|
जनजातीय कार्य मंत्रालय
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय भूमिहीन समूहों को आवास लाभों से अपवर्जन
प्रविष्टि तिथि:
11 FEB 2026 2:13PM by PIB Delhi
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज राज्यसभा में जानकारी दी कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत शुरू की गई उन पहलों में से एक है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत आवास संबंधी हस्तक्षेप को कार्यान्वित करने वाले राज्यों को इस अभियान के अंतर्गत कुल 4.90 लाख मकानों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसके मुकाबले राज्यों द्वारा 4.76 लाख से अधिक मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं और 9 फरवरी 2026 तक 2.61 लाख से अधिक मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है।
इसके अलावा, यह उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) में स्वचालित अपवर्जन के मापदंडों में ढील दी गई थी और पीएम जनमन के अंतर्गत पहचाने जाने वाले विशेषरूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए केवल दो अपवर्जन मापदंड यानी "पक्के मकानों वाले परिवार और किसी सदस्य के सरकारी कर्मचारी वाले परिवार" को लागू किया गया था।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत भूमिहीन लाभार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। भूमिहीन लाभार्थियों को भूमि उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सबसे योग्य लाभार्थियों में से हैं। चूंकि भूमि राज्य का विषय है, इसलिए राज्यों के भूमि अधिग्रहण मामलों में मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, योजना के प्रावधानों के अनुसार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश यह सुनिश्चित करेंगे कि भूमिहीन लाभार्थी को सरकारी भूमि या किसी अन्य सार्वजनिक भूमि (पंचायत की साझा भूमि, सामुदायिक भूमि या अन्य स्थानीय प्राधिकरणों की भूमि) से भूमि उपलब्ध कराई जाए।
पीएम जनमान योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों, आवंटित लक्ष्य, स्वीकृत घरों और पूर्ण किए गए घरों का विवरण (राज्यवार) 09 फरवरी, 2026 तक अनुलग्नक-I में दिया गया है ।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिनांक 11 मार्च, 2025 के पत्र के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित किया है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 4 मार्च 2025 के आदेश का अनुपालन करें। मंत्रालय ने प्रगति की निगरानी के लिए, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित कीं और उसके बाद राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से प्राप्त कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर, मंत्रालय ने 3 अक्टूबर, 2025 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक विस्तृत हलफनामा दायर किया। यह मामला विचाराधीन है।
इसके अतिरिक्त, वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2023 के प्रावधान वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों या ग्राम सभाओं की वैधानिक शक्तियों को निरस्त नहीं करते हैं। इसके विपरीत, वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के नियम 11(7) के प्रावधानों के अनुसार, राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के अंतर्गत अधिकारों के निपटान सहित सभी प्रावधानों की पूर्ति और अनुपालन के बाद ही वन भूमि के डायवर्जन के आदेश जारी करेगा। इसके अतिरिक्त, अधिनियम और नियमों में संशोधन अन्य कानूनों के संचालन में बाधा नहीं डालते हैं या उनका उल्लंघन नहीं करते हैं।
अनुलग्नक-I
राज्यसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 1424 के भाग (क) से (ग) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक, जिसका उत्तर 11.02.2026 को श्री हरिसबीरन द्वारा "भूमिहीन विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को आवास लाभ से बाहर रखने" के संबंध में दिया गया।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों, आवंटित लक्ष्य, स्वीकृत घरों और पूर्ण किए गए घरों का विवरण (राज्यवार):
|
क्र.सं.
|
राज्य
|
पात्र परिवार
|
आवंटित लक्ष्य
|
स्वीकृत आवास
|
पूर्ण किए गए आवास
|
|
1
|
बिहार
|
1,085
|
985
|
985
|
0
|
|
2
|
छत्तीसगढ
|
35,463
|
35,463
|
33,237
|
18,634
|
|
3
|
गुजरात
|
18,740
|
13,644
|
12,724
|
8,010
|
|
4
|
झारखंड
|
37,708
|
36,630
|
36,240
|
9,746
|
|
5
|
केरल
|
1,906
|
1,814
|
1,147
|
16
|
|
6
|
मध्य प्रदेश
|
2,03,421
|
1,89,843
|
1,87,267
|
1,35,576
|
|
7
|
महाराष्ट्र
|
55,787
|
55,277
|
54,130
|
17,193
|
|
8
|
मणिपुर
|
2,231
|
2,145
|
2,145
|
0
|
|
9
|
ओडिशा
|
41,138
|
41,182
|
41,138
|
28,383
|
|
10
|
राजस्थान
|
24,402
|
24,467
|
22,626
|
12,096
|
|
11
|
तमिलनाडु
|
14,392
|
14,785
|
13,040
|
6,433
|
|
12
|
त्रिपुरा
|
17,213
|
17,217
|
17,212
|
16,781
|
|
13
|
उत्तर प्रदेश
|
145
|
145
|
145
|
132
|
|
14
|
उत्तराखंड
|
2,141
|
2,140
|
2,140
|
1,668
|
|
15
|
आंध्र प्रदेश
|
50,632
|
43,593
|
43,592
|
6,665
|
|
16
|
कर्नाटक
|
1,423
|
1,100
|
1,070
|
75
|
|
17
|
तेलंगाना
|
9,570
|
9,570
|
7,285
|
0
|
|
|
कुल
|
5,17,397
|
4,90,000
|
4,76,123
|
2,61,408
|
******
पीके/केसी/एचएन/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2226427)
|