संचार मंत्रालय
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राष्ट्रीय महत्व के रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए


सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एक मजबूत अत्याधुनिक केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य् से सी-डॉट और आरआरयू ने एक सहयोगात्मक साझेदारी की

सी-डॉट आरआरयू, गांधीनगर में उन्नत टेलीकॉम और साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए एक नवाचार एवं अनुभव केंद्र स्थापित करेगा

प्रविष्टि तिथि: 13 FEB 2026 8:43PM by PIB Delhi

दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय, भारत सरकार का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सेंटर फॉर डेवेलपमेंट ऑफ़ टेलिमेटिक्स (सी-डॉट)  और गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), गांधीनगर  ने दूरसंचार और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उत्पादों पर संयुक्त सहयोग हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत, सी-डॉट आरआरयू के सहयोग से आरआरयू परिसर में एक नवाचार-सह-अनुभव केंद्र स्थापित करेगा। यह केंद्र महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास का नेतृत्व करेगा, जिनमें शामिल हैं: साइबर सुरक्षा, क्वांटम प्रौद्योगिकियाँ, एआई/एमएल, आईओटी/एम2एम समाधान, 5G नेटवर्क और मिशन क्रिटिकल सेवाएँ। यह सुविधा स्टार्टअप, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ इनक्यूबेशन, मेंटरिंग और साझेदारी के एक केंद्र के रूप में कार्य करेगी, एक जीवंत नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करेगी। यह प्रशिक्षण, क्षमता विकास और कौशल कार्यक्रम भी संचालित करेगी जिससे उद्योग के लिए तैयार कार्यबल विकसित किया जा सके।

सहयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम सी-डॉट के स्वदेशी साइबर सुरक्षा समाधान, त्रिनेत्र (TRINETRA) – एक एकीकृत एआई-संचालित साइबर सुरक्षा समाधान – पर केंद्रित परियोजना है। यह केंद्र त्रिनेत्र पर प्रदर्शन, व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुभवात्मक सीख और क्षमता विकास के लिए समर्पित मंच के रूप में कार्य करेगा। यह राज्य पुलिस, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकृत प्रतिभागियों सहित हितधारकों को विशेष कार्यानुभव प्रदान करेगा, जिससे साइबर सुरक्षा जागरूकता, संचालन तत्परता और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

इस सहयोग का उद्देश्य स्वदेशी नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देना है, जो डिजिटल परिवर्तन से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन में भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।

डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, सी-डॉट ने कहा: "यह समझौता ज्ञापन टेलीकॉम और साइबर सुरक्षा में स्वदेशी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सी-डॉट आरआरयू के साथ सहयोग करके त्रिनेत्र को लागू करने और मिशन-क्रिटिकल प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने पर गर्व महसूस करता है, जिससे अगले पीढ़ी के नवप्रवर्तकों और सुरक्षा रक्षकों को सशक्त बनाया जा सके। यह साझेदारी डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और साइबर सुरक्षा मजबूती जैसी राष्ट्रीय पहलों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।"

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रो वाइस-चांसलर, प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंद्रा ने कहा,  “हम एजेंटिक एआई और स्वायत्त साइबर खतरों के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं, जो कुछ ही सेकंड में नेटवर्क की कमजोरियों की पहचान करने में सक्षम हैं।” उन्‍होंने आगे कहा, “5G के विस्तार और 6G प्रौद्योगिकियों के उदय के साथ, डिजिटल हमले का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वदेशी नवाचार और सहयोगात्मक अनुसंधान अनिवार्य हो गया है। सी-डॉट के साथ साझेदारी करके, आरआरयू प्रतिभाओं और प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है जो भारत के डिजिटल भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।”

समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर आरआरयू परिसर, गांधीनगर में डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, सी-डॉट; प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंद्रा, प्रो वाइस-चांसलर, आरआरयू; श्री अविनाश खरेल, संकायाध्‍यक्ष – संबद्धता और मान्यता, आरआरयू; और डॉ. चंद्रेश पारेख, निदेशक – एसआईटीएआईसीएस, तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किए गए।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के बारे में:

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), गृह मंत्रालय के अंतर्गत एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, जो आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी-संचालित सुरक्षा समाधानों में शैक्षणिक विशेषज्ञता, अनुसंधान क्षमताएँ और प्रशिक्षण नेतृत्व प्रदान करता है। आरआरयू एक प्रमुख संस्थान है जो राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण हेतु समर्पित है।

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) के बारे में:

सी-डॉट दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के अंतर्गत एक प्रमुख टेलीकॉम अनुसंधान एवं विकास केंद्र है, जो टेलीकॉम प्रौद्योगिकियों और समाधानों के स्वदेशी विकास पर केंद्रित है। सी-डॉट आत्मनिर्भर भारत के विज़न को स्वदेशी टेलीकॉम नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ाता रहता है, जिसमें 5G स्टैक, त्रिनेत्र जैसे एआई-सक्षम साइबर सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म और आपदा संचार प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं।

डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी एवं बोर्ड अध्यक्ष, सी-डॉट, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए

डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी एवं बोर्ड अध्यक्ष, सी-डॉट और प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंद्रा, प्रो वाइस-चांसलर, आरआरयू

डॉ. राजकुमार उपाध्याय, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी एवं बोर्ड अध्यक्ष, सी-डॉट; प्रो. (डॉ.) कल्पेश एच. वंद्रा, प्रो वाइस-चांसलर, आरआरयू; श्री अविनाश खरेल, संकायाध्‍यक्ष – संबद्धता और मान्यता, आरआरयू; और डॉ. चंद्रेश पारेख, निदेशक – एसआईटीएआईसीएस तथा दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर समारोह

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पीके/केसी/पीके


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