खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
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खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन का समर्थन करने वाले एनआईएफटीईएम उत्कृष्टता केंद्र


खाद्य परीक्षण अवसंरचना एवं गुणवत्ता मानक:

पीएमकेएसवाई के अंतर्गत आधुनिक परीक्षण सुविधाओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार।

प्रविष्टि तिथि: 06 FEB 2026 8:07PM by PIB Delhi

खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना (एफएसक्यूएआई) पीएमकेएसवाई के अंतर्गत एक घटक योजना है जिसका उद्देश्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके एनएबीएल-मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के नेटवर्क को सुदृढ़ और विस्तारित करना है। यह योजना प्रयोगशाला नेटवर्क का व्यापक विस्तार करके और उद्योगों को विश्वसनीय विश्लेषणात्मक सेवाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करके खाद्य परीक्षण प्रणाली में गुणवत्ता और अनुपालन संबंधी कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योजना अवसंरचना निर्माण, परीक्षण परिणामों में लगने वाले समय को कम करने और भौगोलिक पहुंच बढ़ाने में सहायता करती है। इससे खाद्य व्यवसायों, निर्यातकों और प्रवर्तन एजेंसियों को निर्यातकों और उत्पादन केंद्रों के निकट मानकीकृत, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर (आईएसओ:17025 के अनुसार) मान्यता प्राप्त परीक्षण सेवाओं तक पहुंच प्राप्त होगी, जिसके परिणामस्वरूप तेजी से प्रमाणन, बेहतर नियामक अनुपालन और घरेलू खपत एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों के लिए भारतीय खाद्य उत्पादों में विश्वास मजबूत होगा।

खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए एनएबीएल प्रत्यायन के प्रमुख लाभों में एशिया प्रशांत प्रत्यायन सहयोग (एपीएसी) और अंतर्राष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रत्यायन सहयोग पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (आईएलएसी एमआरए) अर्थव्यवस्थाओं के अंतर्गत एनएबीएल-प्रमाणित प्रयोगशालाओं से प्राप्त खाद्य परीक्षण परिणामों की अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति सुनिश्चित करना शामिल है। यह आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के अनुपालन के माध्यम से परीक्षण परिणामों की तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता में विश्वास बढ़ाता है। साथ ही, यह परीक्षण की पुनरावृत्ति और व्यापार में तकनीकी बाधाओं को कम करता है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलता है। यह खाद्य सुरक्षा संबंधी निर्णयों के लिए विश्वसनीय और विश्व स्तर पर स्वीकृत परीक्षण डेटा प्रदान करके नियामकों का समर्थन करता है। इससे त्वरित अनुमोदन और पुन: परीक्षण में कमी के माध्यम से उद्योग के लिए समय और लागत की बचत होगी। यह घरेलू स्तर पर उत्पादित और निर्यातित खाद्य उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को मजबूत करेगा।

आधुनिक परीक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने और निर्यात के लिए प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के परीक्षण हेतु एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के अनिवार्य उपयोग से निर्यात अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फल, सब्जियां, मसाले, समुद्री उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ सहित कई निर्यात क्षेत्रों ने आयात करने वाले देशों की सीमाओं पर अस्वीकृतियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। यह कमी अवशेष सीमा, संदूषक विनिर्देशों और सूक्ष्मजीवविज्ञानी मानकों के बेहतर अनुपालन के कारण हुई है। उन्नत परीक्षण अवसंरचना और प्रमाणित विधियों ने निर्यात-पूर्व जांच में सुधार किया है, जिससे अनुपालन न करने का जोखिम कम हुआ है और वैश्विक बाजारों में भारतीय खाद्य उत्पादों की सुगम पहुंच सुनिश्चित हुई है।

विश्वविद्यालय प्रयोगशालाओं (जैसे एनआईएफटीईएम-कुंडली) और खाद्य परीक्षण अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं के उन्नयन के लिए प्रदान की गई वित्तीय सहायता का प्रभावी ढंग से उपयोग उन्नत विश्लेषणात्मक क्षमताओं को विकसित करने में किया गया है। इन उन्नयनों ने प्रयोगशालाओं को उभरते संदूषकों, कीटनाशक अवशेषों, पशु चिकित्सा औषधि अवशेषों, खाद्य एलर्जी कारकों, माइकोटॉक्सिन, भारी धातुओं और नवीन खाद्य अवयवों के परीक्षण के दायरे को विकसित होते नियामक आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विस्तारित करने में सक्षम बनाया है ।

कुंडली और तंजावुर स्थित एनआईएफटीईएम उन्नत अनुसंधान, उद्योग-अनुकूल शिक्षा, इनक्यूबेशन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को एकीकृत करते हुए उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं। ये संस्थान उद्यमियों, परिवारिक सहयोग संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों और उद्योग कर्मचारियों के लिए जीएमपी, एचएसीसीपी, पैकेजिंग, संवेदी विज्ञान और खाद्य सुरक्षा में विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से मानकीकृत प्रथाओं को बढ़ावा देते हैं। ये संस्थान खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों, गुणवत्ता आश्वासन और नियामक अनुपालन (एफएसएसएआई, एपीईडीए के अनुसार) के अनुरूप उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम, कौशल विकास पहल, उद्योग-उन्मुख प्रमाणन पाठ्यक्रम और प्रयोगशाला उपकरणों के व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। वे परीक्षण पद्धतियों के सामंजस्य (जैसे एनआईएफटीईएम-के फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के लिए एफएसएसएआई की सहायता कर रहा है), सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रसार और एमएसएमई और स्टार्टअप्स को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में भी सहयोग करते हैं। अपने अनुसंधान, प्रशिक्षण और जनसंर्पक गतिविधियों के माध्यम से, एनआईएफटीईएम भारत में एक मजबूत, विज्ञान-आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खाद्य सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एनआईएफटीईएम-टी में गैर-तापीय प्रसंस्करण उत्कृष्टता केंद्र (सीईएनटीपी) स्थित है, जो एशिया में अपनी तरह का अनूठा केंद्र है और खाद्य सुरक्षा, पोषण और शेल्फ लाइफ को बेहतर बनाने के लिए स्पंदित विद्युत क्षेत्र, उच्च दबाव, यूवी आदि पर ध्यान केंद्रित करता है। एनआईएफटीईएम में एनएबीएल से मान्यता प्राप्त खाद्य गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला है, जिसे एफएसएसएआई द्वारा रेफरल खाद्य प्रयोगशाला के रूप में अधिसूचित किया गया है। यह प्रयोगशाला उत्पाद की गुणवत्ता और उपभोक्ता स्वीकृति के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण और मूल्यांकन प्रदान करती है, जिससे उच्च मानकों को सुनिश्चित किया जा सके। ये संस्थान स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करके, अल्पकालिक पाठ्यक्रम प्रदान करके और वैश्विक प्रतिस्पर्धा और खाद्य सुरक्षा के लिए नवाचार को बढ़ावा देकर शिक्षा जगत और उद्योग को जोड़ते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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