उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
ड्रोन के विद्युतचुंबकीय व्यतिकरण (ईएमआई) और विद्युतचुंबकीय संगतता (ईएमसी) परीक्षण को साकार करने के लिए एनटीएच ने एसटीक्यूसी-ईआरटीएल (नॉर्थ) के साथ साझेदारी की
इस नई साझेदारी से भारत का ड्रोन प्रमाणन तंत्र को मजबूती मिलेगी
इस नए सहयोग से सुरक्षा, सामर्थ्य और वैश्विक स्वीकृति को बढ़ावा मिलेगा
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 4:21PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) ने केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया', ' आत्मनिर्भर भारत' और ' विजन 2047' के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारत को सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रमाणित ड्रोन प्रौद्योगिकियों के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय (एसटीक्यूसी) निदेशालय- इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशाला (उत्तर) [ईआरटीएल (उत्तर)] के साथ सहयोग समझौता किया है। इससे ड्रोनों का विद्युतचुंबकीय व्यतिकरण (ईएमआई) और विद्युतचुंबकीय संगतता (ईएमसी) परीक्षण संभव हो सकेगा जिससे भारत के ड्रोन परीक्षण एवं प्रमाणन ढांचे को मजबूती मिलेगी।
यह सहयोग ड्रोन नियम, 2021 और मानवरहित विमान प्रणालियों के लिए प्रमाणन योजना (सीएसयूएएस), 2022 के तहत एक महत्वपूर्ण नियामक आवश्यकता को पूरा करता है। साथ ही, यह भारत की सुरक्षित, विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाली मानवरहित विमान प्रणालियों (यूएएस) को प्रमाणित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे, राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र के महानिदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव, एसटीक्यूसी निदेशालय के वैज्ञानिक 'जी' श्री विवेक कश्यप और ईआरटीएल (उत्तर) के वैज्ञानिक 'एफ' और निदेशक श्री प्रदीप गुंज्याल की उपस्थिति में 2 फरवरी 2026 को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस प्रस्तावित समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, ड्रोन और उनके उप-प्रणालियों का ईएमआई/ईएमसी और प्रतिरक्षा परीक्षण ईआरटीएल (उत्तर) में लागू आईईसी 61000 / आईएस 14700 मानकों के अनुसार किया जाएगा जबकि एनटीएच शेष परीक्षण अपने परिसर में करेगा। इस सहयोग के माध्यम से प्राप्त परीक्षण रिपोर्टों को टाइप सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में सहजता से एकीकृत किया जाएगा जिससे ड्रोन निर्माताओं, विशेष रूप से स्टार्टअप और एमएसएमई को एक पारदर्शी, सुगम, विश्वसनीय और सरकार समर्थित प्रमाणन प्रक्रिया प्राप्त होगी।
यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण उच्च लागत वाली अवसंरचना के दोहराव से बचाता है, मौजूदा राष्ट्रीय सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करता है और भारत में ड्रोन सुरक्षा व विश्वसनीयता के लिए नियामक ढांचे को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करता है। इसके साथ ही, यह दृष्टिकोण यह भी सुनिश्चित करता है कि एनटीएच एनटीएच द्वारा प्रमाणित ड्रोनों का आईईसी/आईएसओ, एमआईएल-एसटीडी, एएसटीएम और आरटीसीए जैसे वैश्विक मानकों पर खरा उतरना संभव हो, जिससे भारतीय ड्रोनों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति में उल्लेखनीय वृद्धि हो।
विश्व स्तरीय ड्रोन परीक्षण और प्रमाणीकरण को निजी सुविधाओं की तुलना में काफी कम लागत पर सुलभ और किफायती बनाकर, यह पहल कृषि, ल़जिस्टिक, स्वास्थ्य सेवा, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा निगरानी और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों में नवाचार को गति देगी।
एनटीएच और एसटीक्यूसी-ईआरटीएल (नॉर्थ) के बीच प्रस्तावित यह सहयोग, एनटीएच की ड्रोन प्रमाणन क्षमताओं का विस्तार करने और देश के लिए एक मजबूत, स्वदेशी और भविष्य के लिए तैयार ड्रोन प्रमाणन व्यवस्था के निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) को डीजीसीए और क्यूसीआई द्वारा मानवरहित विमान प्रणाली प्रमाणन योजना (सीएसयूएएस) के तहत एक प्रमाणन निकाय (सीबी)/अधिकृत परीक्षण इकाई (एटीई) के रूप में अनुमोदित किया गया है और यह ड्रोन सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए सुरक्षा, गुणवत्ता और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एनटीएच भारत सरकार का एक प्रमुख वैज्ञानिक एवं परीक्षण संस्थान है। इसकी स्थापना 1912 में हुई थी और यह उपभोक्ता मामलों के विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन कार्यरत है। एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के साथ, राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षण, निरीक्षण, गुणवत्ता आश्वासन और प्रमाणन सेवाएं प्रदान करता है।
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पीके/केसी/बीयू/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2223243)
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