कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
पीएम-किसान किश्तें
प्रविष्टि तिथि:
10 FEB 2026 6:40PM by PIB Delhi
पीएम-किसान (PM-KISAN) योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा खेती योग्य भूमि रखने वाले किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत, ₹ 6,000/- प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ तीन समान किस्तों में, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े (Aadhaar seeded) बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है। पीएम-किसान योजना के तहत, उच्च आर्थिक स्थिति से संबंधित कुछ बहिष्करणों (exclusions) के अधीन, खेती योग्य भूमि का होना योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्राथमिक पात्रता मानदंड है।
किसान-केंद्रित डिजिटल बुनियादी ढांचे ने यह सुनिश्चित किया है कि योजना के लाभ बिना किसी बिचौलिए की संलिप्तता के देश भर के सभी किसानों तक पहुँचें। लाभार्थियों के पंजीकरण और सत्यापन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए, भारत सरकार ने योजना की शुरुआत से अब तक 21 किस्तों के माध्यम से ₹ 4.09 लाख करोड़ से अधिक वितरित किए हैं।
पीएम-किसान के तहत सभी भुगतान लाभार्थियों के आधार-सीडेड बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तंत्र के माध्यम से किए जाते हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार-सीडेड बैंक खाता अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। तदनुसार, जिन मामलों में किसानों का बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा है, वहां भुगतान संसाधित नहीं किया जा सकता है। किसानों द्वारा बैंक खातों को आधार से जोड़ना एक निरंतर प्रक्रिया है, क्योंकि किसान अपने खाते एक बैंक से दूसरे बैंक में बदल सकते हैं। हालांकि, जैसे ही किसान अनिवार्य आवश्यकता को पूरा करते हैं, उनका बकाया तुरंत आधार से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है। 06/02/2026 तक, उन किसानों का राज्य-वार विवरण जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े नहीं हैं, संदर्भ के लिए अनुलग्नक-I में संलग्न है।
इसके अलावा, विभाग बैंक खातों की आधार सीडिंग की सुविधा के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, सामान्य सेवा केंद्रों (CSCs) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के समन्वय में नियमित रूप से केंद्रित संतृप्ति अभियान (saturation drives) चलाता है। साथ ही, किसानों को एसएमएस (SMS) के माध्यम से सूचित किया जाता है ताकि वे पीएम-किसान के तहत लाभों का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने के लिए अपने बैंक खातों की आधार सीडिंग सुनिश्चित कर सकें।
अनुलग्नक-I
राज्यवार लंबित आधार-बैंक सीडिंग
|
क्रम संख्या
|
राज्य का नाम
|
आधार-बैंक अकाउंट सीडिंग पेंडिंग वाले किसानों की संख्या
|
|
1
|
उत्तर प्रदेश
|
10,44,200
|
|
2
|
गुजरात
|
2,90,358
|
|
3
|
केरल
|
68,798
|
|
4
|
राजस्थान
|
2,13,779
|
|
5
|
कर्नाटक
|
1,30,263
|
|
6
|
पश्चिम बंगाल
|
1,22,106
|
|
7
|
मध्य प्रदेश
|
1,87,011
|
|
8
|
महाराष्ट्र
|
1,72,349
|
|
9
|
ओडिशा
|
73,532
|
|
10
|
झारखंड
|
53,083
|
|
11
|
मणिपुर
|
18,898
|
|
12
|
पंजाब
|
61,360
|
|
13
|
तमिलनाडु
|
87,432
|
|
14
|
हरियाणा
|
61,490
|
|
15
|
बिहार
|
1,39,430
|
|
16
|
तेलंगाना
|
97,467
|
|
17
|
आंध्र प्रदेश
|
41,626
|
|
18
|
छत्तीसगढ़
|
34,622
|
|
19
|
हिमाचल प्रदेश
|
30,114
|
|
20
|
अरुणाचल प्रदेश
|
3,915
|
|
21
|
असम
|
10,146
|
|
22
|
नागालैंड
|
8,535
|
|
23
|
उत्तराखंड
|
26,273
|
|
24
|
जम्मू और कश्मीर
|
15,660
|
|
25
|
त्रिपुरा
|
12,998
|
|
26
|
मिजोरम
|
3,063
|
|
27
|
मेघालय
|
4,122
|
|
28
|
सिक्किम
|
2,456
|
|
29
|
दिल्ली
|
727
|
|
30
|
लद्दाख
|
734
|
|
31
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
374
|
|
32
|
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
|
583
|
|
33
|
गोवा
|
392
|
|
34
|
लक्ष्यद्वीप
|
226
|
|
35
|
पुडुचेरी
|
213
|
|
36
|
चंडीगढ़
|
26
|
|
|
कुल
|
30,18,361
|
यह जानकारी कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।
******
पीके/केसी/वीएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2226133)
आगंतुक पटल : 139