भारी उद्योग मंत्रालय
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भारी उद्योग क्षेत्र में सुधार के लिए वैश्विक साझेदारियाँ

प्रविष्टि तिथि: 06 FEB 2026 5:46PM by PIB Delhi

भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (एमईटीआई) के साथ भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धा साझेदारी (आईजेआईसीपी) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास और उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों में सहयोग के संबंध में जापानी निर्माताओं के साथ भारतीय पूंजीगत वस्तु उद्योग के क्षेत्रीय दायरे का पता लगाने के लिए बातचीत की है।

पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करने और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए तथा औद्योगिक उत्पादन और निर्यात को मजबूत करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) "भारतीय पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की योजना - चरण II" लागू कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 891.37 करोड़ रुपये की परियोजना लागत और 714.64 करोड़ रुपये के सरकारी योगदान वाली 29 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।

इस योजना के अंतर्गत भारी उद्योग क्षेत्र में डिजिटलीकरण को मजबूत करने के लिए एमएचआई ने 4 स्मार्ट एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग एंड रैपिड ट्रांसफॉर्मेशन हब (समर्थ) केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र हैं: सेंटर फॉर इंडस्ट्री 4.0 (सी4आई4) लैब पुणे; आईआईटीडी-एआईए फाउंडेशन फॉर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, आईआईटी दिल्ली; आई-4.0 इंडिया @ आईआईएससी, बेंगलुरु; और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग डेमो एंड डेवलपमेंट सेल, सीएमटीआई, बेंगलुरु।

यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीके/ केसी/ एसके


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