खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पोषक तत्वों और उपयोगी खाद्य पदार्थों का प्रचार


खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) की योजनाओं के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना का विकास

एमओएफपीआई की योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण तंत्र को सुदृढ़ बनाना

प्रविष्टि तिथि: 06 FEB 2026 8:04PM by PIB Delhi

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) द्वारा कार्यान्वित योजनाओं के अंतर्गत पोषक तत्वों और उपयोगी खाद्य पदार्थों का प्रचार करने के लिए कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं हैं। हालांकि, मोटा अनाज और अन्य स्वदेशी सुपरफूड जैसे मखाना पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के समग्र विकास को बढ़ावा देने और सुनिश्चित करने के लिए, एमओएफपीआई अपनी दो केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं- प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफपीआई) और केंद्र प्रायोजित-प्रधान मंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिककरण (पीएमएफएमई) योजना के माध्यम से संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना/विस्तार को प्रोत्साहित कर रहा है। ये योजनाएं क्षेत्र या राज्य विशिष्ट नहीं हैं, बल्कि मांग आधारित हैं।

पीएलआईएसएफपीआई का एक घटक मोटा अनाज आधारित उत्पादों (एमबीपी) पर केंद्रित है, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। मोटा अनाज आधारित उत्पादों के लिए प्रोत्‍साहन (पीएलआईएसएमबीपी) योजना का उद्देश्य खाद्य उत्पादों में मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ाना और घरेलू और निर्यात बाजारों में चयनित मोटा अनाज आधारित उत्पादों के उत्‍पादन और बिक्री को प्रोत्साहन देकर उनके मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना है। आज तक, पीएलआईएसएमबीपी के लिए आवंटित कुल 800 करोड़ रुपये में से 793.27 करोड़ रुपये 29 आवेदकों को प्रोत्साहन देने के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 8 बड़े और 21 छोटे और मध्यम आकार के उद्यम शामिल हैं।

पीएमएफएमई योजना के तहत, 11 राज्यों के 21 जिलों में मोटा अनाज और उसके उत्पादों की एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में पहचान की गई है। 10 राज्यों में मोटा अनाज प्रसंस्करण लाइनों वाले 17 इनक्यूबेशन केंद्रों को मंजूरी दी गई है। 31.12.2025 तक, देश भर में 4,612 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मोटा अनाज प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 91.20 करोड़ रुपये की सब्सिडी और 379 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मखाना प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 12.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी के साथ मंजूरी दी गई है।

वर्षवार पीएमकेएसवाई, पीएलआईएसएफपीआई और पीएमएफएमई के तहत वर्ष भर में 2022-23 से कुल आवंटित धनराशि और उपयोग की गई धनराशि का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय द्वारा उक्त तीन योजनाओं के तहत देश भर में वर्ष 2022-23 से स्वीकृत खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विनियामक मामले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। एफएसएसएआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उसने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (स्वास्थ्य पूरक, पौष्‍टिक, विशेष आहार उपयोग हेतु खाद्य पदार्थ, विशेष चिकित्सा प्रयोजन हेतु खाद्य पदार्थ, उपयोगी खाद्य पदार्थ और नवीन खाद्य पदार्थ) विनियम, 2016 के अंतर्गत पौष्टिक उत्पादों के लिए मानक निर्धारित किए हैं। इन विनियमों में अनुमत अवयवों, मानकों, विटामिन, खनिज, वनस्पति और अन्य पदार्थों की सीमा, लेबलिंग आवश्यकताओं और दावों के ढांचे को निर्दिष्ट किया गया है।

मानकीकरण में प्रमुख चुनौतियां विटामिन और दवाओं का एक दूसरे से मेल खाना; विभिन्न देशों में पौष्टिक की विविध परिभाषाएँ हैं।

इसके अलावा, मोटा अनाज और अन्य स्वदेशी सुपरफूड्स जैसे कि मखाना के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए, खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय अपनी तीन योजनाओं के माध्यम से, संबंधित योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, संबंधित उद्योगों की स्थापना के लिए संभावित उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

