति बैंडों 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंडों के लिए लागू दायित्व वही होने चाहिए जो आवेदन आमंत्रित करने की सूचना 2024 में संबंधित आवृत्ति बैंडों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

स्पेक्ट्रम सीमा पर सिफारिशें

किसी एक ऑपरेटर द्वारा धारित स्पेक्ट्रम रेडियो तरंगों की अधिकतम सीमा

*600 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध कुल स्पेक्ट्रम पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा (600 मेगाहर्ट्ज बैंड में ब्लॉक आकार को ध्यान में रखते हुए पूर्णांकित)।

*700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध संयुक्त स्पेक्ट्रम (जिसमें निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए आवंटित/आरक्षित स्पेक्ट्रम शामिल है) पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा निर्धारित की गई है।

*1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध संयुक्त स्पेक्ट्रम (जिसमें निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों को एक्सेस सेवाएं प्रदान करने के लिए आवंटित/आरक्षित स्पेक्ट्रम शामिल है) पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा निर्धारित की गई है।

*3300 मेगाहर्ट्ज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध कुल स्पेक्ट्रम पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा (जिसमें निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों को एक्सेस सेवाएं प्रदान करने के लिए आवंटित/आरक्षित स्पेक्ट्रम शामिल है) (इस बैंड में ब्लॉक आकार को ध्यान में रखते हुए इसे राउंड ऑफ किया गया है)।

*26 गीगाहर्टज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध कुल स्पेक्ट्रम पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा (जिसमें निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों को एक्सेस सेवाएं प्रदान करने के लिए आवंटित/आरक्षित स्पेक्ट्रम शामिल है) (इस बैंड में ब्लॉक आकार को ध्यान में रखते हुए इसे राउंड ऑफ किया गया है)।

*37-40 गीगाहर्टज बैंड में एक्सेस सेवाओं के लिए उपलब्ध कुल स्पेक्ट्रम पर 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा (जिसमें निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता को आवंटित स्पेक्ट्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के संचालकों को एक्सेस सेवाएं प्रदान करने के लिए आवंटित/आरक्षित स्पेक्ट्रम शामिल है) (इस बैंड में ब्लॉक आकार को ध्यान में रखते हुए इसे राउंड ऑफ किया गया है)।

* स्पेक्ट्रम सेवाओं की नीलामी दस्तावेज 2024 के प्रावधान के अनुसार, यदि किसी दूरसंचार सेवा प्रदाता ने पहले ही 35 प्रतिशत की स्पेक्ट्रम सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम प्राप्त कर लिया है, तो उसे पहले से मौजूद स्पेक्ट्रम के उपयोग के अधिकार को छोड़ने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।

 

  1. गीगाहर्टस बैंड संबंधी विशिष्ट अनुशंसाएँ

 

*सभी आवृत्ति बैंड n105 (600 मेगाहर्ट्ज बैंड) की नीलामी 2 x 5 मेगाहर्ट्ज के ब्लॉक आकार के साथ की जानी चाहिए, और बोली लगाने के लिए ब्लॉकों की न्यूनतम संख्या एक होनी चाहिए।

* स्पेक्ट्रम शुल्क 20 वर्ष की अवधि के लिए लगाया जा सकता है, लेकिन स्पेक्ट्रम की वैधता अवधि चार वर्ष बढ़ा देनी चाहिए, यानी सामान्य 20 वर्ष, जोड़ 4 वर्ष।

*600 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम आरंभ करने संबंधी दायित्व, अन्य 1 गीगाहर्ट्ज से कम बैंडों के लिए लागू दायित्वों के समान होने चाहिए। हालांकि, इसे चार वर्ष के लिए स्थगित करना चाहिए, अर्थात आरंभ‍िक चार वर्षों के लिए इन्हें लागू करने का दायित्व नहीं होना चाहिए, और रोलआउट दायित्व आरंभिक चार वर्षों की अवधि के बाद शुरू होने चाहिए।

*अग्रिम भुगतान विकल्प के अतिरिक्त, 600 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम के लिए अतिरिक्त भुगतान विकल्प उपलब्ध होना चाहिए।

'डिमांड नोट जारी होने के 10 कैलेंडर दिनों के भीतर बोली राशि का 5 प्रतिशत अग्रिम भुगतान। क्रेता को चार साल की मोहलत (अर्थात दूसरे वर्ष से पांचवें वर्ष तक कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं और शेष राशि का भुगतान शेष 19 वर्षों की अवधि छठे वर्ष के आरंभ से में समान वार्षिक किस्तों में होना चाहिए, जो मोहलत अवधि के बाद प्रत्येक वर्ष के आरंभ में अग्रिम रूप से देय होंगी, जिससे लागू ब्याज दर पर बोली राशि के शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) की उचित सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।'

