भारी उद्योग मंत्रालय
पीएम ई-ड्राइव योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी
प्रविष्टि तिथि:
06 FEB 2026 5:43PM by PIB Delhi
पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना ने ई-टू व्हीलर्स (ई-2डब्ल्यू), ई-थ्री व्हीलर्स (ई-रिक्शा, ई-कार्ट और एल5 श्रेणी), ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक सहित विभिन्न ईवी सेगमेंट के लिए लक्षित मांग प्रोत्साहन प्रदान करके देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाई है। इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआती लागत कम हो गई है। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं (खरीदारों/अंतिम उपयोगकर्ताओं) को इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद कीमत कम करने के लिए शुरुआती प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं। इनकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार द्वारा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत 28 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा इस योजना में औद्योगिक उपक्रमों (एसटीयू) की 14,028 ई-बसों के लिए अनुदान भी शामिल है।
इस योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैनाती और परीक्षण सुविधाओं के उन्नयन को भी समर्थन दिया जाता है। अखिल भारतीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (ईवीपीसीएस) की तैनाती के लिए योजना के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इन उपायों ने इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम को मजबूत किया है, उपभोक्ता विश्वास को बढ़ाया है और स्वच्छ और टिकाऊ गतिशीलता समाधानों को बड़े पैमाने पर अपनाने में सुविधा प्रदान की है।
31 दिसंबर 2025 तक, पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-2डब्ल्यू और ई-3डब्ल्यू के खरीदारों को प्रदान किए गए मांग प्रोत्साहन की प्रतिपूर्ति के रूप में, ई-2डब्ल्यू और ई-3डब्ल्यू के मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को कुल 1,703 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।
यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/ केसी/ एसके
(रिलीज़ आईडी: 2224638)
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