महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को प्रोत्साहित एवं प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया गया
पोषण ट्रैकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के काम की गुणवत्ता में सुधार करता है
प्रविष्टि तिथि:
11 FEB 2026 3:04PM by PIB Delhi
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को छह सेवाओं का एक समेकित पैकेज प्रदान किया जाता है। इनमें पूरक पोषण (एसएनपी), पूर्व-विद्यालय अनौपचारिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं शामिल हैं। इन छह सेवाओं में से टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं स्वास्थ्य-सम्बद्ध घटक हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) एवं उपलब्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के माध्यम से प्रदान किया जाता है, जिससे समन्वित व प्रभावी सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।
ये सेवाएं आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र एवं पंजीकृत लाभार्थियों को प्रदान की जाती हैं। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एक आंगनवाड़ी सहायिका नियुक्त होती हैं। ये दोनों स्थानीय समुदाय से जुड़े मानद कार्यकर्ता होती हैं, जो स्वेच्छा से बाल देखभाल, पोषण और समग्र विकास के क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए समुदाय को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं की विस्तृत भूमिकाएं व जिम्मेदारियां मंत्रालय की वेबसाइट में इस लिंक पर उपलब्ध हैं: https://wcd.gov.in/offerings/nutrition-mission-saksham-anganwadi-and-poshan-2-0-mission-saksham-anganwadi-poshan-2-0
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (एडब्ल्यूएच) को मासिक मानदेय का भुगतान किया जाता है, जिसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है। भारत सरकार ने पहली अक्टूबर, 2018 से आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति माह कर दिया है; साथ ही आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,250 रुपये प्रति माह कर दिया है, जो केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच निर्धारित लागत साझाकरण अनुपात के अनुसार है। इसके अलावा, स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के रूप में 500 रुपये और स्वयंसेवी महिलाओं को 250 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। साथ ही, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अपने संसाधनों से इन स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन राशि भी देते हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न होती है।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रभावी निगरानी व सेवा वितरण सुनिश्चित करने हेतु स्मार्टफोन उपलब्ध कराकर तकनीकी रूप से सशक्त बनाया गया है। ‘पोषण ट्रैकर’ एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्व में उपयोग किए जाने वाले दस्तावेजी रजिस्टरों का डिजिटलीकरण किया गया है। इस पहल से न केवल उनके कार्य की गुणवत्ता व दक्षता में सुधार हुआ है, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित विभिन्न गतिविधियों की वास्तविक समय (रियल-टाइम) में निगरानी भी संभव हो पाई है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और मजबूती मिली है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) और आंगनवाड़ी सहायिकाओं (एडब्ल्यूएच) को प्रोत्साहित एवं प्रेरित करने के उद्देश्य से निम्नलिखित सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई हैं:
अवकाश: 20 दिन का वार्षिक अवकाश और 180 दिन का सवैतनिक मातृत्व अवकाश, गर्भपात/गर्भस्राव की स्थिति में एक बार 45 दिन का सवैतनिक अवकाश।
पेंशन: राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से आग्रह किया गया है कि वे पात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) पेंशन योजना के तहत नामांकन कराने के लिए प्रेरित करें। यह योजना देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन कार्यक्रम है, जो उन्हें सुनिश्चित आय एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ देती है।
पदोन्नति: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पदोन्नति के अवसरों को व्यापक रूप से बढ़ाया गया है। इसके तहत, आंगनवाड़ी सहायिकाओं में से 5 वर्ष का अनुभव रखने वाली पात्र महिलाएं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 50% पदों को भरेंगी। इसी प्रकार, 5 वर्ष का अनुभव रखने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर्यवेक्षकों के 50% पदों पर पदोन्नत होंगी, बशर्ते कि वे निर्धारित अन्य मानदंडों को भी पूरा करती हों।
सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाएं: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग में 2.00 लाख रुपये तक का जीवन बीमा (जीवन जोखिम, किसी भी कारण से मृत्यु सहित) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 18 से 59 वर्ष की आयु वर्ग में 2.00 लाख रुपये (दुर्घटना में मृत्यु और स्थायी पूर्ण दिव्यांगता) / 1.00 लाख रुपये (आंशिक लेकिन स्थायी दिव्यांगता) तक का दुर्घटना बीमा लाभ प्रदान किया गया है।
सेवानिवृत्ति तिथि: उचित मानव संसाधन नियोजन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के संबंध में एक समान सेवानिवृत्ति तिथि यानी प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल को अपनाने का अनुरोध किया गया है।
वर्ष 2024-25 के बजट में की गई घोषणा के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाएगा।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इस कार्यक्रम का नीति निर्धारण और इसकी योजना निर्माण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है, जबकि राज्य सरकारें तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को योजना के कार्यान्वयन व दैनिक कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लाभार्थियों को निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर रिक्त पदों को भरने से संबंधित मामलों पर नियमित रूप से संपर्क किया जाता है और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक चर्चा की जाती है, जिससे कार्यक्रम की निरंतरता एवं प्रभावशीलता बनी रहे।
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थियों का विवरण इस लिंक पर उपलब्ध है: https://www.poshantracker.in/statistics
यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी है।
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पीके/केसी/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2226861)
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