कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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स्किल इंडिया डिजिटल हब

प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 3:46PM by PIB Delhi

स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) सितंबर 2023 में विशिष्‍ट उद्देश्यों और विशेषताओं के साथ एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में लॉन्च किया गया था जो निम्नलिखित हैं:

(i) प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणन और अन्य कौशल विकास संबंधी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करना;

(ii) उम्मीदवारों, प्रशिक्षण प्रदाताओं और मूल्यांकन एजेंसियों को संपूर्ण डिजिटल सेवाएं प्रदान करना;

(iii) कौशल विकास पाठ्यक्रमों की खोज, डिजिटल नामांकन, मूल्यांकन और प्रमाणन को सक्षम बनाना;

(iv) डिजिटल रूप से सत्यापन योग्य और पोर्टेबल क्रेडेंशियल सुनिश्चित करना;

 

स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) पर हितधारकों को जोड़ने में हुई प्रगति के संदर्भ में, 13 सितंबर, 2023 को इसके शुभारंभ से लेकर अब तक, 7,000 से अधिक प्रशिक्षण प्रदाता, 70 से अधिक मूल्यांकन एजेंसियां, 68,000 से अधिक नियोक्ता/उद्योग भागीदार और 1.5 करोड़ से अधिक उम्मीदवार इस प्लेटफॉर्म पर जुड़ चुके हैं। इसके अतिरिक्‍त, प्लेटफॉर्म को डिजिलॉकर, ई-श्रम, राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस), यूआईडीएआई और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) जैसे प्रमुख राष्ट्रीय डिजिटल प्रणालियों के साथ एकीकृत किया गया है।

स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) ने पाठ्यक्रम खोज, नामांकन, मूल्यांकन और प्रमाणन के लिए एक एकीकृत डिजिटल इंटरफ़ेस प्रदान करके कौशल विकास के अवसरों तक पहुंच में सुधार किया है। कई केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और राष्ट्रीय डिजिटल प्रणालियों के साथ एकीकरण के माध्यम से, यह प्लेटफॉर्म विभिन्न क्षेत्रों और भाषाओं में कौशल विकास कार्यक्रमों तक निर्बाध, सुरक्षित और सत्यापित पहुंच को सक्षम बनाता है। डिजिटल रूप से सत्यापित प्रमाणपत्रों तथा सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड जारी करने के माध्यम से मूल्यांकन और प्रमाणन में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सुदृढ़ किया गया है। इस प्लेटफॉर्म को उम्मीदवारों और प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा तेजी से अपनाया जा रहा है। इससे कौशल विकास कार्यक्रमों की निगरानी और कार्यान्वयन को सुदृढ़ करते हुए, कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से बड़े व्‍यापक स्‍तर पर कौशल विकास, प्रमाणन और रोजगार मिलान सेवाओं के वितरण में सहायता मिल रही है।

भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन (एसआईएम) के अंतर्गत, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा कौशल, पुनर्कौशल और उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है। 31.12.2025 तक झारखंड के चतरा संसदीय क्षेत्र में पीएमकेवीवाई 4.0 और पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत क्रमशः 1590 और 1327 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है। इसके अतिरिक्‍त, चतरा लोकसभा क्षेत्र के 32 आईटीआई में पिछले पांच वर्षों के दौरान 16,180 प्रशिक्षुओं का नामांकन हुआ है। चतरा संसदीय क्षेत्र के लातेहार जिले में 2024-26 के दौरान सौर ऊर्जा आधारित उद्यमिता पर उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ईएसडीपी) के तहत कुल 28 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है। 31.12.2025 तक झारखंड के चतरा संसदीय क्षेत्र में कुल 476 प्रशिक्षुओं ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इसके अतिरिक्‍त, चतरा निर्वाचन क्षेत्र के लातेहार जिले में जन शिक्षण संस्थान के तहत 31.12.2025 तक 2939 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है।

सरकार श्रम बाजार में हो रहे बदलावों में गिग वर्कर्स के बढ़ते महत्व को समझती है और कौशल विकास पहलों में उनकी भागीदारी को सुगम बनाने के लिए कदम उठा रही है। हालांकि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए कोई अलग या विशिष्ट प्राथमिकता श्रेणी निर्धारित नहीं की गई है, फिर भी वे सरकार द्वारा कार्यान्वित विद्यमान कौशल विकास योजनाओं के अंतर्गत योजना दिशानिर्देशों के अनुसार शामिल हैं।

स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) के अंतर्गत कौशल विकास पहलों के माध्यम से गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को कौशल विकास और उन्नत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक पहुंच प्राप्त करने के अवसर मिलते हैं। इनमें राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्‍यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रम भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मानकीकृत और उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण परिणाम सुनिश्चित करना है। एसआईडीएच को ई-श्रम पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है, जो असंगठित श्रमिकों, जिनमें गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक भी शामिल हैं, का एक राष्ट्रीय डेटाबेस है। यह एकीकरण लक्षित पहुंच को सक्षम बनाता है और कौशल विकास पहलों में उनकी भागीदारी को सुगम बनाता है। एसआईडीएच-ई-श्रम एकीकरण के माध्यम से, गिग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक कौशल विकास के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं, अपने कौशल और प्रमाणपत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड रख सकते हैं और अपनी रोजगारपरकता में सुधार कर सकते हैं।

कौशल विकास एवं उद्यमिता (एमएसडीई) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।                            

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पीके/केसी/एसकेजे/एम


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