*6 गीगाहर्टज बैंड (6425-6725 मेगाहर्टज और 7025-7125 मेगाहर्टज) पर अनुशंसा

*6 गीगाहर्टज अपर बैंड के महत्व को देखते हुए, इसे अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए।

*6 गीगाहर्टज अपर बैंड में उपलब्ध आवृत्ति रेंज, अर्थात् 6425-6725 मेगाहर्टज और 7025-7125 मेगाहर्टज, आगामी नीलामी में नहीं बेची जानी चाहिए। विश्व रेडियो संचार सम्मेलन 2027 के परिणाम पर विचार करने के बाद 6 गीगाहर्टज अपर बैंड में स्पेक्ट्रम की नीलामी के मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

*दूरसंचार विभाग सभी दूरसंचार सेवा प्रदाता को शामिल करते हुए एक योजना बनाए जिसके तहत उन सभी 34 स्थानों के आसपास परीक्षण किए जाएं जहां संबंधित आवृत्तियों (इन-बैंड और आसन्न आवृत्तियों) पर सैटेलाइट अपलिंक स्टेशन स्थित हैं, ताकि अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार बेस स्टेशनों और सैटेलाइट अपलिंक स्टेशनों के बीच निर्धारित दूरी की आवश्यकता का पता लगाया जा सके। परीक्षणों के परिणाम ट्राई के साथ भी साझा किए जा सकते हैं।

 

    1. मेगाहर्ट्ज बैंड पर अनुशंसाएं

 

*सरकार द्वारा 1427-1518 मेगाहर्ट्ज आवृत्ति रेंज को नीलामी के लिए रखने के निर्णय के बाद, इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त बैंड योजना अपनाने से संबंधित मामले की पुन: जांच की जानी चाहिए।

*दूरसंचार विभाग पूरक अपलिंक के लिए 1427-1518 मेगाहर्ट्ज आवृत्ति रेंज के उपयोग हेतु उपयुक्त बैंड योजना के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक मानकीकरण निकायों से इस मामले पर विचार की संभावनाएं तलाश सकता है। संबंधित कार्रवाई और उसके परिणाम प्राधिकरण के साथ साझा किए जा सकते हैं।

*सरकारी उपयोगकर्ता को 24 मेगाहर्ट्ज का ब्लॉक आवंटित करते समय, दूरसंचार विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार सेवाओं के लिए एक सन्निहित 67 मेगाहर्ट्ज का ब्लॉक उपलब्ध हो।

 

प्रतिस्पर्धा और मांग को मजबूत करने के लिए सिफारिश

*प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए, एक्सेस नेटवर्क प्रदाता (नेटवर्क लेयर) के लिए एकीकृत लाइसेंस के तहत एक अलग प्राधिकरण बनाने के संबंध में ट्राई की पिछली सिफारिशों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, जो भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण का 19.08.2021 प्रस्तावित ढांचा है जिसका उद्देश्य टेलीकॉम सेवाओं को एक ही 'यूनिफाइड लाइसेंस' में रखने के बजाय, उन्हें अलग-अलग परतों में बांटकर हर परत के लिए अलग लाइसेंस देना है। *दूरसंचार विभाग द्वारा दिनांक 09.10.2025 के "दूरसंचार (दूरसंचार नेटवर्क के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025" के मसौदे में प्रस्तावित डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता प्राधिकरण और क्लाउड-होस्टेड टेलीकॉम नेटवर्क प्रदाता प्राधिकरणों को दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत शीघ्रता से लागू किया जाना चाहिए।

*टाइम डिवीजन डुप्लेक्सिंग (एक ऐसी संचार तकनीक जिसमें डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए एक ही फ्रीक्वेंसी बैंड का उपयोग किया जाता है, लेकिन उन्हें अलग-अलग समय स्लॉट दिए जाते हैं) आधारित आवृत्ति बैंडों (जैसे 2300 मेगाहर्ट्ज/ 2500 मेगाहर्ट्ज/ 3300 मेगाहर्ट्ज/ 26 गीगाहर्टज/ 37-40 गीगाहर्टज बैंड) में स्पेक्ट्रम की एक निश्चित मात्रा को इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी), मशीन-टू-मशीन (एम2एम) प्रदाताओं और कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (सीएनपीएन) के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए।

*आईएसपी, एम2एम प्रदाताओं और सीएनपीएन के लिए आरक्षित किए जाने वाले उपयुक्त आईएमटी आवृत्ति बैंडों की पहचान के बाद, दूरसंचार विभाग को ऐसे स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए आरक्षित मूल्य सहित नियमों और शर्तों पर सिफारिशें प्राप्त करने के लिए ट्राई को संदर्भ भेजना चाहिए।