पीएमकेएसवाई योजना के अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) घटक के तहत, खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय निजी संगठनों/विश्वविद्यालयों/संस्थानों, सार्वजनिक वित्त पोषित संगठनों और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मांग आधारित अनुसंधान एवं विकास कार्य को बढ़ावा देने और उसे करने के लिए अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

पीएमएफएमई योजना के ब्रांडिंग और मार्केटिंग घटक के तहत, किसान उत्पादक संगठनों/स्वयं सहायता समूहों/सहकारी समितियों या सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण के विशेष प्रयोजकों को उपभोक्ता खुदरा बिक्री के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मानकीकरण और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के प्रावधान के साथ एक समान पैकेजिंग और ब्रांडिंग विकसित करने के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित योजनाओं का उद्देश्य खेत से लेकर खुदरा बिक्री तक कुशल आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, जिसमें भंडारण, परिवहन, मूल्यवर्धन आदि शामिल हैं। इससे उत्पादकता में वृद्धि होती है, कृषि उपज की बर्बादी कम होती है, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आती है, प्रसंस्करण स्तर बढ़ता है और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का निर्यात बढ़ता है।

*****

अनुलग्नक-I

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) की पीएमकेएसवाई, और पीएलआईएसएफपीआई  एवं पीएमएफएमई योजनाओं में आवंटित और उपयोग की गई निधियों का विवरण

(करोड़ रुपये में)

 

 

योजना

2022-23

2023-24

2024-25

संशोधित अनुमान

वास्‍तविक व्‍यय

संशोधित अनुमान

वास्‍तविक व्‍यय

संशोधित अनुमान

वास्‍तविक व्‍यय

पीएमकेएसवाई

673.00

561.92

745.00

666.20

630.00

540.12

पीएलआईएसएफपीआई

801.00

489.83

1150.00

590.50

700.00

450.49

पीएमएफएमई

290.00

274.76

800.00

778.84

1200.00

1023.10

****

 

अनुलग्नक-II

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) की पीएमकेएसवाई, पीएलआईएसएफपीआई और पीएमएफएमई योजनाओं के तहत वर्ष 2022-23 से स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या

 

क्र.सं.

 

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

पीएमकेएसवाई के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं की संख्या

पीएमएफएमई के अंतर्गत अनुमोदित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की संख्या

पीएलआईएसएफपीआई के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर अनुमोदित इकाइयों की संख्या

 

अंडमान और निकोबार

0

12

0

 

आंध्र प्रदेश

33

6712

2

 

अरुणाचल प्रदेश

7

97

1

 

असम

47

3061

0

 

बिहार

7

23480

0

 

चंडीगढ़

0

0

0

 

छत्तीसगढ

4

957

0

 

दादर एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव

0

7

0

 

दिल्ली

1

258

0

 

गोवा

1

101

0

 

गुजरात

23

703

5

 

हरि‍याणा

18

1287

3

 

हिमाचल प्रदेश

5

1649

2

 

जम्मू और कश्मीर

3

1332

0

 

झारखंड

0

3576

0

 

कर्नाटक

20

6163

7

 

केरल

22

6496

0

 

लद्दाख

0

76

0

 

लक्षद्वीप

0

0

0

 

मध्य प्रदेश

16

9221

2

 

महाराष्ट्र

71

23079

7

 

मणिपुर

1

111

0

 

मेघालय

2

190

0

 

मिजोरम

0

40

0

 

नगालैंड

0

368

0

 

ओडिशा

16

1978

0

 

पुद्दुचेरी

0

163

0

 

पंजाब

12

2545

3

 

राजस्थान

22

947

0

 

सिक्किम

0

59

0

 

तमिलनाडु

41

14970

7

 

तेलंगाना

34

6703

5

 

त्रिपुरा

1

183

0

 

उत्तर प्रदेश

26

16407

1

 

उत्तराखंड

12

859

4

 

पश्चिम बंगाल

14

171

0

 

कुल

459

133961

49

 

यह जानकारी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

****

पीके/केसी/पीपी/एम


(रिलीज़ आईडी: 2224851) आगंतुक पटल : 16
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English