मोबाइल नेटवर्क कवरेज का विस्तार करने के लिए एक्सेस सेवा प्रदाताओं को प्रोत्साहित करने की योजना पर सिफारिशें

 

*निम्नलिखित योजना आरंभ की जानी चाहिए ताकि मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं को उन क्षेत्रों में अपने मोबाइल नेटवर्क कवरेज विस्तारित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्‍ध नहीं है और जो सार्वभौमिक सेवा दायित्व कोष (यूएसओएफ) [जिसे अब डिजिटल भारत निधि के नाम से जाना जाता है] की योजनाओं के अंतर्गत नहीं आते हैं। योजना की मुख्य रूपरेखा नीचे दी गई है:

*स्पेक्ट्रम की नीलामी समाप्त होने के बाद, स्पेक्ट्रम के सफल बोलीदाताओं को स्पेक्ट्रम की लागत में कमी (नीलामी में निर्धारित मूल्य के 10 प्रतिशत तक का विकल्प चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह विकल्प सभी लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों और सभी आवृत्ति बैंडों के लिए उपलब्ध होना चाहिए।

*स्पेक्ट्रम की लागत में कमी के बदले दूरसंचार सेवा प्रदाता को दूरसंचार विभाग कवरेज अंतराल द्वारा पहचाने गए स्थानों पर, एक निश्चित अवधि (उदाहरण स्‍वरूप एक वर्ष) के भीतर, अपने किसी भी आवृत्ति बैंड (मौजूदा/नए अधिग्रहीत) में स्पेक्ट्रम का उपयोग कर मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाएं (4जी/5जी प्रौद्योगिकी प्रदान करने के लिए नए विशिष्ट बेस स्टेशन साइट स्थापित करने चाहिए।

*स्थापित होने वाले विशिष्ट बेस स्टेशन साइटों की संख्या स्पेक्ट्रम लागत में कमी नए बेस स्टेशन साइट की स्थापना की अनुमानित लागत से विभाजित करके निकाली जा सकती है। एक नए बेस स्टेशन साइट की स्थापना की लागत के अनुमान के लिए, नवीनतम यूएसओएफ (डीबीएन) परियोजनाओं के तहत अनुमानित साइट की लागत (पांच वर्षों के लिए पूंजीगत व्यय + परिचालन व्यय) पर विचार करना एक विकल्प हो सकता है। अदर दूरसंचार विभाग को लगता है कि यूएसओएफ (डीबीएन) परियोजनाओं के तहत लागत अधिक है, तो इसे अखिल भारतीय स्‍तर पर अधिक यथार्थवादी बनाने हेतु तर्कसंगत बनाया जा सकता है।

*इस प्रकार के बेस स्टेशन स्थलों के लिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसे क्षेत्रों में कई दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को कवरेज उपलब्ध हो, उचित और गैर-भेदभावपूर्ण मूल्य पर साइट साझाकरण अनिवार्य रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए।

*यदि किसी लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र में कवरेज की कमी पाई जाती है और उस क्षेत्र में नए बेस स्टेशन साइटों की आवश्यकता कम होती है, तो दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को अन्य लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्रों में दूरसंचार विभाग द्वारा निर्दिष्‍ट स्थानों पर विशिष्ट बेस स्टेशन साइटें स्थापित करने के लिए कहा जाना चाहिए।

 

आरक्षित मूल्य और भुगतान विकल्प सुझाव

 

*विभिन्न स्पेक्ट्रम बैंडों के लिए अनुशंसित आरक्षित मूल्य (20 वर्षों के लिए) नीचे दी गई तालिका के अनुसार है:

20 वर्षों के लिए प्रति मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य

सेवा क्षेत्र

600 मेगाहर्ट्ज बैंड

800 मेगाहर्ट्ज बैंड

900 मेगाहर्ट्ज बैंड

1800 मेगाहर्ट्ज बैंड

2100 मेगाहर्ट्ज बैंड

2300 मेगाहर्ट्ज बैंड

2500 मेगाहर्ट्ज बैंड

3300 मेगाहर्ट्ज बैंड

26 गेगाहर्ट्ज बैंड

 

(जोड़े में)

(अयुग्मित)

 

(करोड़ रुपये में)

(लाख रुपये में)

आंध्र प्रदेश

233

182

217

127

90

38

38

20

43

असम

52

47

50

28

28

9

8

4

8

बिहार

133

108

124

97

56

16

17

10

21

दिल्ली

441

327

327

214

192

73

74

34

71

गुजरात

196

151

151

108

94

37

32

17

38

हरि याणा

66

51

51

36

28

12

10

5

11

हिमाचल प्रदेश

25

20

20

13

9

7

4

2

4

जम्मू -कश्मीर

14

12

13

8

5

4

2

1

1

कर्नाटक

185

142

166

102

81

44

33

15

31

केरल

105

82

82

49

43

18

16

8

16

कोलकाता

109

81

102

62

44

20

20

11

24

मध्य प्रदेश

140

111

111

114

53

17

18

11

22

महाराष्ट्र

259

201

201

141

101

44

39

22

48

मुंबई

292

215

215

166

118

65

58

26

58

पूर्वोत्‍तर

14

12

12

8

4

4

3

1

1

ओडिशा

65

53

59

34

24

10

9

5

9

पंजाब

88

68

120

49

35

18

14

7

15

राजस्थान

125

99

155

67

56

15

16

9

20

तमिलनाडु

212

164

188

100

97

55

40

17

36

उत्तर प्रदेश (पूर्वी)

232

194

214

212

99

23

26

14

27

यूपी (पश्चिम)

174

161

165

80

68

20

22

12

24

पश्चिम बंगाल

112

91

114

68

39

14

14

8

16

                     

विभिन्न स्पेक्ट्रम बैंडों के लिए अनुशंसित भुगतान विकल्प निम्नलिखित हैं:

800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के लिए भुगतान की शर्तें - दो विकल्प, निम्‍नानुसार है:

*पूर्ण या आंशिक अग्रिम भुगतान विकल्प, और

*20 समान वार्षिक किस्तों का विकल्प।

600 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड में स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए भुगतान की शर्तें: दो विकल्प, निम्‍नानुसार है:

*पूर्ण या आंशिक अग्रिम भुगतान का विकल्प, और

*डिमांड नोट जारी होने के 10 कैलेंडर दिवस के भीतर बोली राशि का 5 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा। क्रेता को चार साल की मोहलत दी जाएगी (अर्थात दूसरे वर्ष से पांचवें वर्ष तक कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी ), और शेष राशि का भुगतान मोहलत अवधि समाप्त होने के बाद शेष 19 वर्षों की अवधि में समान वार्षिक किस्तों में छठे वर्ष के आरंभ से किया जाएगा, जो प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में अग्रिम रूप से देय होगा, और इस प्रकार लागू ब्याज दर पर बोली राशि के शुद्ध वर्तमान मूल्य की उचित सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

नए मूल्यांकन के संचालन की आवधिकता

नए मूल्यांकन अभ्यास आयोजित करने की आवधिकता नीचे उल्लिखित है और यह दिनांक 11.04.2022 के भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की आईएमटी/5जी के लिए चिन्हित आवृत्ति बैंड में स्पेक्ट्रम की नीलामी संबंधी संस्‍तुतियों में निर्दिष्ट प्रावधानों के अनुरूप है,

मौजूदा बैंडों के लिए (जिनमें आगामी नीलामी में पहली बार नीलामी हेतु रखे रखे गए बैंड भी शामिल हैं), प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार स्पेक्ट्रम मूल्यांकन का नया अभ्यास किया जाए; इस इसके लिए सरकार द्वारा प्राधिकरण को उपयुक्त संदर्भ भेजा जाए।

*आवधिक मूल्यांकन अभ्यासों के बीच की अवधि में आयोजित नीलामी के लिए, जो हर तीन साल में एक बार आयोजित किए जाते हैं,

*उन लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र के लिए जहां पिछली नीलामी में नीलाम किए गए स्पेक्ट्रम को बेच दिया गया है, नीलामी द्वारा निर्धारित कीमतों (यदि पिछली नीलामी के बाद एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है तो लागू मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (न्‍यूनतम ब्‍याजदर) का उपयोग कर विधिवत अनुक्रमित) का उपयोग अगली नीलामी के लिए आरक्षित कीमतों के लिए किया जाना चाहिए;

* लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र के लिए, जहां स्पेक्ट्रम पिछली नीलामी में बिना बिका रह गया है, वहां पिछले अनुशंसित आरक्षित मूल्य (बिना इंडेक्सेशन के) का उपयोग किया जाना चाहिए।

* नए स्पेक्ट्रम बैंडों के लिए, जिन्हें पहली बार नीलामी के लिए रखा जाना है, प्राधिकरण को स्थापित प्रक्रिया के अनुसार एक संदर्भ भेजा जाए, जब भी इन बैंडों को नीलामी के लिए रखने का प्रस्ताव हो।

* हालांकि, यदि आवश्यक हो, तो दूरसंचार विभाग मौजूदा बैंडों के लिए प्राधिकरण से नए आरक्षित मूल्य मांग सकता है, जिसके लिए पूर्ण और तर्कसंगत औचित्य प्रस्तुत करना होगा।

ये अनुशंसाएं ट्राई की वेबसाइट (www.trai.gov.in) पर उपलब्ध हैं। किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिए ट्राई के सलाहकार (नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और लाइसेंसिंग) श्री अखिलेश कुमार त्रिवेदी से +91-11-20907758 पर संपर्क किया जा सकता है।

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पीके/केसी/एकेवी/एम


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